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सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में मिली सजा रद्द की:पीड़िता को पति ने छोड़ा तो आरोपी ने ही शादी की, 10 लाख का मुआवजा भी दिया

सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में मिली सजा रद्द कर दी। कोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि आरोपी और पीड़िता ने बाद में शादी कर ली और आरोपी ने पीड़िता को 10 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया। कोर्ट का कहना है कि बालिग होने के बाद पीड़िता ने आरोपी से शादी कर ली थी। पीड़िता ने ही उसकी सजा रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी और पीड़िता अब समाज में पति-पत्नी की तरह शांतिपूर्वक जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं। 2019 में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने सजा सस्पेंड कर दी थी, लेकिन 2021 में केस खत्म करने की पीड़िता की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट ने विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर फैसला सुनाया सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए फैसला सुनाया। संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को यह अधिकार है कि वह अपने पास लंबित किसी भी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कोई भी आदेश पारित कर सके। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की बेंच ने कहा- मामले की खास परिस्थितियों को देखते हुए, हम अपीलकर्ता की दोषसिद्धि और सजा के फैसले को रद्द करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी व्यापक शक्तियों का इस्तेमाल करना उचित समझते हैं। यह फैसला पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1) के तहत लगे आरोप के संबंध में है और अपीलकर्ता को इस आरोप से बरी किया जाता है। अब पूरा मामला जानिए… यह मामला साल 2018 का है, तब पीड़िता नाबालिग थी। उसे इस व्यक्ति से प्रेम हो गया था। आरोपी को नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाने के अपराध में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद पीड़िता की किसी और युवक से शादी हो गई थी। लेकिन उसके पिछले रिश्ते के बारे में पता चलने के कुछ ही दिनों बाद ही पति ने उसे छोड़ दिया था। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी फिर पीड़िता के संपर्क में आया। दोनों के बीच सुलह हो गई और साल 2024 में दोनों ने शादी कर ली थी। शादी के बाद महिला ने अपने पति को पॉक्सो अधिनियम के तहत सुनाई गई सजा को रद्द करने का अनुरोध करते हुए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। --------------- ये खबरें भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताई: कहा- केंद्र रोमियो-जूलियट क्लॉज लाने पर विचार करे सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के यौन अपराधों से जुड़े सुरक्षा कानून पॉक्सो एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताई। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह 'रोमियो-जूलियट क्लॉज' लाने पर विचार करे, ताकि सहमति से बने असली टीनएज रिश्तों (किशोर अवस्था) को इस कानून के कड़े प्रावधानों से बाहर रखा जा सके। पूरी खबर पढ़ें… पोक्सो कोर्ट से मिली 20 साल की सजा रद्द: हाईकोर्ट ने अप्राकृतिक यौन अपराध के आरोपी को रिहा किया उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अप्राकृतिक यौन अपराध के एक आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट स्पेशल जज पोक्सो देहरादून द्वारा सुनाई गई 20 साल की सजा और 10 हजार रुपये के जुर्माने के मामले में बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने पोक्सो कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल:हादसे में बचे अकेले शख्स ने कहा- हमें यह जानने का हक है कि उस दिन हुआ क्या था

‘12 जून 2025 के उस मनहूस दिन को पूरा साल हो गया। पर मेरे लिए वक्त वहीं ठहरा है। लोग मुझे ‘चमत्कारी’ कहते हैं, क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हुआ, तो उसमें सवार 260 लोगों में से सिर्फ मैं अकेला जिंदा बचा था। पर सच कहूं, तो इस जिंदा रहने की कीमत मैं हर रोज अपनी आत्मा का एक हिस्सा देकर चुका रहा हूं। इस दुर्घटना के एकमात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार रमेश ने अपने भाई को भी इस क्रैश में खो दिया था। रमेश ने कहा कि हादसे की कैसी भी जांच हो, मेरा भाई तो नहीं लौटा सकती। लेकिन, हम सभी को यह जानने का पूरा हक है कि उस दिन हुआ क्या था। भावुक अपील में विश्वास ने जांचकर्ताओं द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले ‘ईमानदारी, पारदर्शिता की मांग की है। पढ़िए उन्होंने और क्या कहा… आज भी वह खौफनाक मंजर दिखाई देता है: रमेश रमेश ने कहा- आज भी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे वो चीखें, आग और वो खौफनाक मंजर दिखाई देता है। मैं बच तो गया, लेकिन गहरे मानसिक जख्मों के साथ। आज त्रासदी की पहली बरसी है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि जांच ‘अंतिम चरण’ में है और रिपोर्ट बरसी तक आ जाएगी। हादसे के ठीक 30 दिन बाद शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ पोजीशन पर आ गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। पर ऐसा क्यों हुआ? यह तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही? इस सवाल का जवाब सालभर बाद भी नहीं मिला है। उन्होंने आगे कहा- मुझे और मेरे जैसे सैकड़ों पीड़ित परिवारों को सिर्फ तीन चीजें चाहिए- ईमानदारी, पारदर्शिता और हमारे सवालों के जवाब। कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती, न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है। पर प्रभावित परिवारों को यह जानने का हक है कि उनके अपनों के साथ उस दिन क्या हुआ था। सदमे के चलते काम पर नहीं लौट पाया हूं: रमेश हादसे के बाद से मेरी जिंदगी पटरी से उतर चुकी है। एअर इंडिया ने मदद के लिए 21,500 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपए) दिए थे, पर वह रकम इस कड़वी हकीकत के सामने बहुत छोटी है। मानसिक आघात के कारण मैं काम पर सामान्य रूप से नहीं लौट पाया हूं। लंदन में मेरा परिवार हर महीने 1,000 पाउंड (एक लाख रु. से कम) में गुजारा करने को मजबूर है। मेरे प्रतिनिधि संजीव पटेल ने कई बार एअर इंडिया के सीईओ से मिलने का समय मांगा, पर उन्होंने जरूरी नहीं समझा। हाल में एअर इंडिया अधिकारियों व टाटा समूह प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, पर मुआवजे और मदद से जुड़े अहम मुद्दे अब भी अधर में हैं। ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद मुझे या अन्य ब्रिटिश पीड़ित परिवारों को यूके सरकार से मदद नहीं मिली। हमारे वकील कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि असली जिम्मेदार तय हो सके। एअर इंडिया प्रवक्ता संपर्क में होने की बात करते हैं, पर अब वादों से ज्यादा ठोस नतीजों की जरूरत है। हर दिन न्याय की उम्मीद में जागता हूं, ताकि मेरे जैसे सैकड़ों परिवार इस दर्द से थोड़ा सा उबर सकें।’ एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है। बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है। टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं। -------------- ये खबर भी पढ़ें... अहमदाबाद प्लेन क्रैश जिस हॉस्टल पर हुआ था, वह फिर बनेगा: सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल पर ₹105 करोड़ खर्च होंगे अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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FIFA वर्ल्ड कप के तीसरे दिन 5 मुकाबले:28 साल बाद ब्राजील-मोरक्को की भिड़ंत; तुर्की से कभी नहीं जीती ऑस्ट्रेलिया

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे दिन शनिवार को 5 मुकाबले खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच कतर और स्विट्जरलैंड के बीच खेला जाएगा। मैच सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला ब्राजील और मोरक्को के बीच सुबह 4:30 बजे से न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। तीसरा मैच सुबह 6:30 बजे से हैती और स्कॉटलैंड के बीच मियामी स्टेडियम में होगा। चौथा मैच सुबह 9:30 बजे से ऑस्ट्रेलिया और तुर्की के बीच सिएटल स्टेडियम में, जबकि 5वां मुकाबला जर्मनी और कुरासाओ के बीच ह्यूस्टन स्टेडियम में रात 10:30 बजे से खेला जाएगा। मैच-5: वर्ल्ड कप में पहली बार कतर और स्विट्जरलैंड की भिड़ंत ग्रुप-B में शामिल कतर और स्विट्जरलैंड के बीच अब तक सिर्फ 1 इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया है, जिसमें कतर ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे से भिड़ेंगी। कतर की टीम एशिया कप चैंपियन होने के हौसले के साथ उतरेगी और उसे अपने विंगर एडमिल्सन जूनियर से बेहतर खेल की उम्मीद होगी। वहीं, स्विट्जरलैंड की मजबूत यूरोपियन टीम अपने स्टार खिलाड़ी ग्रेनिट जाका के अनुभव के दम पर मैच जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कतर: अबुनाद, उई, मिगुएल, खुखी, अल-अमीन, अब्दुलसलाम, फाथी, लाये, अब्दुलरीसाग, अफीफ, जूनियर। स्विट्जरलैंड: कोबेल, विडमर, एलवेदी, अकांजी, रोड्रिगेज, एबिशर, जाका, फ्रायलर, एनडॉय, मनजांबी, अमदौनी। मैच-6: 1998 वर्ल्ड कप में ब्राजील ने मोरक्को को हराया था ग्रुप-C में शामिल पांच बार की चैंपियन ब्राजील और मोरक्को के बीच अब तक कुल 3 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 2 मैच ब्राजील ने जीते हैं और एक में उसे हार मिली है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें 28 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1998 के वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां ब्राजील ने मोरक्को को 3-0 से मात दी थी। नेमार की गैरमौजूदगी में ब्राजील की नजरें विनिसियस जूनियर और राफिन्हा पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, मोरक्को की टीम अपने स्टार खिलाड़ी अचरफ हकीमी और ब्राहिम डियाज के दम पर ब्राजील को कड़ी चुनौती देगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ब्राजील: एलिसन, डैनिलो, मार्विनहोस, गैब्रियल, सैंड्रो, कैसीमिरो, गुइमारेस, राफिन्हा, पाकेता, विनीसियस जूनियर, कुन्हा। मोरक्को: बोनो, हकीमी, डियोप, रियाद, मजरौई, अमराबत, एल आयनाउई, औनाही, डियाज, सैबारी, एल खन्नौस। मैच-7: हैती और स्कॉटलैंड के बीच कड़ा मुकाबला ग्रुप-F में शामिल हैती और स्कॉटलैंड के बीच अब तक कुल 2 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से स्कॉटलैंड ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमों के बीच यह पहली भिड़ंत होगी, जहां हैती की टीम स्कॉटलैंड के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश में उतरेगी। हैती: प्लेसाइड, आर्कस, अदे, डेलक्रोइक्स, एक्सपीरियंस, डीडसन, जीन जैक्स, बेलेगार्डे, प्रोविडेंस, इसिडोर, नाजोन। स्कॉटलैंड: गन, हिकी, हेनली, सुतार, रॉबर्टसन, डोक, मैकटॉमिने, फर्गुसन, मैकगिन, एडम्स, शेंकलैंड। मैच-8: ऑस्ट्रेलिया से नहीं हारी तुर्की ग्रुप-D में शामिल ऑस्ट्रेलिया और तुर्की के बीच अब तक कुल 2 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में तुर्की का पलड़ा भारी है, जिसने दोनों ही मैचों में ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। ऑस्ट्रेलिया: रयान, इटालियानो, सिर्काती, सुतार, हेरिंगटन, बोस, मेटकाफ, इरविन, ओ'नील, लेकी, टूरे। तुर्की: चाकिर, चेलिक, डेमिरल, बरदाकची, एल्माली, चालहानोग्लू, युकसेक, गुलर, कोकचू, यिलमाज, गुल। मैच-9: जर्मनी के खिलाफ ऐतिहासिक डेब्यू करेगी कुरासाओ की टीम ग्रुप-E में शामिल 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और कैरेबियाई देश कुरासाओ के बीच यह पहला मुकाबला होगा। कुरासाओ इतिहास में पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। जर्मनी को फ्लोरियन विर्ट्ज और जमाल मुसियाला जैसे युवा सितारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जर्मनी: नोयर, किमिच, ताह, रुडिगर, रॉम, गोरेट्जका, पावलोविच, विर्ट्ज, मुसियाला, हावर्ट्ज, उंडाव। कुरासाओ: रूम, ब्रेनेट, गारी, ओबिस्पो, फ्लोरानस, एल. बकुना, जे. बकुना, गोरे, चोंग, कस्तानीर, मार्गरीथा। -------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टाइटल जीतने का सबसे बड़ा दावेदार स्पेन फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है। दुनिया की 48 बेस्ट टीमें खिताब के लिए भिड़ रही हैं। ऑप्टा सुपरकंप्यूटर और EPSN ने एनालिसिस किया और कहा कि इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ा दावेदार स्पेन है। पढ़ें पूरी खबर Fri, 12 Jun 2026 23:52:13

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