ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: 'खार्ग द्वीप' पर होगा अमेरिका का कब्जा, तेल उद्योग को तहस-नहस करने की चेतावनी
US-Iran Conflict: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक बड़े युद्ध का रूप लेता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन घातक हमले हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान पर 'बहुत कड़ा प्रहार' करेगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है कि आने वाले समय में अमेरिका ईरान के तेल और गैस उद्योग पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर सकता है, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'खार्ग द्वीप' भी शामिल है।
दूसरे दिन भी जारी रहा हमलों का सिलसिला
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 48 घंटों से जारी हमलों ने पूरे मध्य पूर्व को हिला कर रख दिया है। गुरुवार सुबह तक चले अमेरिकी हवाई हमलों का दायरा पिछले दिन की तुलना में काफी बड़ा और तीव्र बताया जा रहा है। हालांकि, ईरान की ओर से हुए नुकसान के बारे में बहुत कम जानकारी साझा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के क्षेत्रों को निशाना बनाया है।
The United States will be hitting Iran (Whose Navy, Air Force, Radar, Anti Aircraft, and all other forms of Defense, together with most its offensive capability, are GONE!), VERY HARD TONIGHT. At some point in the not too distant future, we will be taking Kharg Island, and other… pic.twitter.com/RPeL3khVrr
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 11, 2026
ब्लॉक किए ईरानी बंदरगाह, तेल टैंकर को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना ने ईरान पर अपना दबाव बढ़ाते हुए वहां के बंदरगाहों की नाकेबंदी को और सख्त कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, उन्होंने एक ईरानी तेल टैंकर को मिसाइल हमले से निष्क्रिय कर दिया, जो नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहा था। भारतीय अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि इसी तरह की एक पूर्व अमेरिकी स्ट्राइक में तीन भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है, जो समुद्री मार्गों की खतरनाक स्थिति को दर्शाता है।
युद्धविराम और वार्ता की कोशिशें बेअसर
दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि वार्ता में गतिरोध के लिए तेहरान को 'भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी हमलों ने मौजूदा युद्धविराम को पूरी तरह से अर्थहीन बना दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व की लड़ाई
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना पिछले महीने से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रडार उपकरणों को नष्ट कर गुप्त रूप से तेल शिपमेंट निकालने का मिशन चला रही है। ट्रंप के अनुसार, इस प्रयास से अब तक 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल ईरानी नियंत्रण से बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन समुद्री मार्ग अब भी नाविकों के लिए बेहद खतरनाक बना हुआ है।
श्री सारिपुत्र एवं श्री महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेषों की मंगोलिया प्रवास उपरांत भोपाल वापसी पर हुआ भव्य स्वागत
भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्यों श्री सारिपुत्र एवं श्री महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेष मंगोलिया के दस दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास के उपरांत गुरुवार को भोपाल स्थित राजा भोज विमानतल पहुंचे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमा के साथ स्वागत समारोह आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों ने पुष्पवर्षा कर पवित्र अवशेषों का आत्मीय अभिनंदन किया।
यह अतिथि रहें मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो एवं बान गल विमल तिस्स थेरो, संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव तथा मंगोलिया प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के माध्यम
उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भगवान बुद्ध द्वारा प्रदत्त शांति, करुणा और मानव कल्याण का संदेश आज भी विश्व को दिशा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के माध्यम से इसी मानवीय और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों तक भगवान बुद्ध का संदेश पहुंचा है, वहां भारत के साथ सांस्कृतिक आत्मीयता और आध्यात्मिक जुड़ाव की मजबूत आधारशिला निर्मित हुई है।
पवित्र अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की
अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयासों से भगवान बुद्ध एवं उनके प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन विश्व के बौद्ध समुदायों को उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगोलिया के गंदन मठ में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर
महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो ने भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रयासों से विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा पवित्र अवशेष महाबोधि सोसायटी एवं जिला प्रशासन रायसेन को विधिवत सुपुर्द किए गए। कार्यक्रम के अंत में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन के संचालक कर्नल यश सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।
मंगोलिया में एक लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उल्लेखनीय है कि पवित्र अस्थि अवशेष 28 मई 2026 को भोपाल से मंगोलिया रवाना किए गए थे। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर स्थित गंदन तेगचेनलिंग मठ में 31 मई से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित किए गए। दस दिनों तक चली इस आध्यात्मिक प्रदर्शनी में मंगोलिया के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत और मंगोलिया बौद्ध धर्म की साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं। पवित्र अवशेषों की यह यात्रा, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। 10 जून को भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन पवित्र अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पुनः भारत लेकर आया।
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