श्री सारिपुत्र एवं श्री महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेषों की मंगोलिया प्रवास उपरांत भोपाल वापसी पर हुआ भव्य स्वागत
भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्यों श्री सारिपुत्र एवं श्री महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेष मंगोलिया के दस दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास के उपरांत गुरुवार को भोपाल स्थित राजा भोज विमानतल पहुंचे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमा के साथ स्वागत समारोह आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों ने पुष्पवर्षा कर पवित्र अवशेषों का आत्मीय अभिनंदन किया।
यह अतिथि रहें मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो एवं बान गल विमल तिस्स थेरो, संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव तथा मंगोलिया प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के माध्यम
उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भगवान बुद्ध द्वारा प्रदत्त शांति, करुणा और मानव कल्याण का संदेश आज भी विश्व को दिशा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के माध्यम से इसी मानवीय और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों तक भगवान बुद्ध का संदेश पहुंचा है, वहां भारत के साथ सांस्कृतिक आत्मीयता और आध्यात्मिक जुड़ाव की मजबूत आधारशिला निर्मित हुई है।
पवित्र अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की
अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयासों से भगवान बुद्ध एवं उनके प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन विश्व के बौद्ध समुदायों को उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगोलिया के गंदन मठ में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर
महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो ने भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रयासों से विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा पवित्र अवशेष महाबोधि सोसायटी एवं जिला प्रशासन रायसेन को विधिवत सुपुर्द किए गए। कार्यक्रम के अंत में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन के संचालक कर्नल यश सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।
मंगोलिया में एक लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उल्लेखनीय है कि पवित्र अस्थि अवशेष 28 मई 2026 को भोपाल से मंगोलिया रवाना किए गए थे। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर स्थित गंदन तेगचेनलिंग मठ में 31 मई से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित किए गए। दस दिनों तक चली इस आध्यात्मिक प्रदर्शनी में मंगोलिया के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत और मंगोलिया बौद्ध धर्म की साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं। पवित्र अवशेषों की यह यात्रा, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। 10 जून को भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन पवित्र अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पुनः भारत लेकर आया।
कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का दबदबा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत 3 उम्मीदवार निर्विरोध जीते, 1 सीट भाजपा के खाते में
कर्नाटक में विधानसभा की मौजूदा सियासी तस्वीर को दर्शाते हुए राज्यसभा की चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने अपनी मजबूत स्थिति का पुनः प्रदर्शन किया है। सत्ताधारी कांग्रेस ने अपने सभी तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित कराकर शानदार सफलता अर्जित की है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा व वरिष्ठ नेता मंसूर अली खान शामिल हैं। इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एम. नागराज भी निर्विरोध चुने गए हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत मैदान में उतरे प्रत्याशियों की संख्या और उपलब्ध पदों की संख्या समान होने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। फलस्वरूप, कर्नाटक से चारों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा हुई। यह परिणाम कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूत सियासी स्थिति को एक बार फिर रेखांकित करता है, जहाँ सरकार में होने के कारण कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त प्राप्त हुई है।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे समेत तीन उम्मीदवार विजयी
कांग्रेस के लिए यह निर्विरोध विजय अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय राजनीति के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का राज्यसभा में प्रवेश अत्यंत अहम है। उनका उच्च सदन में उपस्थित होना पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को और मजबूती प्रदान करेगा तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी अनुभवी आवाज सदन में सुनाई देगी। उधर, पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा, जो कांग्रेस आलाकमान के निकटस्थ माने जाते हैं, का उच्च सदन पहुंचना पार्टी की रणनीतिक सुदृढ़ता का स्पष्ट संकेत है। यह दर्शाता है कि पार्टी अपने प्रमुख विचारों को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में अग्रसर है। इसके अतिरिक्त, मंसूर अली खान का निर्वाचन पार्टी की सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन की राजनीति का एक अभिन्न अंग माना जा रहा है, जो विभिन्न समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ को सुदृढ़ करता है।
भाजपा प्रत्याशी एम. नागराज भी निर्विरोध जीते
दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी एम. नागराज का निर्विरोध निर्वाचन भी पार्टी के लिए राहत की बात है। कर्नाटक विधानसभा में अपने विधायकों की संख्याबल के आधार पर भाजपा ने एक सीट पर दावा किया था, जिसमें उसे सफलता मिली। यह परिणाम भाजपा के लिए भी संतोषजनक माना जा रहा है, क्योंकि उसने अपनी निर्धारित सीट पर बिना किसी चुनौती के जीत हासिल की है।
इन राज्यसभा चुनावों का परिणाम कर्नाटक की वर्तमान सियासी तस्वीर को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ सत्तासीन कांग्रेस सरकार में होने के कारण मजबूत स्थिति में परिलक्षित होती है। सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने से यह भी स्पष्ट हुआ कि किसी भी दल ने अतिरिक्त प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले की स्थिति निर्मित नहीं की। इन परिणामों के उपरांत, कर्नाटक से राज्यसभा में प्रवेश करने वाले चारों उम्मीदवार – मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा, मंसूर अली खान व एम. नागराज – का कार्यकाल शीघ्र प्रारंभ होगा। वे उच्च सदन में अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टियों का प्रतिनिधित्व करेंगे और राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाएंगे।




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