India-Nepal News: नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर लगाया बैन? भारत सरकार का आया बयान
India-Nepal Relations: भारत सरकार ने भारतीय आमों के आयात पर नेपाल में रोक लगाए जाने संबंधी कुछ मीडिया रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि नेपाल को होने वाला भारतीय आमों का निर्यात बिना किसी बाधा के लगातार जारी है
Explainer: एथेनॉल वाला पेट्रोल सस्ता होगा! भारत में 4 कैटेगरी में मिलता है Petrol, 4 नई श्रेणियां और होंगी लॉन्च, जानें क्या होता है अंतर?
Petrol Categories In India: पेट्रोल पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से एक्साइज ड्यूटी हटाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि इसके लिए कुछ श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से पेट्रोल का रेट तय होगा। यह एथेनॉल की मात्रा पर निर्भर करेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत में कितने प्रकार का पेट्रोल मिलता है और एक्साइज ड्यूटी की छूट किस कैटेगरी के पेट्रोल को मिलेगी। आइए जानते हैं।
वर्तमान में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स होकर मिल रहा है। इसे E-20 पेट्रोल कहा जाता है। सरकार ने पेट्रोल में 22% या उससे ज्यादा एथेनॉल मिलाने पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) हटा दिया है। यानी अगर पेट्रोल में 22 प्रतिशत या उससे ज्यादा एथेनाॉल मिला तो उस पर सरकार अब एक्साइज ड्यूटी नहीं लेगी। इससे यह पेट्रोल उतना सस्ता हो जाएगा, जितनी एक्साइज ड्यूटी हटाई जाएगी।
कितनी कैटेगरी में होगा पेट्रोल?
वर्तमान में भारत में पेट्रोल मुख्यतः 4 प्रमुख ऑक्टेन रेटिंग और एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blended) कैटेगरी में मिलता है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और शेल अलग-अलग कंपनियों के अनुसार इनके नाम अलग हो सकते हैं।
1. नॉर्मल पेट्रोल या E-20
ऑक्टेन रेटिंग: 91
मिश्रण: वर्तमान में अधिकतर पेट्रोल पंपों पर यही ईंधन मिलता है, जिसमें 80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल होता है।
उपयोग: सभी आम दोपहिया वाहनों और कारों के लिए।
2. एक्स्ट्रा-प्रीमियम पेट्रोल
ऑक्टेन रेटिंग: 91-93
मिश्रण: 5% एथेनॉल और अन्य इंजन क्लीनिंग एडिटिव्स।
उपयोग: यह सामान्य से थोड़ा बेहतर होता है, जो इंजन की कार्यक्षमता और माइलेज बढ़ाता है।
3. हाई-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल
ऑक्टेन रेटिंग: 95 से 99 (जैसे- इंडियन ऑयल का XP95, BPCL का Speed 97)
उपयोग: लग्जरी गाड़ियों और स्पोर्ट्स वाहनों के लिए जो बेहतरीन पिक-अप और एक्सीलरेशन मांगते हैं।
4. सुपर प्रीमियम पेट्रोल
ऑक्टेन रेटिंग: 100 (जैसे- इंडियन ऑयल का XP100)
मिश्रण: 0% एथेनॉल।
उपयोग: विशेष रूप से सुपरबाइक्स, रेसिंग कारों और हाई-परफॉर्मेंस वाले लग्जरी इंजन के लिए।
अब ये कैटेगरी लांच करने की तैयारी
फ्लेक्स फ्यूल (E85 और अन्य): पर्यावरण और स्वदेशी ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब 22%, 30% और 85% एथेनॉल मिश्रण वाले फ्लेक्स फ्यूल (E-22, E-25, E-27, E-30 ) को भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।
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अलग-अलग पेट्रोल की कितनी कीमत
समझने के लिए केवल दिल्ली की बात करते हैं। दिल्ली में इन पेट्रोल की कीमत है-
नॉर्मल पेट्रोल- ₹102.12 प्रति लीटर
एक्स्ट्रा-प्रीमियम पेट्रोल- 101.80 से ₹104.50 प्रति
हाई-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल- लगभग ₹109 से ₹112 प्रति लीटर
सुपर प्रीमियम पेट्रोल- ₹160 प्रति लीटर
कौन सा पेट्रोल सस्ता होगा?
भारत में E-20 पेट्रोल के अलावा अब E-22, E-25, E-27, E-30 पेट्रोल लॉन्च करने की तैयारी हो रही है। E-22, E-25, E-27, E-30 पर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी हटाने का फैसला लिया है। यानी अब यह पेट्रोल सामान्य से सस्ता मिलेगा। भारत में विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने के लिए, सरकार ने 22% से 30% तक उच्च स्तर के इथेनॉल (E22, E25, E27 और E30) मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह से हटाकर शून्य (Zero) कर दिया है।
कितनी सस्ता होगा पेट्रोल
केंद्र सरकार सामान्य पेट्रोल पर 11.90 रुपये प्रति लीटर और ब्रैंडेड पेट्रोल पर 13.90 रुपये प्रति लीटर तक की एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) लगाती है। इसमें ₹1.40 प्रति लीटर की बेसिक एक्साइज ड्यूटी, ₹13.00 प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल ड्यूटी, ₹2.50 प्रति लीटर की कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर सेस और ₹5.00 प्रति लीटर की रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल होता है। यही एक्साइज ड्यूटी हटाकर पेट्रोल का रेट उतना कम हो जाएगा। यानी अगर कहीं पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर है तो अब वहां पर E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल 11.90 रुपये कम मिलेगा। यानी पेट्रोल 88.1 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।
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क्या होती है एक्साइज ड्यूटी?
एक्साइज ड्यूटी एक तरह का अप्रत्यक्ष टैक्स है। ये उन चीजों पर लगता है जो देश में ही बनती या तैयार होती हैं। सरकार ये टैक्स फैक्ट्री या कंपनी से लेती है। कंपनियां फिर इस टैक्स को अपने सामान की कीमत में जोड़ देती हैं। आखिर में ये पैसा ग्राहक की जेब से ही जाता है। आजकल ज्यादातर चीजों पर एक्साइज ड्यूटी हट गई है और GST लगने लगा है। लेकिन पेट्रोल-डीजल, शराब, तंबाकू जैसी कुछ चीजों पर अभी भी एक्साइज ड्यूटी लगती है।
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