Banana Buying: केले खरीदते वक्त आप तो नहीं करते ये गलती? इन बातों को ध्यान रखकर करें खरीदी
Banana Buying Tips: केला ऐसा फल है जो लगभग हर घर में पसंद किया जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ ऊर्जा, फाइबर, पोटैशियम और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। लेकिन अक्सर लोग केले खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिसके कारण फल जल्दी खराब हो जाता है या उसका स्वाद वैसा नहीं मिलता जैसा होना चाहिए।
बाजार में केले की कई किस्में और गुणवत्ता उपलब्ध होती हैं। देखने में अच्छे लगने वाले केले भी कई बार अंदर से खराब निकल सकते हैं। ऐसे में अगर आप कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें तो लंबे समय तक ताजे और स्वादिष्ट केले घर ला सकते हैं। आइए जानते हैं केले खरीदते समय किन बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
केले खरीदते वक्त ध्यान रखने वाली बातें
बहुत ज्यादा हरे केले न खरीदें
अगर आप केले तुरंत खाने के लिए खरीद रहे हैं तो पूरी तरह हरे केले लेने से बचें। ऐसे केले पकने में कई दिन लगा सकते हैं और कई बार स्वाद भी कम मीठा होता है। हल्के पीले रंग वाले केले बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
छिलके पर ज्यादा काले धब्बे न हों
केले के छिलके पर हल्के भूरे धब्बे सामान्य माने जाते हैं, लेकिन अगर धब्बे बहुत ज्यादा हों या छिलका काला पड़ चुका हो तो यह अधिक पकने या खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसे केले जल्दी खराब हो सकते हैं।
डंठल जरूर जांचें
केले का डंठल उसकी ताजगी का संकेत देता है। यदि डंठल हरा और मजबूत दिखाई दे रहा है तो फल अपेक्षाकृत ताजा माना जा सकता है। सूखा या सड़ा हुआ डंठल पुराने केले की ओर इशारा कर सकता है।
दबाकर न खरीदें
कई लोग केले की गुणवत्ता जांचने के लिए उसे जोर से दबाते हैं। इससे फल को नुकसान पहुंच सकता है और वह जल्दी खराब हो सकता है। खरीदते समय केवल हल्के हाथ से उसकी मजबूती जांचें।
केले की खुशबू पर ध्यान दें
ताजे और पके हुए केले से हल्की मीठी खुशबू आती है। यदि केले से खट्टी या अजीब गंध आ रही हो तो उसे खरीदने से बचना बेहतर हो सकता है।
घर लाने के बाद कैसे रखें केले?
- केले को सीधी धूप से दूर रखें।
- फ्रिज में रखने से छिलका काला पड़ सकता है, इसलिए सामान्य तापमान पर रखना बेहतर होता है।
- केले को अन्य फलों से अलग रखने पर वे अधिक समय तक ताजे रह सकते हैं।
- बहुत अधिक पके केले को स्मूदी, शेक या बेकिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है।
केला खरीदते समय याद रखें ये बात
फल खरीदते समय केवल रंग देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। छिलके की स्थिति, डंठल की ताजगी, बनावट और खुशबू जैसे संकेत भी गुणवत्ता पहचानने में मदद करते हैं। सही तरीके से चुने गए केले न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि लंबे समय तक उपयोग में भी आते हैं।
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लेखक: (कीर्ति)
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नियमित स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज़ से कमर की मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यही वजह है कि सुबह के समय कुछ आसान एक्सरसाइज़ करने से कमर की जकड़न से राहत मिल सकती है।
कमर जकड़न से राहत दिलाएंगी 5 एक्सरसाइज़
नी-टू-चेस्ट स्ट्रेच
यह एक्सरसाइज़ कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को आराम देती है। पीठ के बल लेट जाएं और एक घुटने को धीरे-धीरे छाती की ओर खींचें। 15 से 20 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर दूसरे पैर से दोहराएं। यह स्ट्रेच कमर की अकड़न कम करने में मदद करता है।
कैट-काउ स्ट्रेच
योग की यह लोकप्रिय एक्सरसाइज़ रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करती है। हाथों और घुटनों के बल आ जाएं। सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं और सिर ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें। इसे 10 से 15 बार दोहराएं।
चाइल्ड पोज़
यह योगासन कमर और कूल्हों की मांसपेशियों को आराम देता है। घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे की ओर झुकाएं और हाथों को सामने फैलाएं। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें। यह एक्सरसाइज़ तनाव कम करने के साथ-साथ कमर को स्ट्रेच भी करती है।
पेल्विक टिल्ट
पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ लें और पैरों को जमीन पर रखें। अब पेट की मांसपेशियों को कसते हुए कमर को फर्श की ओर दबाएं। कुछ सेकंड रुककर सामान्य स्थिति में लौट आएं। इसे 10 से 15 बार दोहराएं। यह कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है।
ब्रिज एक्सरसाइज़
पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ लें और पैरों को जमीन पर रखें। अब धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड तक रुकें। फिर वापस नीचे आ जाएं। यह एक्सरसाइज़ कमर, कूल्हों और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें।
- सही पोस्चर बनाए रखें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- वजन को नियंत्रित रखें।
- यदि दर्द लगातार बना रहे तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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