डिंपल कपाड़िया अक्षय कुमार को समझती थीं गे! ट्विंकल खन्ना से शादी करने से पहले एक्टर को कराना पड़ा जेनेटिक टेस्ट
Dimple Kapadia-Akshay Kumar: बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया (Dimple Kapadia) ने आज अपना जन्मदिन मनाया. उनका जन्म 8 जून 1957 को हुआ था. उन्होंने बहुत ही कम उम्र में ही स्टारडम हासिल कर लिया था, अपने काम के जरिए उन्होंने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है. फिल्मों के अलावा उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई किस्से भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. ऐसा ही एक किस्सा उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार की शादी से जुड़ा है, जब डिंपल को किसी ने बताया था कि अक्षय कुमार 'गे' हैं. इस बात ने उन्हें इतना परेशान कर दिया कि उन्होंने शादी से पहले अक्षय के सामने एक बड़ी शर्त रख दी थी कि उन्हें अपना जेनेटिक टेस्ट कराना होगा. आइए विस्तार से इस बारे में जानते हैं-
डिंपल कपाड़िया अक्षय कुमार को समझती थीं गे!
अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की लव स्टोरी की शुरुआत एक मैगजीन फोटोशूट के दौरान हुई थी. पहली मुलाकात में ही अक्षय ट्विंकल को दिल दे बैठे थे. इसी दौरान उनका किसी और से ब्रेकअप भी हुआ था और वह किसी सीरियस रिलेशन को लेकर नहीं सोच रही थीं. हालांकि दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई.
इसी बीच जब अक्षय और ट्विंकल ने शादी करने का फैसला किया तो तब डिंपल कपाड़िया को अपनी बेटी के फ्यूचर को लेकर टेंशन होने लगी. मीडिया रिपोर्ट्स और पुराने इंटरव्यूज के मुताबिक, डिंपल की एक दोस्त ने उन्हें बताया था कि अक्षय कुमार 'गे' हैं. यह बात सुनकर डिंपल हैरान रह गईं. जिसके बाद उन्होंने खुद इस मामले की पड़ताल की.
शादी से पहले रखी थी अनोखी शर्त
अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की दोस्ती जब आगे बढ़ी तो दोनों शादी करने का फैसला किया. लेकिन डिंपल कपाड़िया पूरी संतुष्ट होना चाहती थी कि अक्षय गे हैं या नहीं. इसके बाद उन्होंने एक्टर के सामने शर्त रखी कि उनकी बेटी से शादी करने के लिए उन्हें अपना जेनेटिक टेस्ट कराना पड़ेगा. हालांकि, इस शर्त पर अक्षय कुमार ने किसी तरह आपत्ति नहीं जताई और टेस्ट करवाने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद जब रिपोर्ट आई तो उसमें सब कुछ नॉर्मल पाया गया. इसके साथ ही डिंपल की सारे शक दूर हो गए. आपको बता दें कि इस घटना का जिक्र खुद अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना ने करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' में किया था. उस दौरान बयान ने काफी सुर्खियां बटोरी थी.
मेला प्लॉप हुई तो दोनों ने की शादी
अक्षय कुमार के सामने सिर्फ डिंपल ने ही शर्त नहीं रखी बल्कि उनकी बेटी ट्विंकल ने भी अनोखी शर्ती रखी थी. दरअसल, साल 2000 में ट्विंकल खन्ना की फिल्म 'मेला' रिलीज होने वाली थी और उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन करेगी.
इसको लेकर ट्विंकल ने अक्षय से कहा था कि अगर 'मेला' फ्लॉप हो गई तो वह उनसे शादी करेंगी. हालांकि, किस्मत को कुछ और मंजूर था और फिल्म प्लॉप साबित हुई. इसके बाद ट्विंकल ने अपना वादा निभाया और अक्षय कुमार से साल 2001 में शादी कर ली.
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आज भी एक्टिंग की दुनिया में हैं एक्टिव डिंपल कपाड़िया
डिंपल कपाड़िया ने अपने लंबे करियर में खुद को हर दौर के साथ ढाला है. वह कई शानदार फिल्मों का हिस्सा रही हैं. इसमें 'पठान', 'मर्डर मुबारक', 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' और वेब सीरीज 'सास, बहू और फ्लेमिंगो' जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. उन्होंने हॉलीवुड फिल्म 'टेनेट' में भी काम कर इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई. 78 साल की उम्र में भी डिंपल एक सक्सेसफुल एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की चुंनिदा कलाकारों में गिनी जाती हैं.
Emergency Fund: अचानक आने वाले खर्चों से बचाने वाला आपका वित्तीय सुरक्षा कवच
अचानक आए बड़े खर्चों की वजह से आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, जिससे आपको अब लगता है कि अगर आपने Emergency Fund जमा किया होता, तो यह समस्या नहीं आती. ऐसे में, अगर आप अब बचत करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आप अभी से अपने लिए इमरजेंसी फंड तैयार कर सकते हैं. इमरजेंसी फंड अचानक आने वाले खर्चों के लिए अलग रखा जाता है.
इमरजेंसी फंड क्या होता है?
इस फंड का इस्तेमाल परिवार में अचानक बीमारी या नौकरी छूटने जैसी स्थितियों में किया जाता है. इसका मकसद अचानक आए संकटों से निपटना है. इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल गैर-जरूरी खर्चों के लिए नहीं किया जाना चाहिए. एक बार फंड का इस्तेमाल हो जाने के बाद, इसे आपकी आर्थिक स्थिति और लक्ष्यों के आधार पर फिर से भर लेना चाहिए.
Emergency Fund कैसे काम करते हैं
इमरजेंसी फंड से अचानक नौकरी छूटने, मेडिकल इमरजेंसी के खर्च, घर की मरम्मत या दूसरे आर्थिक संकट जैसी स्थितियों को संभालने में मददगार हो सकते हैं. ऐसे अचानक होने वाले खर्च आपकी आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ सकते हैं इसलिए इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है. अचानक आने वाली मुश्किलों से तनाव हो सकता है और आपकी बचत पर असर पड़ सकता है. साथ ही ऐसी स्थितियों में कर्ज भी बढ़ सकता है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि तीन से छह महीने के खर्च के बराबर एक इमरजेंसी फंड बनाकर रखना चाहिए.
अपना इमरजेंसी फंड कैसे बनाएँ
किसी भी तरह का फंड बनाने के लिए समय और अनुशासन की जरूरत होती है जैसे अगर आप कार खरीदना चाहते हैं, तो आपको अपनी सैलरी, बिज़नेस आदि से पैसे बचाने शुरू करने होंगे. अगर बचत में बहुत ज्यादा समय लग रहा है तो आपको फालतू खर्चों जैसे बाहर खाना-पीना, मनोरंजन और सब्सक्रिप्शन सर्विस में कटौती करनी चाहिए. वहीं, अगर आप अपने इमरजेंसी फंड से पैसे निकालते हैं तो आपको यह पक्का करना चाहिए कि आप उसे दोबारा भर लें.
अपना Emergency Fund कैसे रखें
- आपको अपना इमरजेंसी फंड ऐसे अकाउंट में रखना चाहिए जिसमें आसानी से पैसे जमा किए जा सकें और निकाले जा सकें जैसे कि लिक्विड अकाउंट! इससे यह पक्का होता है कि आप बिना किसी परेशानी, फीस या पेनल्टी के अपने पैसे का इस्तेमाल कर सकें.
- हाई-यील्ड सेविंग्स अकाउंट में प्रोवाइडर से मिलने वाले ब्याज की वजह से समय के साथ आपका बैलेंस बढ़ता रहता है.
- मनी मार्केट अकाउंट में चेकिंग और सेविंग्स अकाउंट दोनों के फायदे मिलते हैं.
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