Explainer: क्या अब इजरायल पर भारी पड़ेगा ईरान? 60 दिनों की तैयारी ने आयरन डोम को किया बेअसर, जानें दोनों देशों की ताकत
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल हो चुकी है. एक बार फिर जंग का बिगुल बज चुका है. सोमवार को ईरान ने इजरायल के दो ऐसे ठिकानों पर हमला किया, जिन्हें काफी महफूज समझा जाता था. इसके साथ ही पश्चिम एशिया में युद्ध की आग भड़क उठी है. इजरायली तेवर के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी एयरबेस पर गोले दागे हैं.
ईरान ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन नसर’ का नाम दिया है. IRGC ने जानकारी दी कि लड़ाकों ने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफएयरबेस को टारगेट किया. आपको बता दें कि दोनों ठिकाने इजरायल की वायुसेना के सबसे रणनीतिक और अहम ठिकानों गिने जाते हैं. इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के लिए ईरान का यहां तक पहुंच जाना उसके लिए हैरत की बात है. लेबनान पर इजरायली हमलों को लेकर ईरान कई बार निंदा कर चुका है. उसने अमेरिका से कई बार कहा है कि वो इजरायल को रोके. जब इजरायल ने हमलों जारी रखे तो ईरान खुद ही बड़े हमलों को अंजाम दिया.
बड़े युद्ध की तैयारी कर ली
डिफेंस एक्सपर्ट के के सिन्हा के अनुसार, ईरान ने 60 दिन के युद्धविराम में बड़े युद्ध की तैयारी कर ली है. उसे चीन और रूस का सपोर्ट मिला है. ऐसे में ईरान कभी भी इजरायल पर चौंकाने वाले हमले कर सकता है. उसके पास ऐसे हथियार पहुंच चुके हैं जो इजरायल के टारगेट को सटीक हिट कर सकते हैं. ईरान अब अपनी पुरानी गलतियों से सीख चुका है. वह अब हर कदम को फूंककर आगे बढ़ा रहा है.
इजरायल के एयरबेस, जिसे तबाह किया गया
यह इजरायल का सबसे अत्याधुनिक एयरबेस है. इजराइल के अत्याधुनिक F-35I Adir स्टील्थ लड़ाकू विमान यहां पर तैनात हैं. इन जेट्स के जरिए इजरायल लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखते हैं. इस बेस से इजरायल मध्य पूर्व के किसी भी भाग में हमला कर सकता है. इससे इजरायल की हवाई ताकत को झटका लगा है. गाजा, लेबनान, सीरिया और ईरान से जुड़े अभियानों में इस जगह की अहम भूमिका रही है.
ईरान के रडार पर इजरायली अड्डे
ईरान के अनुसार, यह हमला इजरायल की ओर ईरान के तीन रडार साइट्स पर किए मिसाइल हमलों का जवाब है. इजरायल ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित महशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर अटैक किया था. यह क्षेत्र ईरान का ऊर्जा केंद्र रहा है. इजरायल के कई शहरों में रेड सायरन की आवाजें सुनाई दे रही थीं. ईरान ने इजरायल की ओर से मिसाइलें दागीं हैं. उन्हें इजरायली डिफेंस सिस्टम ने रोकने का प्रयास किया. इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है.
दोनों देशों की ताकत
ईरान के पास बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और क्षेत्रीय सहयोगी समूह हैं.लंबे युद्ध में वह इजरायल पर लगातार दबाव बना सकता है. उसकी वायुसेना, खुफिया क्षमता और मिसाइल रक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में गिनी जाती हैं. अगर यह युद्ध लंबा चलता है तो ईरान अपनी भौगोलिक गहराई, मिसाइल भंडार और क्षेत्रीय नेटवर्क के कारण इजरायल को आर्थिक और सुरक्षा लागत बढ़ाने पर मजबूर कर देगा. अगर सीधा पारंपरिक युद्ध हो तो इजरायल की तकनीकी बढ़त और पश्चिमी समर्थन उसे काफी लाभ देगा.
इजरायल की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइलें
जेरिको-3: जेरिको सीरीज (Jericho Series) इजरायल की सबसे घातक इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल सीरीज है. 'जेरिको-3' परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इसकी मारक क्षमता पूरे मध्य पूर्व में सटीक निशाना साधने में सक्षम है.
परमाणु हथियार (Nuclear Weapons): वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो इजरायल के पास करीब 90 से 400 परमाणु हथियार होने का अनुमान है. हालांकि, इजरायल ने आधिकारिक तौर पर कभी भी परमाणु क्षमता पुष्टि नहीं की और न ही खंडन किया है.
आयरन डोम (Iron Dome): यह विश्व का सबसे प्रसिद्ध और गतिशील शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है. यह दुश्मन की ओर से दागे गए रॉकेट,मोर्टार और ड्रोन को हवा में ट्रैक करने तबाह कर देता है.
एयरो मिसाइल (Arrow): यह लंबी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को अंतरिक्ष की सीमा के पास मार गिराने वाले आधुनिक रक्षा कवच की तरह है.
आयरन बीम (Iron Beam): यह इजरायल का नया हाई-पावर लेजर हथियार है. इसे राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम ने विकसित किया. यह बिना किसी मिसाइल के एक अदृश्य लेजर बीम की गर्मी से दुनिया के ड्रोन और रॉकेट हवा में जलाकर खाक कर देता है.
F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स: इजरायल के करीब अमेरिका की ओर से तैयार F-35 'आदिर' जेट्स का बेड़ा है. यह रडार की नजरों से बचकर दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर हमला करने में सक्षम है.
ईरान के खास हथियार :
1. बैलिस्टिक मिसाइलें
ईरान की सबसे बड़ी सैन्य ताकत उसका मिसाइल कार्यक्रम है. उसके पास हजारों छोटी, मध्यम और कुछ लंबी दूरी की मिसाइलें मौजूद हैं.
शाहब-3, सेज्जिल, फतेह-110, खोर्रामशाहर, फत्तह खास मिसाइलें हैं.
2. ड्रोन (UAV)
ईरान ने ड्रोन तकनीक में काफी निवेश किया है. शहीद-136, मोहजर-6, अबाबिल. इन ड्रोन का उपयोग निगरानी, हमले और लंबी दूरी के अभियानों में किया जाता है.
3. क्रूज मिसाइलें
सौमार, होवेजेह, पावेह. ये मिसाइलें कम ऊंचाई पर उड़कर लक्ष्य पर सटीक हमला करने के लिए बनाई गई हैं.
4. नौसैनिक हथियार
ईरान विशेष रूप से Strait of Hormuz क्षेत्र में अपनी नौसैनिक क्षमता पर जोर देता है. तेज गति वाली मिसाइल नौकाएं, एंटी-शिप मिसाइलें, छोटी पनडुब्बियां, समुद्री ड्रोन. हाल ही में ईरान ने ऐसी तेज हमला करने वाली नौकाओं का प्रदर्शन किया है जो लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें दाग सकती हैं.
ये भी पढ़ें: रूस-यूक्रेन युद्ध में E-3 की एंट्री! ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस सीजफायर कराने को तैयार
West Bengal IPS Transfer: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, बदले गए कई जिलों के एसपी, एक साथ 151 IPS अफसर इधर से उधर
पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, बदले गए कई जिलों के एसपी, West Bengal IPS transfer: SP of several districts replaced
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
IBC24



















