एक्शन मोड में नजर आईं गीतू मोहनदास, टॉक्सिक की टीम ने बर्थडे पर डायरेक्टर का BTS वीडियो शेयर कर दिया स्पेशल ट्रिब्यूट
Geetu Mohandas Birthday: फिल्ममेकर गीतू मोहनदास (Geetu Mohandas) का जन्मदिन है. इस खास मौके पर टॉक्सिक की टीम ने उन्हें खास अंदाज में बधाई दी हैं. मेकर्स ने सेट से एक स्पेशल बिहाइंड-द-सीन्स (BTS) वीडियो शेयर किया, जिसमें गीतू मोहनदास की क्रिएटिव सोच, लीडरशिप और फिल्म डायरेक्शन के प्रति उनकी डेडिकेशन साफ नजर आती है. वीडियो ने न सिर्फ फैंस का ध्यान खींचा, बल्कि फिल्म के भव्य स्केल की भी एक झलक दिखाई है. उनके इस वीडियो को फैंस जमकर पंसद कर रहे हैं.
बर्थडे पर मिला खास BTS सरप्राइज
डायरेक्टर गीतू मोहनदास के बर्थडे के खास मौके पर फिल्म 'टॉक्सिक' की टीम ने सेट से एक स्पेशल बिहाइंड-द-सीन्स वीडियो शेयर किया, जो दर्शकों को उनके क्रिएटिव जादू और दमदार प्रेजेंस की एक झलक देता है.
इस बर्थडे स्पेशल वीडियो में गीतू अपने पूरे स्वैग में नजर आ रही हैं. इस देखा जा सकता है कि कभी वह जोरदार अंदाज में 'एक्शन!' बोलती दिखती हैं, तो कभी बड़े-बड़े एक्शन सीक्वेंस तैयार करती नजर आती हैं. इसके अलावा वह कलाकारों को गाइड करने और फिल्म के क्रू को पूरी एनर्जी के साथ लीड करती भी दिखाई देती हैं.
वीडियो के साथ शेयर किया गया मैसेज भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. इसमें लिखा गया, 'हर उस शॉट के पीछे जो अलग लगा, हर उस खामोशी के पीछे जो डायलॉग से ज्यादा बोल गई — वो थीं. हैप्पी बर्थडे @geetu_mohandas.'
बीटीएस में दिखा टॉक्सिक का विजन
यह वीडियो सिर्फ एक BTS झलक भर नहीं है, बल्कि फिल्म के बड़े स्केल और गीतू मोहनदास के विजन का भी सबूत है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वह फिल्म के हर पहलू पर बारीकी से नजर रखती हैं. चाहे एक्शन सीक्वेंस हों, बड़े सेट्स की प्लानिंग हो या कलाकारों के साथ क्रिएटिव चर्चा, हर जगह उनका विजन और कमांड नजर आता है.
फिल्म से जुड़े लोग भी मानते हैं कि गीतू का यही बैलेंस 'टॉक्सिक' को एक अलग सिनेमाई एक्सपीरियंस बनाने में अहम रोल निभा रही हैं. इंटरनेशनल स्तर की प्रोडक्शन वैल्यू और बड़े पैमाने पर तैयार हो रही इस फिल्म में वह हर फ्रेम पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं.
जानिए क्या है 'टॉक्सिक' की खासियत?
गीतू मोहनदास के डायरेक्शन में बन रही 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' लंबे समय से सुर्खियों में है. फिल्म में कन्नड़ सुपरस्टार यश मैन किरदार में नजर आएंगे. उनके साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया भी अहम भूमिकाओं में हैं.
इसे केवीएन प्रोडक्शन्स और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स ने प्रोड्यूस किया है. अपने बड़े स्केल, अलग विजन और स्टारकास्ट की वजह से यह प्रोजेक्ट पहले ही ऑडियंस के बीच काफी एक्साइमेंट पैदा कर चुका है. आपको बता दें कि यह फिल्म 4 जून को रिलीज की जानी थी लेकिन कई कारण की वजह से इसकी रिलीज डेट टाल दी गई हैं. हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक रिलीज डेट सामने नहीं आई है.
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कौन हैं गीतू मोहनदास?
गीतू मोहनदास इंडियन सिनेमा की उन चुनिंदा डायरेक्टर में शामिल हैं जिन्होंने एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों फील्ड में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने महज पांच साल की उम्र में मलयालम फिल्म 'ओन्नू मुथल पूज्यम वारे' से बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी और इसके लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला था.
बाद में उन्होंने कई फिल्मों में एक्ट्रेस के तौर पर भी काम किया. इसके बाद उन्होंने डायरेक्शन की ओर रुख किया. उनकी पहली फीचर फिल्म 'लायर्स डाइस' को भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भेजा गया था. इसके अलावा भी उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में बनाई. हालांकि इस समय वह टॉक्सिक को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं.
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Explainer: मोबाइल गेम की लत कैसे बन रही जानलेवा? क्यों गेमिंग से बढ़ रहे हिंसा और आत्महत्या के मामले...
Online Gaming Addiction: ऑनलाइन गेमिंग मनोरंजन का साधन है या फिर ये एक लत है. इन दिनों गेमिंग कुछ लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बन चुकी है. लेकिन वहीं इसकी वजह से समाज में हिंसक घटनाएं हो रही हैं. इतना ही नहीं कई मामलों में ये लोगों की आत्महत्या की वजह भी बन रहीं हैं. अब यहां सवाल ये उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि गेमिंग डिजिटल नशा बनती जा रही है? दरअसल, हालिया घटना कर्नाटक की है, जहां ऑनलाइन गेम खेलने से रोकने पर एक युवक ने अपने माता-पिता और बहन की चाकू से मारकर हत्या कर दी . जिसके बाद एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और गेमिंग डिसऑर्डर की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है.
बच्चे असल दुनिया से नाता तोड़ लेते हैं तो परिवार को मानते हैं दुश्मन
डॉक्टर कहते हैं कि जब गेम खेलने वाले बच्चे असल दुनिया से नाता तोड़ लेते हैं तो ऐसी स्थिति में वह अपने परिवार को दुश्मन मानने लगते हैं. जब परिवार उसे गेम खेलने से रोकता था तो वह उसे रास्ते से हटाने और हत्या करने से भी गुरेज नहीं करते. कर्नाटक की घटना से पहले मार्च 2025 में ओडिशा के जगतसिंहपुर में 21 साल के कॉलेज छात्र सूर्यकांत सेठी ने माता-पिता और बहन को इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वे उसे मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने से मना करते थे. फरवरी 2026 में गाजियाबाद में तीन किशोर बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. इस मामले में पुलिस का शक था कि वे एक ऑनलाइन मोबाइल गेम की लत से ग्रस्त थीं. आंकड़ों पर गौर करें ऐसी घटनओं की लिस्ट लंबी है.
गेम खेलने वाले को पता ही नहीं चलता कि कब वह लत में फंस गए
ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया बहुत बड़ी है. इसमें PUBG, BGMI, Free Fire, Call of Duty जैसे एक्शन गेम हैं, तो Dream11, My11Circle जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म भी हैं. बता दें एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया में 2024 में ऑनलाइन गेमिंग का बाजार करीब ₹276.77 करोड़ का था और 2033 तक यह दोगुने से भी ज्यादा होने की उम्मीद है.
கர்நாடகா: ஆன்லைன் விளையாட்டைத் தடுத்ததால் ஆத்திரம்? - தந்தை, சகோதரியை குத்திக் கொலைசெய்த வாலிபர்! https://t.co/i4SrhB8j8k
— @JuniorVikatan (@JuniorVikatan) June 8, 2026
गेमिंग की तरफ युवाओं को खींचता है पैसा, लेकिन हकीकत उतनी ही पेचीदा
एक रिपोर्ट के अनुसार युवा इस दुनिया में पैसा कमाने के लालच में खींचे चले जाते है लेकिन पुलिस के अुनसार गेमिंग की हकीकत उतनी ही पेचीदा है. दरअसल, यहां अलग अलग प्लेटफॉर्म हैं...कुछ होते हैं फैंटेसी स्पोर्ट्स जिसमें Dream11 जैसे प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों की वर्चुअल टीम बनाकर असली मैचों के प्रदर्शन के आधार पर पैसा जीता जाता है. अगस्त 2025 में सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी. कुछ गेमर्स YouTube या Twitch पर लाइव गेमिंग स्ट्रीम करते हैं और सब्सक्रिप्शन, डोनेशन व विज्ञापन से कमाई करते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इन तरीकों से पैसा कमाने वाले केवल कुछ हजार लोग होते हैं, जबकि गंवाने वाले करोड़ों लोग। पैसा गंवाने वाले लोग इन प्लेटफॉर्म पर सेलिब्रिटियों के विज्ञापन और 'रातोंरात करोड़पति' होने की कहानियां सुनकर आते हैं.
गेमर के दिमाग में क्या होता है, क्या है गेमर्स के लत का विज्ञान?
गेमिंग की लत कोई कमजोरी नहीं, यह एक न्यूरोलॉजिकल प्रक्रिया है. जब कोई गेम में लेवल पार करता है, दुश्मन को हराता है या इनाम पाता है तो दिमाग में डोपामाइन नामक रसायन रिलीज होता है. यही वह 'खुशी का केमिकल' है जो नशे में भी रिलीज होता है. गेम डिजाइनर खेल में वेरिएबल रिवॉर्ड, लेवल-अप सिस्टम, लूट बॉक्स आदि जानबूझकर ऐसी संरचनाएं बनाते हैं जो खेलने वाले को उससे जोड़े रखे.
Karnataka Cyber Command Busts Massive Online Betting Syndicate; Over 8,700 URLs Targeted
— Yasir Mushtaq (@path2shah) June 1, 2026
Bengaluru
In what is being described as one of India’s largest crackdowns on illegal online gambling, the #Karnataka State Cyber Command, in coordination with the Indian #CyberCrime… pic.twitter.com/yePdXrbuPi
घर में बच्चा खेलता है गेम तो कैसे पहचाने लत के संकेत?
- गेम रोकने पर असामान्य गुस्सा या रोना
- खाने-सोने का समय भूल जाना
- स्कूल/कॉलेज में प्रदर्शन गिरना
- दोस्तों और परिवार से दूरी बनाना
-गेम के बारे में झूठ बोलना या पैसे छुपाना
-अन्य शौक में रुचि खत्म हो जाना
- खेलने का समय लगातार बढ़ता जाना
गेमिंग लत में तब्दील न हो इसके लिए माता-पिता क्या करें?
- बच्चों के लिए 1-2 घंटे से ज्यादा मनोरंजन स्क्रीन टाइम न हो.
-सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन बंद करवाएं। बच्चे के कमरे में फोन/टैबलेट न ले जाने दें.
- शाम का खाना उसके साथ खाएं, उस दौरान फोन बंद रखें.
- डांटें नहीं, सीधे छीनने से विद्रोह न करें.
-अगर लत गहरी हो तो तुरंत मनोवैज्ञानिक या साइकियाट्रिस्ट से मिलें.
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