Explainer: मोबाइल गेम की लत कैसे बन रही जानलेवा? क्यों गेमिंग से बढ़ रहे हिंसा और आत्महत्या के मामले...
Online Gaming Addiction: ऑनलाइन गेमिंग मनोरंजन का साधन है या फिर ये एक लत है. इन दिनों गेमिंग कुछ लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बन चुकी है. लेकिन वहीं इसकी वजह से समाज में हिंसक घटनाएं हो रही हैं. इतना ही नहीं कई मामलों में ये लोगों की आत्महत्या की वजह भी बन रहीं हैं. अब यहां सवाल ये उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि गेमिंग डिजिटल नशा बनती जा रही है? दरअसल, हालिया घटना कर्नाटक की है, जहां ऑनलाइन गेम खेलने से रोकने पर एक युवक ने अपने माता-पिता और बहन की चाकू से मारकर हत्या कर दी . जिसके बाद एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और गेमिंग डिसऑर्डर की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है.
बच्चे असल दुनिया से नाता तोड़ लेते हैं तो परिवार को मानते हैं दुश्मन
डॉक्टर कहते हैं कि जब गेम खेलने वाले बच्चे असल दुनिया से नाता तोड़ लेते हैं तो ऐसी स्थिति में वह अपने परिवार को दुश्मन मानने लगते हैं. जब परिवार उसे गेम खेलने से रोकता था तो वह उसे रास्ते से हटाने और हत्या करने से भी गुरेज नहीं करते. कर्नाटक की घटना से पहले मार्च 2025 में ओडिशा के जगतसिंहपुर में 21 साल के कॉलेज छात्र सूर्यकांत सेठी ने माता-पिता और बहन को इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वे उसे मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने से मना करते थे. फरवरी 2026 में गाजियाबाद में तीन किशोर बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. इस मामले में पुलिस का शक था कि वे एक ऑनलाइन मोबाइल गेम की लत से ग्रस्त थीं. आंकड़ों पर गौर करें ऐसी घटनओं की लिस्ट लंबी है.
गेम खेलने वाले को पता ही नहीं चलता कि कब वह लत में फंस गए
ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया बहुत बड़ी है. इसमें PUBG, BGMI, Free Fire, Call of Duty जैसे एक्शन गेम हैं, तो Dream11, My11Circle जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म भी हैं. बता दें एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया में 2024 में ऑनलाइन गेमिंग का बाजार करीब ₹276.77 करोड़ का था और 2033 तक यह दोगुने से भी ज्यादा होने की उम्मीद है.
கர்நாடகா: ஆன்லைன் விளையாட்டைத் தடுத்ததால் ஆத்திரம்? - தந்தை, சகோதரியை குத்திக் கொலைசெய்த வாலிபர்! https://t.co/i4SrhB8j8k
— @JuniorVikatan (@JuniorVikatan) June 8, 2026
गेमिंग की तरफ युवाओं को खींचता है पैसा, लेकिन हकीकत उतनी ही पेचीदा
एक रिपोर्ट के अनुसार युवा इस दुनिया में पैसा कमाने के लालच में खींचे चले जाते है लेकिन पुलिस के अुनसार गेमिंग की हकीकत उतनी ही पेचीदा है. दरअसल, यहां अलग अलग प्लेटफॉर्म हैं...कुछ होते हैं फैंटेसी स्पोर्ट्स जिसमें Dream11 जैसे प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों की वर्चुअल टीम बनाकर असली मैचों के प्रदर्शन के आधार पर पैसा जीता जाता है. अगस्त 2025 में सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी. कुछ गेमर्स YouTube या Twitch पर लाइव गेमिंग स्ट्रीम करते हैं और सब्सक्रिप्शन, डोनेशन व विज्ञापन से कमाई करते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इन तरीकों से पैसा कमाने वाले केवल कुछ हजार लोग होते हैं, जबकि गंवाने वाले करोड़ों लोग। पैसा गंवाने वाले लोग इन प्लेटफॉर्म पर सेलिब्रिटियों के विज्ञापन और 'रातोंरात करोड़पति' होने की कहानियां सुनकर आते हैं.
गेमर के दिमाग में क्या होता है, क्या है गेमर्स के लत का विज्ञान?
गेमिंग की लत कोई कमजोरी नहीं, यह एक न्यूरोलॉजिकल प्रक्रिया है. जब कोई गेम में लेवल पार करता है, दुश्मन को हराता है या इनाम पाता है तो दिमाग में डोपामाइन नामक रसायन रिलीज होता है. यही वह 'खुशी का केमिकल' है जो नशे में भी रिलीज होता है. गेम डिजाइनर खेल में वेरिएबल रिवॉर्ड, लेवल-अप सिस्टम, लूट बॉक्स आदि जानबूझकर ऐसी संरचनाएं बनाते हैं जो खेलने वाले को उससे जोड़े रखे.
Karnataka Cyber Command Busts Massive Online Betting Syndicate; Over 8,700 URLs Targeted
— Yasir Mushtaq (@path2shah) June 1, 2026
Bengaluru
In what is being described as one of India’s largest crackdowns on illegal online gambling, the #Karnataka State Cyber Command, in coordination with the Indian #CyberCrime… pic.twitter.com/yePdXrbuPi
घर में बच्चा खेलता है गेम तो कैसे पहचाने लत के संकेत?
- गेम रोकने पर असामान्य गुस्सा या रोना
- खाने-सोने का समय भूल जाना
- स्कूल/कॉलेज में प्रदर्शन गिरना
- दोस्तों और परिवार से दूरी बनाना
-गेम के बारे में झूठ बोलना या पैसे छुपाना
-अन्य शौक में रुचि खत्म हो जाना
- खेलने का समय लगातार बढ़ता जाना
गेमिंग लत में तब्दील न हो इसके लिए माता-पिता क्या करें?
- बच्चों के लिए 1-2 घंटे से ज्यादा मनोरंजन स्क्रीन टाइम न हो.
-सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन बंद करवाएं। बच्चे के कमरे में फोन/टैबलेट न ले जाने दें.
- शाम का खाना उसके साथ खाएं, उस दौरान फोन बंद रखें.
- डांटें नहीं, सीधे छीनने से विद्रोह न करें.
-अगर लत गहरी हो तो तुरंत मनोवैज्ञानिक या साइकियाट्रिस्ट से मिलें.
Stocks To Watch Today: HG Infra Engineering से लेकर Hindustan Zinc तक, इन स्टॉक्स में दिखेगा दमदार एक्शन
Stocks To Watch Today: भारतीय शेयर बाजार में आज 8 जून 2026 को कई बड़ी कंपनियों के अहम कॉर्पोरेट अपडेट सामने आए हैं. बड़े ऑर्डर मिलने से लेकर अधिग्रहण, फंड जुटाने, ब्लॉक डील और मैनेजमेंट में बदलाव तक, कई घटनाक्रम आज के ट्रेडिंग सेशन में इन शेयरों को प्रभावित कर सकते हैं. तो आइए आज के प्रमुख शेयरों पर एक नजर डालते हैं.
1. HG Infra Engineering
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग को उत्तर प्रदेश में ₹4,970.99 करोड़ की एक बड़ी परियोजना के लिए प्रोविजनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल गया है. इस परियोजना में गंगा एक्सप्रेसवे पर EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) आधार पर सिविल और संबंधित कार्यों का निष्पादन शामिल है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस प्रमाण पत्र के मिलने से कंपनी की बैलेंस शीट पर पेमेंट साइकलि में तेजी आएगी. बता दें कि HG Infra के पास फिलहाल ₹15,000 से ज्यादा का ऑर्डर बुक है और कंपनी रोड, हाईवे और रेलवे सेक्टर में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है.
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2. Creative Newtech
टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी क्रिएटिव न्यूटेक और उसके सहयोगी पार्टनर को BSNL से भारतनेट मिडिल माइल नेटवर्क परियोजना के लिए एडवांस वर्क ऑर्डर मिला है. यह परियोजना ओडिशा दूरसंचार सर्कल के लिए है और इसकी कुल लागत लगभग ₹3,194.83 करोड़ है. इस ऑर्डर में भारतनेट मिडिल माइल नेटवर्क का डिजाइन, आपूर्ति, निर्माण, स्थापना, अपग्रेडेशन, ऑपरेशन और रखरखाव शामिल है. जानकारों का कहना है कि सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत भारतनेट प्रोजेक्ट में तेजी आने से क्रिएटिव न्यूटेक जैसी कंपनियों को सीधा फायदा मिल रहा है.
3. EMS Limited
वाटर इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Limited को उत्तर प्रदेश जल निगम, वाराणसी से निर्माण कार्य के लिए L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी) का दर्जा प्राप्त हुआ है. इस ऑर्डर की अनुमानित वैल्यू लगभग ₹102.8 करोड़ है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जल जीवन मिशन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत वाटर सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ने से EMS जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर पाइपलाइन लगातार मजबूत हो रही है.
4. Alembic Pharmaceuticals
अहमदाबाद स्थित दवा कंपनी एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स ने कनाडाई दवा बाजार में प्रवेश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. कंपनी एक नई कनाडाई कंपनी में 45% हिस्सेदारी हासिल करेगी और शेयरहोल्डर्स के बीच एक समझौता भी हो चुका है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा का जेनेरिक दवा बाजार तेजी से बढ़ रहा है और यह कदम एलेम्बिक के इंटरनेशनल रेवेन्यू को बढ़ाने की दिशा में एक स्ट्रैटेजिक मूव है.
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5. Allied Blenders and Distillers
IMFL (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) सेगमेंट की प्रमुख कंपनी Allied Blenders and Distillers में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव हुआ है. आलोक गुप्ता ने 31 मई 2026 को मैनेजिंग डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि बोर्ड ने 1 जून 2026 से अमर सिन्हा को नया मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. जानकारों का कहना है कि Officer's Choice और Sterling Reserve जैसे मशहूर ब्रांड्स के मालिक इस कंपनी में लीडरशिप बदलाव का असर शॉर्ट टर्म में शेयर पर देखने को मिल सकता है.
6. Zee Entertainment Enterprises
प्रमुख मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी Zee Entertainment Enterprises का बोर्ड 10 जून को इक्विटी शेयरों और अन्य कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज के माध्यम से फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करेगा. यह फंड जुटाना एक या एक से अधिक चरणों में हो सकता है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोनी के साथ मर्जर की विफलता के बाद ज़ी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है. निवेशक इस बोर्ड मीटिंग पर बारीकी से नजर रखेंगे.
7. Hindustan Zinc
वेदांता ग्रूप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के साथ एक MoU साइन किया है. इसके तहत राजस्थान में 250 हेक्टेयर क्षेत्र में इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा. जानकारों का कहना है कि ESG (एनवायरनमेंट, सोशल और गवर्नेंस) फ्रेमवर्क के तहत यह पहल कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रेटिंग को बेहतर बनाएगी. हिंदुस्तान जिंक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर है.
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बड़ी ब्लॉक और बल्क डील्स
Adani Energy Solutions: SBI म्यूचुअल फंड ने GQG पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड से अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के 63.65 लाख शेयर (0.52 प्रतिशत हिस्सेदारी) 1,504.8 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे हैं. कुल डील 957.9 करोड़ रुपये का है. मार्च 2026 तक, SBI इक्विटी हाइब्रिड फंड की अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 3.67 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि राजीव जैन के जीक्यूजी पार्टनर्स की 1.91 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.
Lenskart Solutions: विरिडियन एशिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने कॉपथॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट से लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के 18.96 लाख शेयर (0.1 प्रतिशत हिस्सेदारी) ₹508.55 प्रति शेयर के भाव पर ₹96.42 करोड़ में खरीदे. डील वाले दिन शेयर 1.29 प्रतिशत गिरकर ₹506.45 पर बंद हुआ.
Sterlite Technologies: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने Sterlite Technologies के 36.48 लाख शेयर (0.74 फीसदी हिस्सेदारी) ₹619.07 प्रति शेयर के भाव पर ₹225.86 करोड़ में खरीदे हैं. ऑप्टिकल फाइबर केबल सेगमेंट में Sterlite की मजबूत मौजूदगी को देखते हुए यह निवेश अहम माना जा रहा है.
Pine Labs: इंवेस्को डेवलपिंग मार्केट्स फंड ने पाइन लैब्स के 78.85 लाख शेयर (0.68 फीसदी हिस्सेदारी) ₹145.97 प्रति शेयर के भाव पर ₹115.11 करोड़ में बेचे हैं. पेमेंट टेक्नोलॉजी कंपनी पाइन लैब्स हाल ही में भारतीय बाजार में लिस्ट हुई है.
PNGS Reva Diamond Jewellery: प्रमोटर P N Gadgil & Sons ने PNGS Reva Diamond Jewellery में अतिरिक्त 1.6 लाख शेयर (0.5 फीसदी हिस्सेदारी) ₹391.58 प्रति शेयर के भाव पर ₹6.26 करोड़ में खरीदे हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमोटर की खरीदारी आमतौर पर पॉजिटिव सिग्नल मानी जाती है क्योंकि यह कंपनी के भविष्य पर मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाती है.
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डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

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