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Rajat Patidar: 'मैं RCB में जाना ही नहीं चाहता था...' रजत पाटीदार का चौंकाने वाला खुलासा

Rajat Patidar: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार 2 आईपीएल खिताब दिलाने वाले कप्तान रजत पाटीदार ने अपने करियर को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा किया। पाटीदार ने बताया कि जब उन्हें 2022 में इंजरी रिप्लेसमेंट के तौर पर आरसीबी से बुलावा आया था, तब उनका टीम में शामिल होने का बिल्कुल भी मन नहीं था। उन्हें लगता था कि वह सिर्फ बेंच पर बैठकर रह जाएंगे और खेलने का मौका नहीं मिलेगा।

यूट्यूब चैनल रोटोरिस को दिए इंटरव्यू में पाटीदार ने कहा कि जब आरसीबी ने उन्हें चोटिल लवनीथ सिसोदिया की जगह टीम में शामिल किया, तब टीम प्रबंधन ने भी साफ कर दिया था कि उन्हें तभी मौका मिलेगा जब कोई खिलाड़ी चोटिल होगा।

पाटीदार ने कहा, 'मैं आरसीबी में जाना ही नहीं चाहता था। मुझे लगा कि रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर बुलाया जा रहा है, इसलिए खेलने का मौका मिलना मुश्किल होगा। टीम से भी यही फीडबैक मिला था कि आराम से रहो, मौका तभी मिलेगा जब कोई खिलाड़ी चोटिल होगा।'

शादी छोड़कर पहुंचे थे आरसीबी कैंप
रजत ने बताया कि उस समय उनकी शादी की तारीख भी तय हो चुकी थी। इसलिए उन्होंने ये मन बना लिया था कि नहीं जाएंगे। उनका मानना था कि अगर किसी टीम में जाना है तो खेलने के लिए जाना चाहिए, सिर्फ बेंच पर बैठने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि मेरी सोच हमेशा से यही रही है कि अगर टीम में जाऊं तो खेलने के लिए जाऊं। सिर्फ बैठने के लिए नहीं। इसलिए मैंने परिवार, कोच और करीबी लोगों से कहा था कि मैं नहीं जाना चाहता। हालांकि परिवार और शुभचिंतकों ने उन्हें यह मौका गंवाने से मना किया और शादी को 2 महीने आगे बढ़ाने की सलाह दी। आखिरकार पाटीदार ने आरसीबी जॉइन करने का फैसला किया।

यहीं से बदली किस्मत
किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि 2022 सीजन में उन्हें 8 मैच खेलने का मौका मिला। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर में सिर्फ 54 गेंदों पर नाबाद 112 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इसके बाद आरसीबी ने उन्हें 2024 में रिटेन किया। उन्होंने मिडिल ऑर्डर में खुद को टीम का अहम खिलाड़ी साबित किया और 2025 में विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के बाद टीम की कमान संभाली।

पाटीदार ने कप्तान बनते ही आरसीबी का सालों पुराना खिताबी सूखा खत्म कराया और फिर 2026 में टीम को लगातार दूसरा आईपीएल खिताब भी दिलाया। जिस खिलाड़ी ने कभी आरसीबी में शामिल होने से इनकार करने का मन बना लिया था, वही आज फ्रेंचाइजी के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है।

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Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम में भूलकर भी न खाएं ये 7 चीजें, वरना हो सकती है पेट की परेशानी

Monsoon Health Tips:  मानसून जहां भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं यह मौसम बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के तेजी से पनपने के लिए भी अनुकूल माना जाता है। बारिश के दौरान बढ़ी हुई नमी, गंदा पानी और बदलता तापमान पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं और फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिनका सेवन मानसून के दौरान कम करना या पूरी तरह से टालना बेहतर माना जाता है।

1. स्ट्रीट फूड
बारिश के मौसम में चाट, गोलगप्पे, समोसे और पकौड़ों का स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है। लेकिन खुले में तैयार और रखे गए खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है।

गंदे पानी, अस्वच्छ बर्तनों और खराब फूड हैंडलिंग के कारण फूड पॉइजनिंग, दस्त और पेट के संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

2. पत्तेदार हरी सब्जियां
पालक, मेथी, पत्तागोभी और लेट्यूस जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में बारिश के मौसम में मिट्टी, कीड़े और नमी अधिक जमा हो सकती है। हालांकि ये पौष्टिक होती हैं, लेकिन मानसून में इन्हें अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए। कच्ची पत्तेदार सब्जियों से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

3. बाहर बिकने वाले कटे हुए फल
कटे हुए फल लंबे समय तक खुले वातावरण में रहने पर बैक्टीरिया और मक्खियों के संपर्क में आ सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फल हमेशा घर पर धोकर और काटकर ही खाएं ताकि संक्रमण से बचा जा सके।

4. सी-फूड
बारिश का मौसम कई समुद्री जीवों के प्रजनन का समय होता है। इसके अलावा अधिक नमी के कारण सी-फूड जल्दी खराब भी हो सकता है। यदि समुद्री भोजन का सेवन करना हो तो केवल विश्वसनीय स्रोत से खरीदें और अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

5. ज्यादा तले हुए खाद्य पदार्थ
समोसे, पकौड़े, चिप्स और फ्रेंच फ्राइज जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ मानसून में बेहद लोकप्रिय होते हैं। लेकिन इनका अधिक सेवन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

6. कच्चा सलाद
कच्ची सब्जियों में मौजूद बैक्टीरिया और कीटाणु मानसून के दौरान अधिक सक्रिय हो सकते हैं। यदि सलाद खाना हो तो सब्जियों को अच्छी तरह धोना जरूरी है। कई पोषण विशेषज्ञ इस मौसम में कच्चे सलाद की बजाय हल्की पकी हुई सब्जियां खाने की सलाह देते हैं।

7. बिना पाश्चराइज्ड या सही तरीके से स्टोर न किए गए डेयरी उत्पाद
दूध और डेयरी उत्पाद गर्म और नम वातावरण में जल्दी खराब हो सकते हैं। खराब डेयरी उत्पादों के सेवन से पेट खराब होने और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। हमेशा विश्वसनीय स्रोत से खरीदे गए और सही तरीके से स्टोर किए गए डेयरी उत्पादों का ही सेवन करें।

मानसून में कैसे रखें पेट का ख्याल?
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में ताजा, गर्म और घर का बना भोजन खाना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है। पर्याप्त पानी पीना, हाथों की सफाई रखना और खाद्य पदार्थों को सही तरीके से स्टोर करना भी पेट को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

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