दिल्ली में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य: बीपीसीएल
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। सरकारी तेल विपणन कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने सोमवार को कहा कि दिल्ली में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। कंपनी अपनी मजबूत सप्लाई चेन और रिटेल नेटवर्क के जरिए राजधानी में निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।
कंपनी ने बताया कि दिल्ली में उसके सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है। नियमित स्टॉक भरने और लॉजिस्टिक्स संचालन के कारण उपभोक्ताओं, व्यवसायों, परिवहन ऑपरेटरों और जरूरी सेवाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।
बीपीसीएल के अनुसार, मई 2026 के दौरान दिल्ली में पेट्रोल की बिक्री 27,800 मीट्रिक टन (एमटी) से अधिक रही, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 27,100 मीट्रिक टन से अधिक था। इस तरह पेट्रोल बिक्री में लगभग 2.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा, मई में डीजल की बिक्री में भी स्थिर वृद्धि देखी गई, जो मई 2025 में 16,100 मीट्रिक टन से अधिक के मुकाबले 16,500 मीट्रिक टन से अधिक तक पहुंच गई, जो करीब 2.9 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी ने कहा कि मई के दौरान उसने 33,400 मीट्रिक टन से अधिक सीएनजी की आपूर्ति की। इससे दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क, व्यावसायिक वाहनों और स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया गया।
परिवहन ईंधन के अलावा कंपनी दिल्ली में बड़ी संख्या में एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतें भी पूरी कर रही है।
मई के दौरान बीपीसीएल ने 7.7 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की। इसके अलावा, 18,000 से ज्यादा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 22,000 से अधिक एफटीएल एलपीजी सिलेंडरों की भी सप्लाई की गई।
कंपनी के मुताबिक, ईंधन और एलपीजी की लगातार बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां, लोगों की आवाजाही, व्यावसायिक संचालन और ऊर्जा की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं।
बीपीसीएल के प्रवक्ता ने कहा, बीपीसीएल दिल्ली में भरोसेमंद और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क कुशलतापूर्वक काम कर रहे हैं, जिससे हम ईंधन और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखते हुए ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा कर पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में कंपनी के पेट्रोल पंप और एलपीजी वितरण नेटवर्क पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। नियमित उत्पाद आपूर्ति, बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन और समन्वित लॉजिस्टिक्स संचालन के कारण किसी प्रकार की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
NEET-UG 2026 री-टेस्ट पेपर पर सुरक्षा का कड़ा पहरा, 21 जून तक आइसोलेशन में रहेंगे सभी एक्सपर्ट्स
NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी NEET-UG 2026 के री-टेस्ट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त और कड़ी कर दी गई है. परीक्षा से जुड़े किसी भी प्रकार के विवाद या गोपनीय जानकारी के लीक होने की आशंका को खत्म करने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स को विशेष निगरानी में रखा गया है. जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने, उसकी समीक्षा करने और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है. यहां उन्हें विशेष आइसोलेशन प्रोटोकॉल के तहत रखा गया है.
21 जून तक लागू रहेगा आइसोलेशन
सूत्रों के मुताबिक, यह व्यवस्था परीक्षा समाप्त होने तक जारी रहेगी. 21 जून को री-टेस्ट प्रक्रिया पूरी होने तक इन विशेषज्ञों के बाहरी संपर्क पर लगभग पूरी तरह रोक रहेगी. इस दौरान उन्हें मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल की सीमित अनुमति दी गई है. इसके पीछे का उद्देश्य सिर्फ एक है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी कोई भी जानकारी परीक्षा से पहले बाहर न जा सके.
पेपर तैयार करने का अंतिम चरण शुरू
बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इसी वजह से सुरक्षा स्तर को और बढ़ा दिया गया है. पेपर सेटिंग, मॉडरेशन और ट्रांसलेशन का काम पूरा होने तक एक्सपर्ट्स लगातार निगरानी में रहेंगे. परीक्षा एजेंसियां इस बार किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती हैं. इसलिए गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं.
पेपर लीक रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता
पिछले कुछ सालों में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए थे. इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है. एक्सपर्ट्स की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ दस्तावेजों की पहुंच भी सीमित रखी गई है. केवल अधिकृत अधिकारियों को ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है.
सभी प्रश्नपत्रों पर विशेष ध्यान
NEET-UG परीक्षा देशभर में कई भाषाओं में आयोजित की जाती है ऐसे में प्रश्नपत्र के अनुवाद की प्रक्रिया भी बेहद जरूरी होती है. अनुवाद से जुड़े एक्सपर्ट्स को भी उसी सुरक्षा दायरे में रखा गया है जिसमें पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स शामिल है. इससे यह साफ किया जा सके कि सभी भाषाओं में प्रश्नपत्र की गुणवत्ता बनी रहे.
अभ्यर्थियों के लिए क्या है संदेश?
परीक्षा अधिकारियों का मानना है कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था से छात्रों का भरोसा मजबूत होगा. इसका उद्देश्य सुरक्षित परीक्षा आयोजित करना है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचें. NEET-UG 2026 री-टेस्ट को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं. परीक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी विवाद और व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















