Manicure At Home: गर्मी की वजह से हाथों में हो गई है टैनिंग? तो घर पर रखें इन घरेलू चीजों से करें मैनीक्योर, दूर हो जाएगी दिक्कत
Manicure At Home: तेज धूप और लू की वजह से सिर्फ चेहरे की ही नहीं, बल्कि हाथों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी होता है. तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी का सबसे ज्यादा असर हाथों पर दिखाई देता है. इसके कारण हाथों की त्वचा रूखी हो जाती है और टैनिंग की समस्या भी बढ़ने लगती है. ऐसे में कई लोग हाथों को साफ और सुंदर बनाए रखने के लिए पार्लर में जाकर मैनीक्योर करवाते हैं. हालांकि हर बार पार्लर जाना जरूरी नहीं है. कुछ आसान घरेलू चीजों की मदद से आप घर पर ही मैनीक्योर कर सकती हैं. यह तरीका न केवल हाथों की गरहाई से सफाई करता है, बल्कि त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं घर पर मैनीक्योर करने का आसान और असरदार तरीका.
घर पर रखें इन घरेलू चीजों से करें मैनीक्योर
हाथों की करें डीप क्लीनिंग
मैनीक्योर की शुरुआत हाथों की सफाई से होती है. इसके लिए एक बड़े बाउल में गुनगुना पानी लें. इसमें थोड़ा-सा शैंपू और आधे नींबू का रस मिला दें. अब अपने दोनों हाथों को इस पानी में करीब 10 मिनट तक डुबोकर रखें. इस प्रक्रिया से हाथों पर जमी गंदगी आसानी से निकल जाती है. साथ ही नाखून भी नरम हो जाते हैं, जिससे आगे की प्रक्रिया करना आसान हो जाता है. नींबू त्वचा की सफाई करने में मदद करता है और हाथों को ताजगी भी देता है.
स्क्रबिंग से हटाएं डेड स्किन
हाथों की चमक बनाए रखने के लिए स्क्रबिंग बेहद जरूरी है. यह त्वचा की ऊपरी परत पर जमा डेड स्किन को हटाने में मदद करती है. घर पर स्क्रब तैयार करने के लिए एक चम्मच चावल का आटा लें. इसमें थोड़ा दूध या दही और एक चम्मच शहद मिलाएं. अब इस मिश्रण को हाथों पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें. करीब 5 मिनट तक स्क्रबिंग करने से त्वचा साफ होने लगती है. इससे हाथों की रंगत निखरती है और त्वचा पहले से अधिक मुलायम महसूस होती है.
नाखूनों को दें शेप
स्क्रबिंग के बाद नाखूनों की देखभाल का समय आता है. सबसे पहले नेल कटर और नेल फाइल की मदद से नाखूनों को अपनी पसंद का आकार दें. इसके बाद थोड़ा-सा नारियल तेल लें और उसे नाखूनों व क्यूटिकल्स पर लगाएं. इससे नाखूनों को जरूरी पोषण मिलता है. साथ ही क्यूटिकल्स भी सॉफ्ट बने रहते हैं. नियमित रूप से ऐसा करने से नाखून मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं.
होममेड हैंड पैक लगाएं
मैनीक्योर का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है हैंड पैक लगाना. इसके लिए एक कटोरी में बेसन, दूध और थोड़ा-सा शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस पैक को दोनों हाथों पर अच्छी तरह लगाएं और लगभग 10 मिनट तक सूखने दें. जब पैक सूख जाए तो सामान्य पानी से हाथ धो लें. यह पैक त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ टैनिंग कम करने में भी मदद करता है. इसके इस्तेमाल से हाथों की त्वचा साफ और निखरी हुई दिखाई देती है.
नेल पेंट को जल्दी सुखाने का आसान तरीका
अगर आप मैनीक्योर के बाद नेल पेंट लगाती हैं तो उसे जल्दी सेट करने के लिए एक आसान ट्रिक अपना सकती हैं. एक बाउल में बर्फ वाला ठंडा पानी लें और नेल पेंट लगाने के बाद हाथों को लगभग 30 सेकंड तक उसमें डुबोकर रखें. इससे नेल पेंट जल्दी सूख जाता है और उसके खराब होने की संभावना भी कम हो जाती है.
नियमित देखभाल से मिलेंगे बेहतर परिणाम
अगर आप सप्ताह में एक बार इस आसान होम मैनीक्योर रूटीन को अपनाती हैं तो हाथों की खूबसूरती लंबे समय तक बनी रह सकती है. इससे टैनिंग, रूखापन और डेड स्किन की समस्या कम होती है. साथ ही हाथ साफ, मुलायम और चमकदार नजर आते हैं. घर पर किया गया यह आसान मैनीक्योर समय और पैसे दोनों की बचत करता है. नियमित देखभाल से आपके हाथ हमेशा स्वस्थ और आकर्षक बने रहेंगे.
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एआई ट्रेड कम होने के शुरुआती संकेत, भारत में विदेश निवेश प्रवाह में हो सकता है सुधार
मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक के एक सत्र में 5 प्रतिशत लुढ़के से एआई बबल के फूटने के शुरुआती संकेत मिले हैं, लेकिन इस बदलाव से भारतीय शेयर बाजार में विदेश निवेश प्रवाह में सुधार देखने को मिल सकता है। यह जानकारी रविवार को एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई थी।
एनएसडीएल के डेटा के मुताबिक, मई में एफआईआई ने 32,963 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। जून में भी बिकवाली को जारी रखा। इस महीने की शुरुआत से अब तक 42,926 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं, जिससे 2026 में अब तक बिकवाली का आंकड़ा 2,83,662 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
चालू खाता घाटे और भुगतान संतुलन अंतर को पूरा करने के लिए विदेशी निवेश (एफपीआई) के प्रवाह के महत्व को देखते हुए, केंद्रीय बैंक और सरकार ने एफपीआई को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, “केंद्र द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में एफपीआई निवेश पर ब्याज और पूंजीगत लाभ को कर से छूट देने जैसे उपायों के साथ-साथ मौद्रिक नीति में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जुटाए गए एफसीएनआर जमा पर हेजिंग लागत को वहन करने, फॉरेक्स स्वैप विंडो का विस्तार, एफएआर मार्ग के माध्यम से सरकारी बॉन्ड तक पहुंच में वृद्धि और भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने के लिए एनआरआई और ओसीआई की सीमा में वृद्धि जैसी घोषणाएं भारत में विदेशी मुद्रा प्रवाह को मजबूत करेंगी।”
इससे रुपए को स्थिर होने में भी मदद मिली है। वैश्विक अस्थिरता के कारण रुपया गिरकर 96.96 के निचले स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि, 5 जून को बढ़कर 94.94 हो गया था।
विश्लेषक ने कहा, “अगर विदेशी निवेशकों को भारत में वापस लाना है, तो एआई ट्रेड, जो भारत से विदेशी निवेश के बाहर ले जाने का मुख्य कारण रहा है, में बदलाव आना चाहिए। फिलहाल इसके शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।”
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता की चिंताओं के बीच, निफ्टी और सेंसेक्स जैसे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ बाजार पिछले सप्ताह बंद हुए।
हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतों ने गिरावट को सीमित करने में मदद की।
--आईएएनएस
एबीएस
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