भारत और अफगानिस्तान के बीच न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे इकलौते टेस्ट में अफगानिस्तान की डीआरएस को लेकर की गई गलतियां उस पर भारी पड़ती दिख रहीं। पहले दिन केएल राहुल को जीवनदान देने के बाद दूसरे दिन भी अफगानिस्तान टीम ने DRS लेने के 2 बड़े मौके गंवा दिए, जिसका फायदा शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने जमकर उठाया।
मैच के दूसरे दिन भारत मजबूत स्थिति में था। केएल राहुल के शतक और साई सुदर्शन की शानदार पारी के बाद कप्तान शुभमन गिल और ऋषभ पंत क्रीज पर जमे हुए थे। भारत का स्कोर 398/3 था, लेकिन दूसरी नई गेंद मिलने के बाद अफगानिस्तान को मैच में वापसी का मौका मिला।
अफगानिस्तान ने DRS लेने में की चूक तेज गेंदबाज अजमतुल्लाह उमरजई ने शानदार स्पेल डाला और लगातार 2 गेंदों पर भारत को झटका देने की स्थिति बना दी। हालांकि अफगानिस्तान की हिचकिचाहट और खराब DRS फैसलों ने मेहनत पर पानी फेर दिया।
अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ इकलौते टेस्ट में DRS लेने में चूक की।
2 गेंद पर मिल सकते थे दो विकेट भारतीय पारी के 88.4वें ओवर में उमरजई की गेंद शुभमन गिल के पैड पर लगी। अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने अपील जरूर की, लेकिन कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने रिव्यू नहीं लिया। बाद में बॉल ट्रैकिंग में साफ दिखा कि गेंद सीधे विकेट पर लग रही थी और गिल एलबीडब्ल्यू आउट थे। यानी अफगानिस्तान ने एक विकेट गंवा दिया।
अगली ही गेंद पर ऋषभ पंत भी मुश्किल में नजर आए। गेंद उनके बल्ले के बेहद करीब से निकलकर विकेटकीपर अफसर जजई के पास पहुंची। खिलाड़ियों ने ज्यादा जोरदार अपील नहीं की और इस बार भी DRS नहीं लिया गया, लेकिन बाद में अल्ट्राएज में साफ दिखा कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई थी। यानी पंत भी आउट थे।
अफगानिस्तान के लिए यह पल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता था। अगर दोनों बल्लेबाज आउट हो जाते तो भारत का स्कोर 398/5 हो जाता और मैच का रुख बदल सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अफगानिस्तान ने पहले दिन भी डीआरएस लेने में चूक की थी।
पहले दिन केएल राहुल को भी दिया था जीवनदान पहले दिन भी अफगानिस्तान ने केएल राहुल के खिलाफ कैच आउट की अपील पर रिव्यू नहीं लिया था। उस समय राहुल सिर्फ 16 रन पर थे। इसके बाद उन्होंने शानदार शतक जड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि गिल बाद में 126 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। दूसरी ओर पंत ने भी मौके का पूरा फायदा उठाया।
अफगानिस्तान के नए कोच रिचर्ड पाइबस पहले ही कह चुके हैं कि टीम ने अहम मौके गंवाए हैं, लेकिन दूसरे दिन लगातार दो गेंदों पर हुई डीआरएस की गलतियां यह दिखाती हैं कि टीम अभी भी इस तकनीक के इस्तेमाल में अनुभव की कमी से जूझ रही है। भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ऐसे मौके गंवाना बेहद महंगा साबित हो सकता है और अफगानिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
बिहार के 15 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली श्रृंखला के लिए भारतीय टी20 टीम में चयन पर उनके परिवार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत अब रंग ला रही है।
सूर्यवंशी को शनिवार को भारतीय टीम में चुना गया। वह 15 साल और 71 दिन की उम्र में भारतीय टीम में स्थान बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वह भारत की तरफ से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का सचिन तेंदुलकर रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
समस्तीपुर जिले के ताजपुर के रहने वाले सूर्यवंशी उस भारतीय टीम का हिस्सा होंगे जो दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों (26 जून और 28 जून) के लिए आयरलैंड का दौरा करेगी। इसके बाद यह टीम एक से 11 जुलाई के बीच इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेलेगी।
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बचपन से ही उसने जो कड़ी मेहनत की है, उसका फल अब मिल रहा है।
देश के लिए खेलने का मौका मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मेरी इच्छा आज पूरी हो गई।‘‘
उन्होंने अपने बेटे पर भरोसा जताने के लिए चयनकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस युवा क्रिकेटर को ‘‘अब बस उस भरोसे पर खरा उतरने की जरूरत है।’’
वैभव की दादी उषा सिंह ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि मेरा पोता भारत की सीनियर टीम की तरफ से खेलने की उपलब्धि हासिल करने वाला है।’’
वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी ने कहा कि उनके चयन से पूरे देश में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे अधिक की क्या उम्मीद कर सकते थे। मैं चयनकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करता हूं और वैभव को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं।’’
सूर्यवंशी का टीम में शामिल होना लगभग तय था, क्योंकि उन्होंने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे।