देश में घरेलू हिंसा दर 29.2% से घटकर 22.3% हुई:महिलाओं में मोटापा 7% बढ़ा; 96.5% घरों तक साफ पानी पहुंचा; नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24 (NFHS-6) की रिपोर्ट शुक्रवार को जारी हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं में मोटापा साल 2019-21 के मुकाबले 7% बढ़ गया। 2019 के मुकाबले देश में घरेलू हिंसा की दर 29.2% से घटकर 22.3% पर आ गई है। वहीं, बाल विवाह का कुल आंकड़ा 23.3% से घटकर 20.1% रह गया है। कामकाजी महिलाएं 30.8% तक पहुंच गईं, जो पहले 25.4% थीं। वहीं, निजी अस्पतालों में होने वाली सिजेरियन डिलीवरी की 54.1% के रिकॉर्ड स्तर पर है। शुरुआती 6 महीनों तक शिशुओं को ‘केवल स्तनपान’ कराने की दर 63.7% से गिरकर 55.8% पर आ गई है। 98.3% घरों में बिजली और 96.5% घरों में साफ पानी पहुंच चुका है। महिलाओं में इंटरनेट का उपयोग दोगुना होकर 64.3% पर पहुंच गया है। 18.8% महिलाओं के पास जमीन का मालिकाना हक देश में अब कुल 18.8% परिवारों में महिलाओं के पास मकान या जमीन का मालिकाना हक है। शहरों में 18.2% और ग्रामीण इलाकों में 19.1%। जबकि पिछले (2021) सर्वे में यह केवल 14.0% था। लेकिन परिवार नियोजन के आधुनिक तरीके (जैसे गोली, कंडोम, नसबंदी) अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में गिरावट आई है और यह पिछले सर्वे के 56.4% से घटकर अब कुल 52.7% रह गई हैं। कुपोषित बच्चों में बच्चों में नाटापन घटा 2021 के सर्वे में कुपोषित बच्चों में नाटेपन का आंकड़ा 35.5% था, जो अब घटकर 29.3% पर आ गया है। बच्चों की लंबाई में आया यह 6.2 प्रतिशत अंकों का सुधार एक बहुत बड़ी और सकारात्मक राहत है। 6 महीने से 2 साल तक के केवल 15.3% बच्चों को सही और संतुलित खाना मिल पा रहा है। यानी 85% बच्चों को जरूरी पोषण नहीं मिल रहा। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… देशभर में अपराध 6 फीसदी घटे, NCRB की रिपोर्ट: 2024 में कुल 58.85 लाख केस दर्ज, महिलाओं और SC-ST के खिलाफ क्राइम में कमी देशभर में 2024 में दर्ज अपराधों की संख्या में 6 फीसदी की गिरावट आई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के मुताबिक, 2023 में 62.41 लाख मामलों के मुकाबले 2024 में 58.85 लाख केस दर्ज हुए। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक में संपत्ति विवाद के चलते 6 लोगों की हत्या; 10 एकड़ जमीन को लेकर पुराना झगड़ा
कर्नाटक के विजयापुरा में संपत्ति विवाद के चलते शुक्रवार दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच गोविंदपुरा गांव में छह लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें से पांच लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों की पहचान दुंडप्पा निरल (65), शिवपुत्र निरल (58), चंद्रकांत उर्फ चंदू निरल (55), राहुल निरल (25), समर्थ निरल (23) और शब्बीर अत्तार (45) के रूप में हुई है, जबकि इस घटना में अरविंद (72) और संदीप (33) नामक दो लोग घायल हुए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, पीड़ितों के परिवार और पास के गांव के एक अन्य परिवार के बीच करीब 10 एकड़ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। आज की अन्य बड़ी खबरें… केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘स्काईकास्ट सिस्टम’ का उद्घाटन किया, दुनिया के सिर्फ 18 देशों के पास ऐसी तकनीक केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर भारत के पहले ‘स्काईकास्ट सिस्टम’ का उद्घाटन किया है। ृदुनिया भर में केवल 18 देशों के पास ऐसी प्रणाली है। दिल्ली के बाद यह सिस्टम जेवर एयरपोर्ट और फिर देश के अन्य हवाई अड्डों पर लगाया जाएगा। ये सिस्टम हवा की गति, दिशा, कोहरे और हवा के उतार-चढ़ाव (टर्बुलेंस) पर पैनी नजर रखेगा। यह तकनीक पायलटों और विमान ऑपरेटरों को उड़ान भरने और लैंडिंग के दौरान करीब तीन घंटे पहले ही मौसम का सटीक अलर्ट दे देगी। पुलवामा और शोपियां में कार्डियक अरेस्ट से CRPF के दो अधिकारियों की मौत जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जिलों में स्थित अपने कैंपों में शुक्रवार को कार्डियक अरेस्ट के कारण केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो अधिकारियों की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा के रहने वाले इंस्पेक्टर तेजपाल सिंह शाम करीब 5:00 बजे पुलवामा के लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC) में अचेत अवस्था में पाए गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी घटना शोपियां के ज़ैनापोरा इलाके के एक कैंप में हुई, जहां जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के निवासी 56 वर्षीय असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) एस. सिंह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। अधिकारियों ने बताया कि जब उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, तो वहां उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया। ओवैसी बोले- सड़कों पर नमाज पढ़ना गलत है, तो हर धर्म के त्योहारों पर यही नियम लागू हो AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि अगर सड़कों पर नमाज पढ़ना गलत है, तो हर धर्म के त्योहारों को सड़क पर मनाने के लिए भी यही नियम लागू होना चाहिए। अपनी पार्टी के मुख्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिमों को हाशिए पर धकेलने और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब उत्तराखंड से दिल्ली तक धार्मिक यात्राएं निकाली जाती हैं और सड़कें बंद हो जाती हैं, तब उन पर आपत्ति क्यों नहीं जताई जाती, जबकि सड़कों पर पढ़ी जाने वाली नमाज बहुत कम समय के लिए होती है।
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