स्पेन में हंतावायरस का नया पॉजिटिव केस, क्वारंटाइन स्पेनिश यात्रियों में एक और संक्रमित
मैड्रिड, 26 मई (आईएएनएस)। स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 14 स्पेनिश नागरिकों में हंतावायरस संक्रमण का एक नया पॉजिटिव मामला सामने आने की पुष्टि की है। ये नागरिक एमवी होंडियस क्रूज जहाज के यात्रियों में शामिल थे, जो अप्रैल में अटलांटिक महासागर पार करते समय इस बीमारी के प्रकोप से प्रभावित हुआ था।
जहाज पर सवार 14 स्पेनिश नागरिकों को 10 मई को टेनेरिफ द्वीप से बेहद सख्त निगरानी वाले ऑपरेशन के तहत निकाला गया था और तब से वे मैड्रिड के गोमेज उल्ला सेंट्रल डिफेंस हॉस्पिटल में एहतियाती क्वारंटाइन में हैं।
मंत्रालय के अनुसार, यह नया पॉजिटिव मामला पहले से लागू आइसोलेशन और कंट्रोल सिस्टम के तहत किए गए रूटीन पीसीआर टेस्ट के दौरान सामने आया।
मंत्रालय ने बताया कि मरीज में फिलहाल कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। उसे अस्पताल की हाई-लेवल आइसोलेशन यूनिट (यूएटीएएन) में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां वह विशेष मेडिकल निगरानी और सख्त बायोसेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि इस नए मामले का पता चलने से आम लोगों के लिए जोखिम का स्तर नहीं बदलता है और न ही इससे फिलहाल लागू महामारी-संबंधी प्रतिक्रिया उपायों में कोई बदलाव किया गया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मैड्रिड पहुंचने के बाद पॉजिटिव पाए जाने वाले यह दूसरे स्पेनिश नागरिक हैं। वहीं, पहले मरीज के बारे में बताया गया है कि लक्षण दिखने के बाद उनकी सेहत में अच्छा सुधार हो रहा है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हंतावायरस जूनोटिक वायरस होते हैं, जो स्वाभाविक रूप से कृन्तकों (रोडेंट्स) को संक्रमित करते हैं और कभी-कभी इंसानों में भी फैल जाते हैं। इंसानों में संक्रमण गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित होता है। हालांकि, बीमारी के लक्षण और प्रभाव वायरस के प्रकार तथा भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
अमेरिका में देखा गया है कि संक्रमण से हंतावायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (एचसीपीएस) हो सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जो तेजी से बढ़ती है और फेफड़ों व दिल को प्रभावित करती है। वहीं, यूरोप और एशिया में हंतावायरस से हेमोरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (एचएफआरएस) होने के मामले सामने आए हैं, जो मुख्य रूप से किडनी और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है।
हालांकि, हंतावायरस से होने वाली बीमारियों का कोई विशिष्ट इलाज मौजूद नहीं है, फिर भी शुरुआती सहायक चिकित्सा देखभाल मरीज के जीवित रहने की संभावना को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसका मुख्य जोर मरीज की बारीकी से क्लिनिकल निगरानी करने और श्वसन, हृदय तथा गुर्दे से जुड़ी जटिलताओं के प्रबंधन पर होता है। इस बीमारी की रोकथाम काफी हद तक लोगों और संक्रमित कृन्तकों (रोडेंट्स) के बीच संपर्क कम करने पर निर्भर करती है।
--आईएएनएस
पीएसके/एएस
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Bada Mangal 2026: आज दुर्लभ संयोग में चौथा बड़ा मंगल पर्व, बजरंगबली को इन चीजों का लगाएं भोग, जानें विधि और महत्व
Bada Mangal 2026: सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित होता है. इस दिन विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा का व्रत करने से साधकों के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. ज्येष्ठ माह के मंगलवार बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आज यानी 26 मई को ज्येष्ठ माह का चौथा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. उत्तर भारत में बड़े मंगल का पर्व बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. आइए जानते हैं चौथे बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व के बारे में.
चौथा बड़ा मंगल पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04: 03 बजे से 4:44 बजे तक.
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक.
विजय मुहूर्त: दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक.
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:55 बजे से 7:56 बजे तक.
संध्याकाल मुहूर्त: शाम 07:11 बजे से रात 08:33 बजे तक
चौथे बड़े मंगल पर बजरंगबली को लगाएं ये भोग
गुड़ और चने का भोग
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए आज चौथे बड़े मंगल पर गुड़ और चने का भोग लगाएं. ये भोग लगाने से मंगल दोष से मुक्ति मिलती है. साथ ही गुड़ चने का भोग जीवन की तमाम परेशानियां दूर करता है.
इमरती
बजरंगबली को इमरती बेहद प्रिय है. मान्यता है कि पूजा के समय हनुमान जी को इमरती का भोग लगाने से सारी साधकों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.
नारियल
इसके अलावा आज चौथे बड़े मंगल पर हनुमान जी के समक्ष सिंदूर लगाकर कलावा बांधकर साबुत नारियल का भोग लगाएं. ऐसा करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है.
बूंदी के लड्डू
मान्यता है कि हनुमान जी को बूंदी के लड्डू बेहद पसंद है. लड्डू चढ़ाने से हनुमानजी अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देते हैं.
चौथे बड़े मंगल की पूजा विधि
आज बड़े मंगल के दिन सुबह उठकर स्नान करें
साफ सुथरे वस्त्र धारण करें.
लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनें.
पूजा के बाद व्रत का संकल्प लें.
बजरंगबली के समक्ष दीपक जलाएं.
पूजा के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें.
बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का भी पाठ करें.
'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का जाप करें.
पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरण करें.
चौथे बड़े मंगल पर न करें ये गलतियां
पैसा उधार देने से बचें.
यात्रा न करें.
विवाद से दूरी बनाएं.
मांसाहार चीजों का सेवन न करें.
चौथे बड़े मंगल का महत्व
ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है, जो पूरी तरह से भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना और सेवा को समर्पित है。यह दिन बजरंगबली के प्रति अटूट आस्था, साहस, आरोग्य की प्राप्ति और समाज में निःस्वार्थ सेवा (जैसे भंडारे और प्याऊ) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.
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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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