शुरुआत में लगातार जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही पंजाब किंग्स की टीम अब मुश्किल दौर से गुजर रही है। आईपीएल 2026 में शानदार आगाज करने वाली यह टीम लगातार छह मुकाबले हार चुकी है और अब प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद दूसरी टीमों के परिणामों पर भी निर्भर हो गई हैं।
गौरतलब है कि आठ साल पहले आईपीएल 2018 में भी पंजाब की टीम ने शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन बाद में लगातार हार के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। इस बार भी हालात कुछ वैसे ही दिखाई दे रहे हैं।
अब पंजाब किंग्स का अगला मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ बेहद अहम माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार अगर पंजाब यह मैच हारती है तो उसकी प्लेऑफ की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। वहीं जीत मिलने की स्थिति में भी टीम को मुंबई इंडियंस से उम्मीद करनी होगी कि वह राजस्थान रॉयल्स को हराए।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत में पंजाब किंग्स ने जीत हासिल की थी, लेकिन तब से अब तक काफी कुछ बदल चुका है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम भले ही अंक तालिका में निचले स्थान पर हो, लेकिन टीम के कुछ खिलाड़ी शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं।
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे बड़ी राहत मिचेल मार्श की बल्लेबाजी रही है। मार्श ने हाल के मुकाबलों में 111, 90 और 96 रन जैसी बड़ी पारियां खेलकर विरोधी टीमों को परेशानी में डाला है। उनके साथ जोश इंग्लिस भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं। ऐसे में पंजाब के गेंदबाजों पर शुरुआती ओवरों में विकेट लेने का दबाव रहेगा।
वहीं पंजाब किंग्स के युवा बल्लेबाज प्रियांश आर्य की फॉर्म चिंता का विषय बन गई है। शुरुआती सात पारियों में तेज रन बनाने वाले प्रियांश पिछले कुछ मुकाबलों में संघर्ष करते दिखाई दिए हैं। खासतौर पर छोटी लंबाई की गेंदों पर उन्हें लगातार परेशानी हुई है। ऐसे में मोहम्मद शमी, मयंक यादव और मोहसिन खान जैसे तेज गेंदबाज उन्हें निशाना बना सकते हैं।
बता दें कि लखनऊ की टीम इस सीजन में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। कप्तान ऋषभ पंत समेत कई बल्लेबाज निरंतरता बनाए रखने में असफल रहे हैं। हालांकि टीम अपने आखिरी मुकाबलों में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
संभावित टीमों की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत, आयुष बदोनी और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी मैदान में दिखाई दे सकते हैं। वहीं पंजाब किंग्स की टीम में श्रेयस अय्यर, प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह, मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल पर नजरें रहेंगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि पंजाब किंग्स लगातार हार का सिलसिला तोड़कर प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रख पाती है या फिर लखनऊ सुपर जायंट्स उनका सफर यहीं खत्म कर देती हैं।
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विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसका मतलब है कि यह ऑलराउंडर अब आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में नहीं खेलेंगे। भारतीय क्रिकेट में दो दशकों से अधिक समय बिताने के बाद, उनका इरादा विदेशों में अवसर तलाशने का है। उन्होंने 22 मई, शुक्रवार को जारी एक विस्तृत बयान में इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि वे बेहतर अवसरों की तलाश में भारत से बाहर क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं।
गौरतलब है कि शंकर के संन्यास से आईपीएल के साथ उनका लंबा जुड़ाव समाप्त हो गया है, जहां उन्होंने 10 सीजन में चार अलग-अलग फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया। 78 आईपीएल मैचों में उन्होंने 1233 रन बनाए और नौ विकेट लिए। घरेलू क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 77 प्रथम श्रेणी मैचों में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। तमिलनाडु के इस क्रिकेटर ने श्वेत गेंद क्रिकेट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें उन्होंने 12 वनडे और 9 टी20 मैच खेले हैं। राष्ट्रीय टीम के लिए उनका आखिरी मैच जून 2019 में था।
शंकर ने अपने बयान में कहा कि क्रिकेट मेरी जिंदगी है। मैंने 10 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था और 25 साल बाद, मैं हर स्तर पर और उच्चतम स्तर तक खेलने के लिए आभारी और धन्य महसूस करता हूं। अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा मेरे सबसे गौरवपूर्ण और खुशी के पलों में से एक रहेगा। मैंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास लेने का फैसला किया है ताकि मैं नए अवसरों की तलाश कर सकूं और और क्रिकेट खेल सकूं। मुझे वह करने देने के लिए धन्यवाद कहना काफी नहीं होगा जो मुझे पसंद है। मैं आपका हमेशा आभारी रहूंगा।
शंकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के कई अहम पलों को याद किया, जिनमें भारत की जर्सी में किए गए यादगार प्रदर्शन भी शामिल हैं, जो उनके आखिरी मैच के बाद भी लंबे समय तक उनके दिलों में बसे रहे। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद - बहुत कुछ सीखने को मिला, अनगिनत यादें हैं और कई प्रेरणाएं मिली हैं! देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। नागपुर में भारत के 500वें वनडे में आखिरी ओवर फेंकना और 2019 विश्व कप में पहली गेंद पर पहला विकेट लेना, ये वो पल हैं जिन्हें मैं हमेशा संजो कर रखूंगा!
35 वर्षीय शंकर ने आगे कहा कि मेरी आईपीएल टीमें जीटी, एसआरएच, सीएसके और डीसी - विशेष धन्यवाद! हर तरफ से मिले अनुभव और सीख ने मुझे आज इस मुकाम तक पहुंचाया है! अपने बयान के समापन में, इस ऑलराउंडर ने अपने करियर के दौरान मिली आलोचनाओं का जवाब दिया और क्रिकेट को अपने जीवन के प्रति दृष्टिकोण को आकार देने का श्रेय दिया। शंकर ने कहा कि मैंने असहनीय नफरत और नकारात्मकता का सामना किया है। मैं इस अवसर पर आपको बताना चाहता हूं कि मैंने इसे नजरअंदाज करके आगे बढ़ने का फैसला किया। अगर मैं ऐसा कर सकता हूं, तो कोई भी कर सकता है! सकारात्मक सोचें और कड़ी मेहनत करें। क्रिकेट ने मुझे जीवन सिखाया है। क्रिकेट ही मेरा जीवन है।
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