शहर में पढ़ाई, नौकरी और बिजनस के लिए लोग किराए के घर में रहते हैं। ऐसे में लोगों का लगता है कि अपने घर में वास्तु के उपाय किए जाते हैं, किराए के घर में नहीं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, किराए के घर में कुछ भी आसान वास्तु उपाय अपनाकर सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और तरक्की प्राप्त की जा सकती है। सबसे जरुरी बात तो यह है कि इन उपायों के लिए किसी प्रकार की तोड़फोड़ या बड़े बदलाव की जरुरत नहीं है।
घर की साफ-सफाई
वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्वच्छ घर में सकारात्मक ऊर्जा निरंतर बनीं रहती है। किराए के घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले पूरे घर की अच्छी तरह से सफाई कर लें। घर के बेकार, टूटी-फूटी और अनुपयोगी वस्तुएं जमा बिल्कुल न करें। माना जाता है कि गंदगी और अव्यवस्छा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है, जिससे मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती हैं।
मुख्य द्वार पर दें ध्यान
वास्तु के मुताबिक घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रमुख स्रोत माना जाता है। किराए के घर में मुख्य दरवाजे को हमेशा साफ रखें। दरवाजे पर शुभ प्रतीक जैसे कि स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ लगाना शुभ होता है। इसके अलावा मुख्य द्वार के पास पर्याप्त रोशनी होना जरुरी है। जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा।
पूजा स्थान सही दिशा में रखें
किराए के घर में रहने वाले लोगों के लिए सबसे जरुरी है सही पूजा स्थान। घर में छोटा सा पूजा स्थान भी सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद करता है। वास्तु अनुसार, ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा पूजा के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। अगर संभव हुआ तो पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ जरुर करें। इससे मन में शांति और सकारात्मकता बनीं रहेगी।
सोने की दिशा का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। इससे नींद अच्छी आती है और मानसिक तनाव कम होता है। लेकिन उत्तर दिशा में सिर रखकर सोने से बचना चाहिए। किराए के घर में भी इस छोटे से नियम को अपनाकर हेल्थ और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।
रसोई और जल तत्व का संतुलन
घर में रसोई गलत दिशा में हो, तो चिंता करने की जरुरत नहीं है। वास्तु मान्यता के अनुसार, रसाई को हमेशा साफ-सुथरा रखें और गैस चूल्हे के पास पानी से भरे बर्तन न रखें। क्योंकि पानी और अग्नि तत्व का संतुलन बनाए रखना जरुरी होता है। इसके अलावा घर में पानी का रिसाव या टपकता नल तुरंत ठीक करवाने चाहिए, क्योंकि इसे आर्थिक हानि का कारण माना जाता है।
Continue reading on the app
टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख निजी कंपनी जियो और सरकारी टेलीकॉम सेवा प्रदाता बीएसएनएल अपने किफायती ब्रॉडबैंड ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। यदि आप लगभग 399 रुपये के बजट में नया ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने का विचार कर रहे हैं, तो किसी भी प्लान को चुनने से पहले दोनों कंपनियों की सुविधाओं और बेनिफिट्स की अच्छी तरह तुलना कर लेना बेहतर रहेगा।
बीएसएनएल का 399 रुपये वाला स्पार्क प्लान
BSNL के इस ब्रॉडबैंड प्लान का नाम स्पार्क प्लान है। इस प्लान में ग्राहकों को 30 दिन के लिए 3.3 TB यानी 3300 GB डेटा दिया जाता है। इंटरनेट की स्पीड 50 एमबीपीएस रहती है। इसके साथ ही सभी नेटवर्क पर मुफ्त कॉलिंग की सुविधा भी दी गई है। लेकिन कॉलिंग के लिए लैंडलाइन उपकरण अलग से खरीदना होगा। यह उपकरण कंपनी मुफ्त में नहीं देगी।
वैसे यूजर्स के लिए यह प्लान अच्छा माना जा रहा है जिन लोगों को ज्यादा डेटा की जरुरत होती है। बता दें कि, बीएसएनएल ने यह भी साफ किया है कि 12 महीने पूरे होने के बाद इस प्लान की कीमत बढ़कर 442 रुपये हो जाएगी। लेकिन इसके बाद भी इंटरनेट की स्पीड 50 एमबीपीएस बनी रहेगी। यदि यूजर तय डेटा सीमा खत्म कर लेता है, तो इंटरनेट स्पीड घटाकर 4 एमबीपीएस हो जाएगी। कंपनी इसमें कोई भी OTT एप का फायदा नहीं दे रही है।
जियो के 399 रुपये वाले प्लान में क्या खास?
जियो भी अपने यूजर्स के लिए 399 रुपये में अपना ब्रॉडबैंड प्लान दे रहा है। इस प्लान में 6 महीने और 12 महीने की वैधता विकल्व के साथ उपलब्ध है। इस प्लान में ग्राहकों को 30 एमबीपीएस स्पीड के साथ 3.3 TB (3,300 GB) डेटा मिलेगा। इसके साथ ही किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। लेकिन जियो के इस प्लान में फ्री ओटीटी या टीवी चैनलों का फायदा नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है कि यहां भी मनोरंजन का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
किसका प्लान सबसे बेहतर है?
जियो और बीएसएनएल दोनों के 399 रुपये के ब्रॉडबैंड प्लांस सबसे बेसिक हैं। दोनों ही प्लान्स में यूजर्स को एक जैसे फायदे दिए जा रहे हैं। लेकिन, जब स्पीड की बात आती है, तो जियो इसमें बीएसएनएल से काफी आगे है।
जियो में आपको 28-30 Mbps की इंटरनेट स्पीड मिलती है, जबकि बीएसएनएल स्पीड के मामले में स्ट्रगल करती नजर आती है। जियो में कॉन्सटेंट इंटरनेट स्पीड मिलती है, जबकि बीएसएनएल में स्पीड कम-ज्यादा होती रहती है। इसलिए जब आप कनेक्शन लेने का प्लान कर रहे हैं, तो पहले इंटरनेट की जरुरत के बारे में एक बार अच्छे से जान लें।
Continue reading on the app