Responsive Scrollable Menu

विनेश फोगाट के एशियन गेम्स खेलने की गारंटी नहीं:लांग लिस्ट में नाम नहीं, ट्रायल जीतीं तो भी OCA करेगा अंतिम फैसला; हाईकोर्ट से राहत मिली

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर ट्रायल में हिस्सा लेने की छूट के बाद भी रेसलर विनेश फोगाट के जापान में एशियन गेम्स-2026 खेलने की गारंटी नहीं है। 19 सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भेजी गई संभावित खिलाड़ियों (लांग लिस्ट) में विनेश का नाम नहीं है। भारतीय कुश्ती फेडरेशन (WFI) की ओर से इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOC) को भेजी सूची में इस रेसलर का नाम नहीं था। आईओसी ने यही लिस्ट आगे एशियन ओलंपिक परिषद (OCA) और जापान की आयोजन समिति को भेजी। ऐसे में अब OCA के रुख पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए 23 मई को फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि मातृत्व (Motherhood) को किसी महिला खिलाड़ी के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता। इसमें विनेश को ट्रायल में हिस्सा लेने की रियायत दी गई थी। यह ट्रायल 30 और 31 मई को होने हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने उनके मातृत्व अवकाश और अन्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें शुरुआत में अयोग्य ठहराया था, जिसके कारण उनका नाम लांग लिस्ट में नहीं भेजा। 3 पॉइंट में जानिए नियमों को लेकर टेक्निकल स्थिति… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश ने वीडियो जारी बृजभूषण पर साधा था निशाना.. बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे। पेरिस ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई हुई थीं विनेश विनेश 2024 पेरिस ओलिंपिक में महिलाओं की 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में खेली थीं। उन्होंने फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन फाइनल से पहले उनका वजन तय सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। नियमों के मुताबिक उन्हें पूरे इवेंट से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें कोई मेडल नहीं मिला, जबकि वे फाइनल तक पहुंच चुकी थीं।

Continue reading on the app

दिल्ली जिमखाना क्लब ने सरकार से दूसरी जगह जमीन मांगी:केंद्र ने 27.3 एकड़ जमीन वापस मांगी थी, 5 जून तक खाली करने का ऑर्डर

केंद्र सरकारी की 113 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब को लेकर बनाई गई जनरल कमेटी ने सोमवार को सरकार से अपील की है कि क्लब का कामकाज प्रभावित न किया जाए। कमेटी ने कहा कि अगर सरकार कब्जे की कार्रवाई आगे बढ़ाती है तो क्लब को दूसरी जगह जमीन दी जाए। दरअसल, लुटियंस दिल्ली स्थित ऐतिहासिक क्लब पर करीब 48 करोड़ रुपए का ग्राउंड रेंट बकाया है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (LDO) ने सितंबर 2025, मार्च 2026 और अप्रैल 2026 में क्लब प्रबंधन को नोटिस भेजे थे। अप्रैल में जारी आखिरी नोटिस में एक हफ्ते के भीतर बकाया राशि जमा करने को कहा गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि भुगतान नहीं होने पर क्लब की 27.3 एकड़ जमीन वापस ले ली जाएगी। इसके बाद 22 मई को क्लब को 5 जून तक कैंपस खाली करने का ऑर्डर दिया है। दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी। 1913 में यह इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब नाम से शुरू हुआ था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया। मौजूदा भवन 1930 के दशक में बनाए गए थे। क्लब बोला- 4 साल में वित्तीय हालत सुधारी जनरल कमेटी ने कहा कि अप्रैल 2022 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद से वह क्लब का संचालन संभाल रही है। पिछले 4 साल में क्लब की प्रशासनिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। 2021-22 में क्लब को 12.39 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था, जबकि 2023-24 में 9.25 करोड़ रुपए के मुनाफे का अनुमान है। यह सुधार बिना नई सदस्यता बढ़ाए किया गया। कमेटी ने यह भी कहा कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त सदस्य मानद आधार पर काम कर रहे हैं और उन्हें किसी तरह का वेतन या वित्तीय लाभ नहीं मिलता। कमेटी के मुताबिक: सदस्यों ने कार्रवाई को बताया अवैध सोमवार को हुई बैठक में क्लब सदस्यों ने कब्जे की कार्रवाई को अवैध बताया। उनका कहना है कि उन्हें पहले बकाया और नोटिसों की जानकारी नहीं दी गई। सदस्यों ने कहा कि क्लब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी विरासत है। उन्होंने क्लब बंद करने की बजाय प्रशासनिक सुधार की मांग की। जनरल कमेटी ने कहा कि क्लब को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा बनाने में भारी खर्च आएगा। इससे क्लब से जुड़े करीब 600 कर्मचारियों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। क्लब को मौजूदा जगह पर बनाए रखने के लिए LDO और शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। क्लब हाई-सोसायटी स्टेटस का प्रतीक पिछले 113 सालों से यह क्लब हाई-सोसायटी स्टेटस का प्रतीक रहा है। यह क्लब लंबे समय से नौकरशाहों, सेना प्रमुखों, जजों, राजनेताओं, उद्योगपतियों और पुराने कारोबारी परिवारों का पसंदीदा अड्डा रहा है। यहां की सदस्यता को किसी बड़े सरकारी पद जितना प्रतिष्ठित माना जाता है। हर साल सिर्फ 100 लोगों को मिलती है मेंबरशिप करीब 1200 सदस्यों वाले इस क्लब में एंट्री पाना बेहद मुश्किल माना जाता है। सदस्यता के लिए 20 से 30 साल तक इंतजार करना पड़ता था। हर साल सिर्फ करीब 100 नए लोग ही मेंबरशिप ले पाते हैं। क्लब में दशकों तक 40-40-20 नियम लागू रहा। 40% सदस्यता सिविल सर्विस, 40% रक्षा सेवाओं और बाकी 20% अन्य लोगों को मिलती थी। पहले से क्लब के मेंबर्स के बच्चों को भी प्राथमिकता दी जाती थी। इससे बाहरी लोगों के लिए सदस्य बनना और मुश्किल हो जाता था। सदस्यता से पहले ‘एट होम’ नाम की प्रक्रिया भी होती थी, जहां मौजूदा सदस्य यह तय करते थे कि नया व्यक्ति उनके स्टेटस का है या नहीं। इसी हाई-सोसायटी स्टेटस कल्चर को लेकर क्लब विवादों में भी रहा। दिल्ली जिमखाना बनाम केंद्र सरकार: विवाद की टाइमलाइन ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन, PM बोले- नॉर्थ-साउथ ब्लॉक ब्रिटिश हुकूमत का प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को नए पीएम ऑफिस सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 व 2 का उद्घाटन किया। पीएम ऑफिस अब तक साउथ ब्लॉक में था। पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें ब्रिटिश शासन की हुकूमत की प्रतीक थीं। ये भवन ब्रिटेन के महाराज की सोच को गुलाम भारत की जमीन पर उतारने का माध्यम था। हमें गुलामी की इस मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी था। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

Rohit Sharma Padma Shri: पद्म श्री अवॉर्ड लेने क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? हिटमैन के लिए सामने आई ये खास वजह

Rohit Sharma not receive Padma Shri: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा नई दिल्ली में 25 मई को आयोजित पद्म श्री समारोह में दिखाई नहीं दिए. वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने व्यक्तिगत रूप से इस अवॉर्ड को लेने राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं. ऐसे में फैंस में ये हैरानी है कि आखिर रोहित शर्मा अवॉर्ड लेने क्यों नहीं गए थे. Tue, 26 May 2026 06:11:43 +0530

  Videos
See all

Gulmarg Cable-Car Rescue | गुलमर्ग में पूरा हुआ Rescue Operation.. बच गई 300 पर्यटकों की जान ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T23:00:19+00:00

Heatwave Alert India 2026 : नौतपा में भूलकर भी न करें ये गलतियां | Heat wave Alert | Top | N18V | #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T23:00:23+00:00

News Ki Pathshala | Strait of Hormuz के खुलने की तैयारी.. Iran-US डील से दुनिया को मिलेगी राहत ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T22:30:14+00:00

Padma Award Winners के सम्मान में Amit Shah का भव्य रात्रिभोज.. देश के दिग्गज हुए शामिल ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-25T22:45:32+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers