Marco Rubio India Visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का पहला भारत दौरा, सुरक्षा व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा
वैश्विक कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिली है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्चस्तरीय और बेहद अहम द्विपक्षीय बैठक थी।
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों को नई दिशा देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जल्द से जल्द भारत आने का औपचारिक न्योता भी दिया है।
Happy to receive the US Secretary of State, Mr. Marco Rubio.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 23, 2026
We discussed sustained progress in the India-US Comprehensive Global Strategic Partnership and issues related to regional and global peace and security.
India and the United States will continue to work closely for… pic.twitter.com/CuD0DdDXB7
विदेश मंत्री बनने के बाद मार्को रुबियो का पहला भारत दौरा
फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की द्विपक्षीय मुलाकात के बाद यह पहला मौका है जब ट्रंप प्रशासन का कोई शीर्ष नेता कूटनीतिक संवाद के लिए भारत आया है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और आधुनिक तकनीक को लेकर बेहद सकारात्मक माहौल में लंबी चर्चा हुई।
एक घंटे चली अहम बैठक, इंडो-पैसिफिक और 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' पर विशेष जोर
पीएम आवास पर करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को और ज्यादा प्रगाढ़ व मजबूत बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में दोनों महाशक्तियों के बीच सुरक्षा ढांचे को और अधिक अभेद्य बनाने और व्यापारिक साझेदारी को एक नई गति देने पर सहमति बनी।
इसके अतिरिक्त, रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, स्वतंत्रता और 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' को बरकरार रखने के लिए दोनों देशों के साझा प्रयासों और कूटनीति पर गहराई से चर्चा की गई।
बैठक में एस. जयशंकर और अजीत डोभाल भी रहे मौजूद
इस हाई-प्रोफाइल बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विशेष रूप से मौजूद रहे।
तय शेड्यूल के मुताबिक, दिल्ली में इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक को संपन्न करने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दो शहरों - जयपुर और आगरा के विस्तृत दौरे पर रवाना होंगे।
इसके बाद, आगामी 26 तारीख को भारत में होने वाली 'क्वाड' देशों के विदेश मंत्रियों की महाबैठक में मार्को रुबियो हिस्सा लेंगे, जहां कई वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चारों देशों के बीच एक और दौर की कड़ी रणनीतिक वार्ता होगी।
Rheumatoid Arthritis: सुबह उठते ही जोड़ों में दर्द और सूजन? रुमेटाइड अर्थराइटिस के हो सकते हैं शुरुआती 6 संकेत
Rheumatoid Arthritis: आजकल बदलती लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण जोड़ों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें रुमेटाइड अर्थराइटिस एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी मानी जाती है, जो धीरे-धीरे शरीर के जोड़ों को नुकसान पहुंचाने लगती है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य थकान या हल्के दर्द जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय रहते पहचान न होने पर यह बीमारी रोजमर्रा की जिंदगी को काफी प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रुमेटाइड अर्थराइटिस में शरीर की इम्यून सिस्टम खुद ही स्वस्थ जोड़ों पर हमला करने लगती है। इसका असर हाथ, पैर, कलाई और घुटनों पर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। अगर शुरुआती संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए तो इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
रुमेटाइड अर्थराइटिस के शुरुआती 6 लक्षण
सुबह के समय जोड़ों में अकड़न
रुमेटाइड अर्थराइटिस का सबसे सामान्य शुरुआती लक्षण सुबह उठते समय जोड़ों में अकड़न महसूस होना है। यह अकड़न 30 मिनट या उससे ज्यादा समय तक बनी रह सकती है। खासकर हाथों और उंगलियों में जकड़न ज्यादा महसूस होती है।
जोड़ों में सूजन और दर्द
अगर हाथ, घुटने, कलाई या पैरों के जोड़ों में लगातार सूजन और दर्द बना रहता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआत में दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
लगातार थकान महसूस होना
इस बीमारी में शरीर अंदरूनी सूजन से लड़ता रहता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को हर समय थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त आराम के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है।
हल्का बुखार और वजन कम होना
रुमेटाइड अर्थराइटिस में कई लोगों को हल्का बुखार, भूख कम लगना और बिना वजह वजन घटने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह शरीर में चल रही सूजन का संकेत माना जाता है।
दोनों तरफ के जोड़ों पर असर
इस बीमारी की खास बात यह है कि यह अक्सर शरीर के दोनों तरफ के जोड़ों को प्रभावित करती है। जैसे अगर दाएं हाथ की कलाई में दर्द है तो बाएं हाथ में भी परेशानी महसूस हो सकती है।
उंगलियों को मोड़ने में परेशानी
शुरुआती दौर में उंगलियों या कलाई को मोड़ने और पकड़ बनाने में दिक्कत होने लगती है। कई बार छोटी चीजें पकड़ना भी मुश्किल लगने लगता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर ये लक्षण लगातार कई हफ्तों तक बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज शुरू होने से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है। साथ ही नियमित एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और वजन कंट्रोल रखना भी फायदेमंद माना जाता है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)




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