गर्मियों में शरीर का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है आम पन्ना, डिहाइड्रेशन और कमजोरी से दिलाता है राहत
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। गर्मियों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा खतरा शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी का होता है। डॉक्टर भी बार-बार लोगों को ऐसी चीजें खाने-पीने की सलाह देते हैं, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा बनाए रखें।
भारत में सदियों से इस्तेमाल होने वाला आम पन्ना इसी वजह से गर्मियों का बेहद खास पेय माना जाता है। कच्चे आम, मसालों और प्राकृतिक तत्वों से तैयार होने वाला यह पारंपरिक ड्रिंक सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद कई पोषक तत्व शरीर को गर्मी से होने वाली परेशानियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
कच्चे आम में विटामिन-सी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। मेडिकल रिसर्च बताती है कि विटामिन-सी शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है। गर्मियों में धूप और धूल की वजह से शरीर जल्दी थकने लगता है, ऐसे में आम पन्ना शरीर को अंदर से तरोताजा रखता है।
आम पन्ना का सबसे बड़ा फायदा शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना माना जाता है। तेज गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से सोडियम, पोटैशियम और दूसरे जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इससे कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कच्चे आम में मौजूद पोटैशियम और नमक के साथ मिलकर बना आम पन्ना शरीर में इन तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
पाचन तंत्र के लिए भी आम पन्ना को फायदेमंद माना जाता है। कच्चे आम में फाइबर और कुछ प्राकृतिक एसिड पाए जाते हैं, जो पेट की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। गर्मियों में अक्सर लोगों को अपच, गैस और भूख कम लगने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में आम पन्ना पेट को हल्का महसूस कराने और पाचन प्रक्रिया को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला भुना जीरा भी पाचन एंजाइम को सक्रिय करता है।
त्वचा के लिए भी यह पेय काफी लाभकारी माना जाता है। कच्चे आम में मौजूद विटामिन-ए और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। तेज धूप और गर्म हवा की वजह से त्वचा में रूखापन और जलन बढ़ सकती है। ऐसे में आम पन्ना शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में मदद करता है, जिसका असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। पर्याप्त पानी और पोषण मिलने से त्वचा ज्यादा स्वस्थ और चमकदार नजर आती है।
आम पन्ना शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है। कच्चे आम की तासीर ठंडी मानी जाती है और जब इसे पुदीना, काला नमक और जीरे जैसे तत्वों के साथ मिलाया जाता है, तब यह शरीर को राहत देने वाला पेय बन जाता है।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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Budget Friendly Trekking Destinations: गर्मियों में घूमने का है प्लान? उत्तराखंड की ये 5 बजट फ्रेंडली ट्रैकिंग जगहें हैं बेस्ट
Budget Friendly Trekking Destinations: गर्मियों की चिपचिपी गर्मी और भागदौड़ भरी जिंदगी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर पहाड़ों का रुख करते हैं. खासकर उत्तराखंड की वादियां हर किसी को अपनी ओर खींचती हैं. यहां की ठंडी हवाएं, बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल और हरे-भरे बुग्याल मन को सुकून देते हैं. कुछ लोग यहां शांति तलाशने आते हैं, तो कुछ एडवेंचर के लिए ट्रैकिंग का मजा लेना पसंद करते हैं. अगर आप भी इस समर सीजन दोस्तों के साथ किसी बजट फ्रेंडली ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो उत्तराखंड की ये ट्रैकिंग डेस्टिनेशन आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती हैं. यहां कम खर्च में बेहतरीन एडवेंचर और खूबसूरत नजारों का अनुभव मिलेगा.
ये हैं उत्तराखंड की 5 बजट फ्रेंडली ट्रैकिंग
दयारा बुग्याल ट्रेक
उत्तरकाशी जिले में स्थित दयारा बुग्याल ट्रेक प्रकृति प्रेमियों की पसंदीदा जगहों में से एक है. यहां दूर-दूर तक फैले हरे मैदान और हिमालय की बर्फीली चोटियां देखने को मिलती हैं. ट्रैकिंग के दौरान आपको खूबसूरत जंगल और शांत वातावरण का आनंद मिलेगा. इस ट्रेक की शुरुआत रैथल गांव से होती हैय गर्मियों में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है. मई और जून का समय ट्रैकिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. अगर बजट की बात करें, तो एक व्यक्ति का खर्च लगभग 5 से 6 हजार रुपये तक आ सकता है. इसमें रहने, खाने और बेसिक ट्रैवल का खर्च शामिल हो सकता है.
ब्रह्मताल ट्रेक
चमोली जिले में मौजूद ब्रह्मताल ट्रेक एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए शानदार जगह है. यह ट्रेक झीलों, बर्फीले पहाड़ों और ओक के घने जंगलों के बीच से होकर गुजरता है. यहां का रास्ता रोमांच से भरपूर होता है. ट्रैकिंग के दौरान आपको कई खूबसूरत व्यू पॉइंट देखने को मिलते हैं. सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा यहां बेहद आकर्षक लगता है. इस ट्रेक की शुरुआत लोहाजंग से होती है. यहां जाने का खर्च लगभग 5 हजार रुपये तक हो सकता है. हालांकि आपका कुल बजट रहने और खाने की सुविधा पर निर्भर करेगा.
चोपता-तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक
रुद्रप्रयाग जिले का चोपता-तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक धार्मिक और एडवेंचर दोनों अनुभव देता है. यह ट्रेक प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है. रास्ते में घास के मैदान, बर्फीले पहाड़ और शांत वातावरण देखने को मिलता है. इस ट्रेक की खास बात यह है कि यहां दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ के दर्शन भी होते हैं. चंद्रशिला पहुंचने के बाद हिमालय की चोटियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. ट्रैकिंग की शुरुआत चोपता से होती है. यहां जाने के लिए अप्रैल से जून का समय सबसे बेहतर माना जाता है. एक व्यक्ति का खर्च करीब 6 से 8 हजार रुपये तक हो सकता है.
केदारकांठा ट्रेक
उत्तराखंड के सबसे मशहूर ट्रेक्स में केदारकांठा का नाम जरूर लिया जाता है. यह ट्रेक अपने शानदार कैंपिंग अनुभव और खूबसूरत पहाड़ी दृश्यों के लिए मशहूर है. ट्रैकिंग के दौरान बर्फ से ढकी चोटियां, देवदार के जंगल और शांत वातावरण यात्रियों को अलग ही अनुभव देते हैं. यहां का सनराइज व्यू बेहद शानदार माना जाता है. इस ट्रेक की शुरुआत सांकरी गांव से होती है. यहां एक व्यक्ति का खर्च लगभग 5 से साढ़े 5 हजार रुपये तक हो सकता है. कम बजट में एडवेंचर चाहने वालों के लिए यह ट्रेक बेहतरीन विकल्प है.
हर की दून ट्रेक
अगर आप प्रकृति और पुराने पहाड़ी गांवों को करीब से देखना चाहते हैं, तो हर की दून ट्रेक आपके लिए परफेक्ट है. उत्तरकाशी जिले में स्थित यह ट्रेक बेहद खूबसूरत माना जाता है. यहां रास्ते में बहती नदियां, लकड़ी के पुराने घर और बर्फ से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं. ट्रैकिंग के दौरान आपको शांति और रोमांच दोनों का अनुभव होगा. इस ट्रेक की शुरुआत तालुका गांव से होती है. यहां जाने का खर्च लगभग 10 हजार रुपये तक पहुंच सकता है. हालांकि यहां का अनुभव जिंदगीभर याद रहने वाला होता है.
ट्रैकिंग पर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें
ट्रैकिंग शूज जरूर साथ रखें
पानी की बोतल और जरूरी दवाइयां रखें
मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें
प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें
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