पाठा क्षेत्र में हर घर नल योजना से गोपीपुर और सरहट गांवों में पानी की किल्लत घटी, बैलगाड़ियों पर निर्भरता हुई कम, आसान हुआ जीवन
चित्रकूट के पाठा क्षेत्र के गांवों में लोगों को वर्षों तक पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी.कभी बैलगाड़ियों में ड्रम रखकर तो कभी साइकिलों के सहारे लोग कई किलोमीटर दूर से पानी लाते थे, लेकिन अब हर घर नल योजना ने इन गांवों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है. वहीं चित्रकूट लोकल 18 की टीम जब पाठा क्षेत्र के गोपीपुर गांव पहुंची तो यहां का बदला हुआ नजारा देखने को मिला. जिस गांव में कभी हर घर के बाहर पानी ढोने वाली बैलगाड़ियां दिखाई देती थीं, वहां अब लोगों के घरों तक टोटियों से पानी पहुंच रहा है.
अचानक गायब हो जाएंगी पुरानी नदियां, नए रास्तों से आकर मचाएंगी तबाही! करोड़ों लोगों पर मंडराया जल प्रलय का खतरा
Himalayan Rivers Changing Course: हिमालय की नदियां तेजी से अपना रास्ता बदल रही हैं. एक नई रिसर्च के मुताबिक 1980 से 2020 के बीच नदियों के रास्ता बदलने की रफ्तार 33% बढ़ गई है. इसके पीछे का मुख्य कारण तेजी से पिघलते ग्लेशियर और ग्लोबल वॉर्मिंग है. नदियों के इस बदलते स्वभाव से भारत सहित एशिया के कई देशों के करोड़ों लोगों पर बाढ़, पानी के संकट और तबाही का खतरा मंडरा रहा है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)



