Responsive Scrollable Menu

'किस्मत बहादुरों का साथ देती है...' ऐसी सोच रखने वाले ईशान किशन ने रचा कीर्तिमान, IPL 2026 में संजू के बाद किया ये काम

IPL 2026 : भारत के बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज और सनराइजर्स हैदराबाद के उपकप्तान ईशान किशन ने आरसीबी के खिलाफ जीत में अहम योगदान दिया और 46 बॉल में 8 चौके और 3 छक्कों के साथ 79 रनों की पारी खेली. इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड हासिल किया. इसके साथ ही ईशान किशन संजू सैमसन के बाद आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड हासिल करने वाले संयुक्त रूप से नंबर-1 खिलाड़ी बन गए हैं. इन दोनों ने 3-3 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड हासिल किया है. ऐसा करने वाले ये दोनों इकलौत खिलाड़ी हैं.

ईशान किशन ने दिया बड़ा बयान

आरसीबी के खिलाफ हैदराबाद ने 255 रन बनाए और विरोधी टीम को 200 रन पर रोक दिया और 55 रनों से मैच जीत लिया. इस जीत के बाद जब ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड मिला तो उन्होंने बड़ा बयान दिया. उन्होंने क्या कहा, आइए इसके बारे में जातने हैं.

ईशान किशन ने कहा- किस्मत बहादुरों का साथ देती है 

ईशान किशन ने कहा कि, 'हां, बस इससे खुश हूं. एक बार में एक मैच पर ध्यान दे रहा हूं, इसे अपने लिए मुश्किल नहीं बना रहा, बस इसे सिंपल रख रहा हूं. जैसा कि मैंने टूर्नामेंट से पहले कहा था, यह बस बॉल को देखने और अपना गेम खेलने के बारे में है. जब मैं उनके (RCB) खिलाफ खेलता हूं तो मुझे कॉन्फिडेंस महसूस होता है और मुझे लगता है कि आखिर में, किस्मत बहादुरों का साथ देती है और मैं बस अपना काम करने की कोशिश करता हूं और यह मेरे लिए काम करता है'.

ईशान ने आग कहा कि, 'मैच्योरिटी से ज्यादा, यह शॉट सिलेक्शन के बारे में है. कब कौन सा शॉट खेलना है, किसे टारगेट करना है. मैं बस एक बार में एक बॉल लेने की कोशिश कर रहा हूं, सिचुएशन को जानता हूं, पिच को समझता हूं और बस अपने शॉट खेलता हूं. आखिर में, आपको बीच में कॉन्फिडेंट महसूस करने की जरूरत है और अगर आप ऐसा महसूस कर रहे हैं, तो बस पक्का करें कि आप अच्छे शॉट खेलें'.

पैट कमिंस को लेकर ईशान ने बोली बड़ी बात

उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं पहले दिन से जब टीम को लीड कर रहा था, तब भी हमारे मन में यही था कि हम टॉप दो में रहना चाहते हैं क्योंकि इससे टीम को आसानी से फाइनल में पहुंचने का मौका मिलता है लेकिन साथ ही पैट का आना, हर चीज में हमारी मदद करना, हमारी टीम में सबसे अच्छे बॉलर्स में से एक को लाना लीडरशिप क्वालिटी है. इसलिए उनका होना बहुत अच्छा है और जिस तरह से वह टीम को लीड कर रहे हैं, मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकता. क्रेडिट सभी को जाता है, पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ को, खासकर हमें उस जोन में रखने के लिए, आप कभी खुद पर शक नहीं करते. आप कभी कुछ और करने के बारे में नहीं सोचते. आप रन नहीं बना रहे हैं या जब आपको विकेट नहीं मिल रहे हैं, मुझे लगता है, तो आप बस इसे सिंपल रखते हैं'.

ईशान ने कहा कहा कि, 'आप बस अपनी बेस्ट बॉल फेंकते हैं, आप अपने बेस्ट शॉट खेलते हैं और, यह बीच में एन्जॉय करने के बारे में है क्योंकि दिन के आखिर में प्रेशर हमेशा रहता है. लेकिन अगर आप एन्जॉय कर रहे हैं, तो आप उस जोन में आ सकते हैं जहां आप बस अपना बेस्ट गेम खेलते हैं. तो मुझे पक्का यकीन है कि मुझे इसका क्रेडिट सपोर्ट स्टाफ और पैट कमिंस को देना चाहिए क्योंकि वह हमेशा वहां रहे हैं, जिन्होंने हमेशा बीच में खिलाड़ियों को मोटिवेट किया है'.

ये भी पढ़ें : कब, कहां और किन टीमों के बीच खेला जाएगा IPL 2026 Qualifier 1, जानिए मैच की हर छोटी बड़ी डिटेल्स

Continue reading on the app

भारत में गहराया एंग्जायटी का संकट! कोविड के बाद टीनेजर्स और महिलाओं में बढ़ रही मानसिक बीमारियां, स्टडी में हुआ खुलासा

Mental Health India:भारत में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. हाल ही में आई एक स्टडी ने चिंता बढ़ा दी है. मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, साल 1990 से 2023 के बीच देश में एंग्जायटी यानी चिंता संबंधी मामलों में करीब 123 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट बताती है कि कोविड महामारी के बाद हालात और ज्यादा खराब हुए हैं. खासकर किशोरों, युवाओं और महिलाओं में डिप्रेशन, तनाव और एंग्जायटी के मामले तेजी से बढ़े हैं.

कोविड के बाद बढ़ा मानसिक दबाव

कोरोना महामारी ने लोगों की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया. लंबे समय तक घरों में रहना, नौकरी का डर, पढ़ाई में रुकावट और सामाजिक दूरी ने मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला. विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी के बाद लोगों में अकेलापन और असुरक्षा की भावना बढ़ी. इसका सबसे ज्यादा असर टीनएजर्स पर देखा गया. कई बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास कम हुआ और सोशल एंग्जायटी बढ़ी.

महिलाओं में ज्यादा दिख रहे लक्षण

स्टडी में यह भी सामने आया कि महिलाओं में मानसिक समस्याएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रही हैं. घरेलू जिम्मेदारियां, काम का दबाव और परिवार की चिंता महिलाओं के मानसिक तनाव को बढ़ाने वाले बड़े कारण बने हैं. कई महिलाएं अपने मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं. समय पर मदद नहीं मिलने से समस्या गंभीर हो जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को भावनात्मक सहयोग और सही काउंसलिंग की जरूरत है.

टीनएजर्स में बढ़ रहा डिप्रेशन

आज के समय में किशोरों की जिंदगी पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है. पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया की लत और भविष्य को लेकर चिंता उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई टीनएजर्स लगातार तनाव, डर और उदासी महसूस कर रहे हैं. कुछ मामलों में यह स्थिति डिप्रेशन का रूप ले लेती है. डॉक्टरों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान देना चाहिए.

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी

भारत में अभी भी मानसिक बीमारियों को लेकर खुलकर बात नहीं होती. कई लोग इसे कमजोरी मानते हैं. इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग इलाज नहीं करा पाते. विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक उदासी, घबराहट, डर या तनाव महसूस हो रहा है तो उसे तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? 

मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में मानसिक बीमारियां और बड़ी चुनौती बन सकती हैं. इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और ऑफिसों में काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है. इसके साथ ही परिवार और समाज को भी लोगों का भावनात्मक समर्थन करना होगा. समय पर बातचीत और सही मदद से कई मानसिक समस्याओं को कम किया जा सकता है.

स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए अपनाएं ये आदतें

  • रोजाना पर्याप्त नींद लें
  • सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें
  • परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करें
  • योग और मेडिटेशन करें
  • जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें

मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना अब खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए समय रहते जागरूक होना और मदद लेना बेहद जरूरी है.

यह भी पढ़ें: AC Room से सीधे धूप में निकलना क्यों है खतरनाक? दिल पर पड़ता है असर

Continue reading on the app

  Sports

सनराइजर्स के प्लेऑफ में पहुंचने पर भी क्यों टेंशन में हैं डेनियल विटोरी, टीम के इस कमोजरी से हैं भयभीत

सनराइजर्स हैदराबाद के बॉलिंग कोच डेनियल विटोरी ने प्लेऑफ के मैचों को लेकर एक बड़ी चिंता जाहिर की है. विटोरी ने कहा है कि प्लेऑफ मैचों में टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी पर उनकी पैनी नजर होगी. क्योंकि इस पूरे सीजन में सनराइजर्स का मिडिल ऑर्डर बैटिंग पूरी तरह से टेस्ट नहीं हो पाया है. Sat, 23 May 2026 13:50:04 +0530

  Videos
See all

Bandra Bulldozer Action: बांद्रा में बुलडोजर एक्शन! Bandra | Bulldozer #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-23T08:45:29+00:00

Hamza Burhan Killed: बुरहान के 'नमाज-ए-जनाजा' में पाक ISI के अधिकारी भी शामिल!| PAK | Pulwama Attack #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-23T08:45:05+00:00

Twisha Sharma Death Case मामले में भोपाल के CP संजय कुमार ने किए बड़े खुलासे | Bhopal News #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-23T08:44:23+00:00

Twisha Singh Case: हैंगिंग सुसाइड में हाइट का असर नहीं- कमिश्नर #shorts #mppolice #breakingnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-23T08:44:35+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers