भारत में गहराया एंग्जायटी का संकट! कोविड के बाद टीनेजर्स और महिलाओं में बढ़ रही मानसिक बीमारियां, स्टडी में हुआ खुलासा
Mental Health India:भारत में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. हाल ही में आई एक स्टडी ने चिंता बढ़ा दी है. मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, साल 1990 से 2023 के बीच देश में एंग्जायटी यानी चिंता संबंधी मामलों में करीब 123 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट बताती है कि कोविड महामारी के बाद हालात और ज्यादा खराब हुए हैं. खासकर किशोरों, युवाओं और महिलाओं में डिप्रेशन, तनाव और एंग्जायटी के मामले तेजी से बढ़े हैं.
कोविड के बाद बढ़ा मानसिक दबाव
कोरोना महामारी ने लोगों की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया. लंबे समय तक घरों में रहना, नौकरी का डर, पढ़ाई में रुकावट और सामाजिक दूरी ने मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला. विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी के बाद लोगों में अकेलापन और असुरक्षा की भावना बढ़ी. इसका सबसे ज्यादा असर टीनएजर्स पर देखा गया. कई बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास कम हुआ और सोशल एंग्जायटी बढ़ी.
महिलाओं में ज्यादा दिख रहे लक्षण
स्टडी में यह भी सामने आया कि महिलाओं में मानसिक समस्याएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रही हैं. घरेलू जिम्मेदारियां, काम का दबाव और परिवार की चिंता महिलाओं के मानसिक तनाव को बढ़ाने वाले बड़े कारण बने हैं. कई महिलाएं अपने मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं. समय पर मदद नहीं मिलने से समस्या गंभीर हो जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को भावनात्मक सहयोग और सही काउंसलिंग की जरूरत है.
टीनएजर्स में बढ़ रहा डिप्रेशन
आज के समय में किशोरों की जिंदगी पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है. पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया की लत और भविष्य को लेकर चिंता उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई टीनएजर्स लगातार तनाव, डर और उदासी महसूस कर रहे हैं. कुछ मामलों में यह स्थिति डिप्रेशन का रूप ले लेती है. डॉक्टरों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान देना चाहिए.
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी
भारत में अभी भी मानसिक बीमारियों को लेकर खुलकर बात नहीं होती. कई लोग इसे कमजोरी मानते हैं. इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग इलाज नहीं करा पाते. विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक उदासी, घबराहट, डर या तनाव महसूस हो रहा है तो उसे तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में मानसिक बीमारियां और बड़ी चुनौती बन सकती हैं. इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और ऑफिसों में काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है. इसके साथ ही परिवार और समाज को भी लोगों का भावनात्मक समर्थन करना होगा. समय पर बातचीत और सही मदद से कई मानसिक समस्याओं को कम किया जा सकता है.
स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए अपनाएं ये आदतें
- रोजाना पर्याप्त नींद लें
- सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें
- परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करें
- योग और मेडिटेशन करें
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें
मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना अब खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए समय रहते जागरूक होना और मदद लेना बेहद जरूरी है.
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First Glimpse of Baba Barfani Exclusive: सबसे पहले यहां करें बाबा बर्फानी के दर्शन... देखें वीडियो, कब खुलेंगे अमरनााथ के द्वार?
First Glimpse of Baba Barfani Exclusive: हर साल भक्त लंबे समय तक इंतजार करते हैं ताकि बाबा बर्फानी के दर्शन कर सके. भोलेनाथ के खास दर्शन के लिए न्यूज नेशन आपके लिए एक्सक्लूसीव वीडियो लाया है. यहां आप सबसे पहले अमरनाथ के शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं. बता दें कि अभी अमरनाथ के द्वार खुलने में 1 महीने से भी ज्यादा का समय बाकी है, लेकिन आर्मी अधिकारियों ने सुरक्षा निगरानी हेतू मंदिर में दर्शन किए.
देखें वीडियो
लेटेस्ट वीडियो में बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में शिवलिंग के दर्शन हो रहे हैं. सैनिकों ने दर्शन किए. हाथ जोड़कर प्रणाम किया और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया. पवित्र गुफा पूरी तरह से बर्फ से ढकी हुई दिखाई दे रही है. बाबा बर्फानी की शिवलिंग भी मनमोहक दिख रहा है.
बाबा बर्फानी का इस साल का पहला वीडियो आया सामने
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कब खुलेंगे बाबा बर्फानी के द्वार?
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली है. जो अगस्त 28 तारीख तक यानी रक्षा बंधन तक चलेगी. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल यात्रा की तैयारियों पर स्वयं नजर बनाए हुए हैं. मनोज सिन्हा ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां चल ही है. प्रशासन हर प्रयास कर रहा है जिससे भक्तों को दर्शन के समय किसी भी तरह की दिक्कत न हो.
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सुरक्षाबलों की तैनाती
श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और ठहरने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है. साथ ही, मार्गों की मरम्मत और आवश्यक सुधारकार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह का अवरोध पैदा न हो सके. यात्रा के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा सकती है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके.
रजिस्ट्रेशन शुरू हुए
इस साल जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी, यानी कुल 57 दिनों की यात्रा होगी. यात्रा के लिए 15 अप्रैल से श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. देशभर में 500 से ज्यादा बैंक ब्रांच- PNB, SBI, J&K Bank और Yes Bank में रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है. इसके साथ ही श्रद्धालु ऑनलाइन भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के लिए Compulsory Health Certificate अनिवार्य किया गया है, जबकि RFID कार्ड के बिना यात्रा की अनुमति नहीं होगी. 13 साल से कम और 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी. पिछले साल करीब 3.5 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था.
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