Nautapa Vastu Tips: 25 मई से लगेगा नौतपा, इस दौरान घर में रख लें ये चीजें बढ़ेगी कमाई
Nautapa Vastu Tips: इस बार नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है और 2 जून तक रहने वाला है. यह साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं. कहते हैं कि नौतपा में सूरज सबसे ज्यादा गर्माहट करता है. धरती इस दौरान आग उगलती है. इन गर्म दिनों में जल, मौसमी फलों और ठंडी चीजों का दान करना चाहिए. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, नौतपा में आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए कुछ सरल उपाय करने चाहिए. मिट्टी का घड़ा का यह उपाय सबसे आसान माना जाता है.
वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण या उत्तर दिशा को जल की दिशा कहते हैं. इस दिशा को कुबेर की दिशा भी कहा जाता है. इसलिए नौतपा में हमें अपने घर की इस दिशा में जल से भरा घड़ा रखना चाहिए. इससे घर की ऊर्जा संतुलित रहती है. यह उपाय न सिर्फ तपती गर्मी में प्यास नहीं बुझाएगा बल्कि आर्थिकि स्थिति को भी लाभदायक बनाएगा. कहते हैं कि जिन घरों में उत्तर-पूर्व या उत्तर कि दिशा में पानी से भरा मटका रखा जाता है, उस घर में कभी धन की कमी नहीं होती है.
घड़े की जगह ये चीजे भी रख सकते हैं
यदि आप घर में मिट्टी का घड़ा नहीं रख सकते हैं तो उसकी जगह मिट्टी से बनी अन्य चीजों को रख सकते हैं. आप मिट्टी की सुराही, मिट्टी का गमला और मिट्टी से बनी मूर्तियां रख सकते हैं. दीपक या मिट्टी का गुलक भी रख सकते हैं. ये सभी चीजों से भी लाभ की प्राप्ती होती है. हालांकि, पानी से जुड़ी चीजों को रखते हैं तो उसका प्रभाव ज्यादा होगा.
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नौतपा के दौरान न करें ये गलतियां
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में पानी से भरा मटका रखने से सुख-संपत्ति आती है. इसलिए, कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होती है. पानी के इस घड़े को कभी भी पूरी तरह खाली नहीं रखना चाहिए. इसमें थोड़ा बहुत पानी हमेशा रहना चाहिए. रात को सोने से पहले जरूर देख लें कि पानी का मटका पूरी तरह भरा है या नहीं. मटका कहीं से टूटा-फूटा या चटका नहीं होना चाहिए. घड़े के पास कोई भी अग्नि तत्व से जुड़ी वस्तु बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए.
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
US Green Card New Rule: ग्रीन कार्ड चाहिए तो छोड़ना होगा अमेरिका, ट्रंप ने बदल डाले नियम, भारतीयों को तगड़ा झटका
US Green Card New Rule: अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और ग्रीन कार्ड पाने का सपना देख रहे लाखों विदेशी नागरिकों को डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने एक बहुत बड़ा झटका दिया है. अमेरिकी सरकार ने देश की इमिग्रेशन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए नया नियम लागू कर दिया है. इस नए नियम के तहत अब ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए विदेशी नागरिकों को प्रक्रिया के दौरान अमेरिका में रहने की इजाजत नहीं होगी, बल्कि उन्हें पहले अमेरिका छोड़ना होगा. इस फैसले से अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय नागरिकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
क्या है अमेरिका का नया ग्रीन कार्ड नियम?
यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने इस नए नियम का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है. नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, जो विदेशी नागरिक वर्तमान में अस्थायी वीजा पर अमेरिका के अंदर मौजूद हैं और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अपनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपने गृह देश वापस लौटना ही होगा. इससे पहले तक लोग अमेरिका में छात्र वीजा, वर्क वीजा या टूरिस्ट वीजा पर रहते हुए ही अपनी कानूनी स्थिति को बदलने यानी एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस के लिए आवेदन कर देते थे और ग्रीन कार्ड मिलने तक वहीं रुके रहते थे. अब इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है.
आवेदन के लिए अपने देश लौटना होगा
यूएससीआईएस के प्रवक्ता जैक काहलर ने इस कड़े फैसले की जानकारी देते हुए साफ किया कि अब से जो विदेशी नागरिक अस्थायी रूप से अमेरिका में हैं और ग्रीन कार्ड चाहते हैं, उन्हें आवेदन करने के लिए अपने देश वापस लौटना ही होगा, बशर्ते कोई बहुत ही असाधारण परिस्थिति न हो. उन्होंने कहा कि सरकार कानून के असली मकसद की तरफ वापस लौट रही है. प्रशासन चाहता है कि विदेशी नागरिक देश की प्रवासन प्रणाली का सही तरीके से पालन करें और नियमों के दायरे में रहकर ही आगे बढ़ें.
H-1B वीजा होल्डर्स पर क्या असर होगा?
इस नीतिगत बदलाव का सबसे सीधा और घातक असर अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों, एच-1बी (H-1B) वर्क वीजा धारकों और वहां मौजूद पर्यटकों पर पड़ने वाला है. ये सभी लोग बिना अमेरिका छोड़े ही अपनी कानूनी स्थिति को स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड में बदलने की उम्मीद लगाए बैठे थे. नए पॉलिसी मेमो के अनुसार, अमेरिका के भीतर रहकर स्टेटस बदलना अब एक सामान्य प्रक्रिया नहीं मानी जाएगी, बल्कि इसे एक असाधारण राहत के रूप में देखा जाएगा. इमिग्रेशन अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे हर एक मामले की अलग से और बहुत ही बारीकी से जांच करें.
नियम बदलने की वजह क्या?
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने भी इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विभाग ने स्पष्ट किया कि जो विदेशी नागरिक अमेरिका में अस्थायी रूप से रह रहे हैं और ग्रीन कार्ड पाना चाहते हैं, उन्हें आवेदन के लिए अपने देश वापस जाना ही होगा. विभाग का कहना है कि यह नीति प्रवासन प्रणाली को कानून के मुताबिक काम करने में मदद करेगी. इससे व्यवस्था की कमियों और चोर रास्तों का फायदा उठाने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी. सरकार का मानना है कि देश की इमिग्रेशन व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करने का दौर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.
भारतीय छात्रों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
यह नया नियम भारतीय प्रवासियों के लिए बहुत ज्यादा परेशानी पैदा करने वाला है क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय स्थायी निवास के लिए आवेदन करते हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2024 में ही करीब 49,700 भारतीय मूल के प्रवासी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के माध्यम से अमेरिका के नागरिक बने थे. इस सूची में मैक्सिको के बाद भारतीय नागरिक दूसरे सबसे बड़े समूह के रूप में शामिल थे. अमेरिकी नागरिकता पाने वाले कुल लोगों में भारतीयों की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत दर्ज की गई थी.
नए नियम की वजह से क्या होगा नुकसान?
अब इस नए आदेश के बाद जो भारतीय वहां आईटी कंपनियों में काम कर रहे हैं या उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया शुरू होते ही भारत वापस आना पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस नियम के कारण कई परिवारों को लंबे समय तक एक-दूसरे से अलग रहना पड़ सकता है और लोगों की नौकरियां भी दांव पर लग सकती हैं. अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि जब आवेदक अपने देश से आवेदन करेंगे तो इससे अमेरिकी दूतावासों पर काम का बोझ भले ही बढ़ेगा, लेकिन अमेरिका के अंदर अवैध रूप से रुकने वाले लोगों की संख्या में भारी कमी आएगी. ट्रंप सरकार के इस कदम का प्रवासन वकीलों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा विरोध भी शुरू हो गया है.
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