रील और Gen-Z पर क्या बोले PM मोदी? पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की आत्मकथा के विमोचन के दौरान की अपील
PM Modi: पीएम मोदी लगातार युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. इसी बीच पीएम मोदी ने जेनजी युवाओं से खास अपील भी की है. पीएम मोदी ने युवाओं से रील के जमाने में शॉर्टकट से बचने की अपील की है. इससे पहले भी लगातार पीएम मोदी जेनजी पीढ़ी को संबोधित करते हुए कई वीडियो संदेश जारी कर चुके हैं.
दरअसल, बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने संबोधन भी दिया. कहा कि आज हमें रामनाथ कोविंद जी की आत्मकथा के लॉन्च का गवाह बनने का मौका मिला है. मैं कोविंद जी को बहुत लंबे समय से जानता हूं और मुझे उन्हें करीब से जानने का अवसर मिला है. राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उनका मार्गदर्शन, और साथ ही मेरे प्रति उनका विशेष स्नेह और अपनापन, मेरे लिए सचमुच एक बहुमूल्य धरोहर रहा है.
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "I would particularly like to urge the younger generation—we live in the age of 'Reels' and social media influencers. Even in this era of shortcuts, let us remember something often written at railway stations: A shortcut will cut… pic.twitter.com/kcrzzSungQ
— ANI (@ANI) August 12, 2026
Gen-Z से की खास अपील
पीएम मोदी ने कहा कि मैं खास तौर पर युवा पीढ़ी से गुजारिश करना चाहता हूं कि हम 'रील्स' और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के दौर में जी रहे हैं. शॉर्टकट के इस ज़माने में भी, आइए हम रेलवे स्टेशनों पर लिखी एक बात याद रखें: शॉर्टकट आपकी जिंदगी छोटी कर सकता है.
आत्म कथा पढ़ने के लिए की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि मैं युवाओं से गुजारिश करूंगा कि वे उन लोगों की आत्मकथाएं पढ़ें जिन्हें वे पसंद करते हैं. आत्मकथा किसी खास दौर की ऐतिहासिक घटनाओं को एक अनोखे नजरिए से दिखाती है; इसमें बताया गया समय हमें इतिहास के बहुत करीब ले आता है. इसीलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि कोविंद जी की मेहनत आने वाली पीढ़ियों और खासकर युवाओं के लिए फायदेमंद साबित होगी.
खेत में काम कर रहे भारत के 2 किसानों को किडनैप कर सीमा पार ले गए बांग्लादेशी, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव
India Bangladesh Tension: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशियों की हरकत के चलते अचानक तनाव बढ़ सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के पास बांग्लादेश के कुछ लोगों ने 2 भारतीय किसानों का अपहरण कर लिया. सीमावर्ती इलाके के खेत में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को बांग्लादेशी ग्रामीणों का एक समूह खींचकर सीमा पर लेकर चला गया.
BSF पर दबाव बनाने के लिए बांग्लादेशियों ने उठाया कदम
बताया जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) की हिरासत से एक 70 वर्षीय बांग्लादेशी की रिहाई के लिए बांग्लादेशी ग्रामीणों ने दबाव बनाने के इरादे से यह कदम उठाया था. इसके बाद BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच हुई मीटिंग के बाद तीनों नागरिकों की अदला-बदली कर उन्हें रिहा करा लिया गया.
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