US Senate में Tibet Act पेश, दलाई लामा के बाद भी समर्थन जारी रखने का प्रावधान
सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 12 अगस्त अमेरिका की सीनेट के सदस्य के एक द्विदलीय समूह ने 14वें दलाई लामा के जीवनकाल के बाद भी तिब्बत के मुद्दे के प्रति अमेरिकी समर्थन जारी रखना सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक पेश किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एवं ओरेगन से सीनेटर जेफ मर्कले और इडाहो से सीनेटर जिम रिश (रिपब्लिकन पार्टी) ने हाल में अमेरिकी सीनेट में ‘अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट’ (तिब्बत का भविष्य सुनिश्चित रखने संबंधी विधेयक- एएफटीए) पेश किया। विधेयक में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) को तिब्बती लोगों के वैध प्रतिनिधि और दलाई लामा द्वारा स्थापित शासन व्यवस्था की निरंतरता के रूप में मान्यता देने की बात कही गई है।
इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री को निर्वासित तिब्बती सरकार के राजनीतिक प्रमुख सिक्योंग और उसके नामित प्रतिनिधियों के साथ उच्चतम स्तर पर संपर्क बनाए रखने का निर्देश देने का भी प्रावधान है। विधेयक में संयुक्त राष्ट्र में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को पर्यवेक्षक का दर्जा दिलाने और संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न संस्थाओं में उसकी समान पहुंच सुनिश्चित करने की पैरवी के जरिए तिब्बती लोगों के मानवाधिकारों और आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने की भी बात कही गई है। सीनेटर टिम केन, टॉड यंग, जैकी रोजेन और रिक स्कॉट भी इस विधेयक के सह-प्रायोजक हैं।
यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में सांसद जिम मैकगवर्न और माइकल मैककॉल द्वारा 22 मई 2026 को पेश किए गए इसी तरह के विधेयक का सीनेट संस्करण है।
North Korea ने दागी Ballistic Missile, अमरीका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास का विरोध
उत्तर कोरिया ने एक सप्ताह से भी कम समय में बुधवार को दूसरी बार बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। उसके पड़ोसी देशों ने यह जानकारी दी। ऐसा माना जा रहा है कि यह परीक्षण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में किया गया है जिसे उत्तर कोरिया अपने खिलाफ हमले की तैयारी के तौर पर देखता है।
दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ ने कहा कि उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय वोनसान क्षेत्र से सुबह करीब छह बजे दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल ने 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। उसने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया की उकसावे वाली हर प्रकार की कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक बयान जारी कर उत्तर कोरिया से बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण रोकने का आग्रह किया।
परिषद ने कहा कि ‘‘उकसावे वाली ये कार्रवाइयां’’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों के तहत उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर प्रतिबंध है लेकिन उसके नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2019 में उच्चस्तरीय कूटनीतिक प्रयास विफल होने के बाद उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल हथियारों के भंडार को बढ़ाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हथियारों के परीक्षण तेज कर दिए हैं। जापान के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसने भी उत्तर कोरिया की ओर से एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण का पता लगाया है।
मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल के जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र तक पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है और माना जा रहा है कि वह जापान के तट से काफी दूर गिरी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि वे उत्तर कोरिया से संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 17 अगस्त से अपना वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू करेंगे।
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