ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की कूटनीतिक पहल, ब्राजील और मालदीव के साथ अहम बातचीत
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ तथा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और ब्रिक्स अध्यक्षता को लेकर सहयोग पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है। इस बार यह मुलाकात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के दौरान हुई। हमने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के संबंध में ब्राजील के समर्थन और दृष्टिकोण को हम महत्व देते हैं।
उन्होंने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम से मिलकर अच्छा लगा, जो अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत आई हैं। हमने अपनी पड़ोसी पहले नीति पर जोर दिया और अपने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। मालदीव की प्रगति और विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला के साथ बैठक की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, आज शाम दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला से मिलकर खुशी हुई। हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही, आपसी हित के बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। संस्थागत तंत्रों के माध्यम से अपने संवाद को और तेज करने की आवश्यकता पर सहमति बनी।
विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 14 मई की सुबह 10 बजे विदेश मंत्रियों का आगमन भारत मंडपम में होगा। इसके बाद 10.30 बजे पहले सेशन की शुरुआत होगी। फिर दिन के एक बजे प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेवा तीर्थ में सभी मंत्रियों की संयुक्त मुलाकात होगी।
इसके बाद 3.10 बजे दूसरे सेशन की शुरुआत होगी। फिर शाम 7 बजे विदेश मंत्री जयशंकर की तरफ से भारत मंडपम में ही डिनर का आयोजन किया जाएगा। समिट के अगले दिन 15 मई को सुबह 10 बजे तीसरे सेशन की शुरुआत होगी।
इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने दिल्ली पधारे रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का हार्दिक स्वागत किया।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत ‘दोस्त देश’, होर्मुज से जहाजों को निकलने की अनुमति किसी और को नहीं: गरीबाबादी
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाबादी ने बुधवार को भारत को दोस्त देश बताते हुए कहा कि तेहरान और नई दिल्ली, मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से और ज्यादा भारत से जुड़े जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर लगातार काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत के दौरान गरीबाबादी ने कहा, “भारत हमारे लिए एक दोस्त देश है। हमने अब तक 11 जहाजों को अनुमति दी है। कुछ और जहाजों को अनुमति देने पर भी काम चल रहा है। यह सुविधा किसी और देश को नहीं दी गई है और सभी जहाजों को इजाजत नहीं मिलेगी। हम भारत की मदद का स्वागत करते हैं।”
विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज से गुजर चुके हैं, जबकि 13 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और आगे की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे ईरानी मंत्री ने बताया कि रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम बनाए गए हैं। इनके तहत ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कुछ शुल्क लगाने की योजना बना रहा है। यह शुल्क अलग-अलग मानकों के आधार पर तय किया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका चाहता है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोले, तो उसे ईरान पर लगाया गया प्रतिबंध हटाना होगा, देश की जमा की गई संपत्तियां वापस करनी होंगी और परमाणु कार्यक्रम समेत सभी मुद्दों पर गंभीर बातचीत के लिए तैयार होना होगा।
गरीबाबादी ने कहा कि हाल की ईरान-अमेरिका बातचीत तीन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित थी, ईरान का परमाणु हथियार न बनाने का वादा, उसके मौजूदा यूरेनियम भंडार का प्रबंधन और यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) का मुद्दा।
अमेरिका का कहना है कि ईरान हथियार बनाने लायक यूरेनियम तैयार करने के काफी करीब पहुंच चुका है, क्योंकि वह पहले ही यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक समृद्ध कर चुका है।
गरीबाबादी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, “ईरान हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार था, लेकिन इसके लिए सही तरीके से बातचीत होनी चाहिए। अमेरिका बातचीत से बच रहा है। अमेरिका सिर्फ अपनी शर्तें मनवाना चाहता है।”
इससे पहले दिन में, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने गरीबाबादी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बातचीत में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली और अन्य अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने सेशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों) डॉ. काजेम गरीबाबादी का स्वागत किया। बातचीत में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।”
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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