उबर, अदाणी समूह के साथ मिलकर भारत में अपना पहला डेटा सेंटर लॉन्च करेगी
अहमदाबाद, 13 मई (आईएएनएस)। कैब सर्विस कंपनी उबर भारत में अदाणी ग्रुप के साथ मिलकर पहला डेटा सेंटर स्थापित करेगी। इसकी वजह देश का कंपनी के लिए बड़े इनोवेशन हब के रूप में उभरना है। यह जानकारी उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने बुधवार को दी।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी से मुलाकात के बाद डेवलपमेंट के बारे में जानकारी साझा करते हुए, उबर के सीईओ ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के लिए एक अग्रणी इनोवेशन केंद्र बन रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज सुबह अहमदाबाद में गौतम अदाणी से मिलकर बहुत अच्छा लगा और अदाणी समूह के साथ हमारी मौजूदा साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिला।
उन्होंने आगे कहा, जैसे-जैसे भारत उबर के लिए एक प्रमुख इनोवेशन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है, हम अपनी तकनीक का परीक्षण और तैनाती करने के लिए अदाणी समूह के साथ देश में अपना पहला डेटा सेंटर स्थापित कर रहे हैं।
प्रस्तावित डेटा सेंटर से भारत में उबर के बढ़ते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कार्यों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। भारत कंपनी के लिए न केवल मोबिलिटी सेवाओं में, बल्कि इंजीनियरिंग और उत्पाद विकास में भी एक महत्वपूर्ण बाजार बन गया है।
सीईओ ने कहा, इस साल के अंत तक तैयार होने वाला यह निवेश हमें भारत से दुनिया भर के लिए बड़े पैमाने पर विकास करने में मदद करेगा।
यह नवीनतम साझेदारी की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अदाणी समूह भारत में अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार कर रहा है।
पिछले महीने, अदाणी समूह की एजकॉनेक्स के साथ संयुक्त डेटा सेंटर कंपनी अदाणीकॉनेक्स ने विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट के एआई-रेडी डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म विकसित करने का ऐलान किया था।
28 अप्रैल को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अदाणी समूह द्वारा लगभग 10 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
गूगल के साथ इस परियोजना में इन्फ्रास्ट्रक्चर भागीदार के रूप में, अदाणीकॉनेक्स एक मजबूत और एकीकृत ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा समर्थित, स्केलेबल, एआई-रेडी डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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मुलायम सिंह यादव और साधना की प्रेम कहानी कैसे हुई थी शुरू, ऐसे मिला था प्रतीक को बेटे का दर्जा
Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 13 मई 2026 की सुबह निधन हो गया. प्रतीक 38 वर्ष के थे उन्हें बॉडी बिल्डिंग का शौक था. प्रतीक यादव सपा संस्थापक मुलायम यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. ऐसे में हम आपको आज मुलायम यादव और साधना गुप्ता की प्रेम कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं कि कैसे मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता को दो दशक बाद अपनी पत्नी का दर्जा दिया और प्रतीक यादव को अपना बेटा स्वीकार किया. मुलायम और साधना का रिश्ता अस्पताल से शुरू हुआ अंत भी वहीं आकर हुआ.
1982 में हुई थी दोनों की मुलाकात
मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की मुलाकात 1982 में हुई थी. हालांकि दोनों को शादी के लिए 20 साल तक इंतजार करना पड़ा. दरअसल, मुलायम सिंह यादव की मां मूर्ति देवी थीं. उन्हें लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. जहां साधना गुप्ता बतौर नर्स काम कर रही थीं. इसी दौरान मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की मुलाकात हुई और उसके बाद नजदीकियां बढ़ने लगीं. साधना गुप्ता की शादी फर्रुखाबाद के चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी, हालांकि साल 1987 में वह अपने पति से अलग हो गईं. तब उनका एक बेटा बेटा प्रतीक था.
मां की सेवा करने प्रभावित हुए थे मुलायम
जब लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में मुलायम सिंह यादव की मां का इलाज चल रहा था वहां साधना गुप्ता उनकी दिन-रात सेवा करती. एक दिन अस्पताल में एक नर्स जब मुलायम की मां मूर्ती देवी को इंजेक्शन लगाने में गलती कर रही थी, तो साधना गुप्ता ने उसे टोक दिया. साधना गुप्ता के इस समर्पण ने मुलायम सिंह यादव काफी प्रभावित हुए और उनके दिल में साधना के लिए सम्मान और प्रेम गहरा हो गया. अस्पताल में साधना गुप्ता ने एक बेटी की तरह मूर्ती देवी की सेवा की. ये सब देखकर मुलायम सिंह यादव उन्हें दिल दे बैठे. दिक्कत ये थी कि मुलायम सिंह यादव तब शादीशुदा थे और साधना गुप्ता से 20 साल बढ़े थे. बावजूद इसके मुलायम सिंह और साधना गुप्ता की प्रेम कहानी की चर्चा होने लगी.
मुलायम ने ऐसे दिया प्रतीक को पिता का नाम
वरिष्ठ पत्रकार सुनीता आर्यन ने मुलायम सिंह यादव को लेकर लिखा कि पहली पत्नी के रहते ही मुलायम और साधना का रिश्ता गहरा हो गया था. मुलायम सिंह यादव ने साधना के पहले पति से हुए बेटे प्रतीक को अपना नाम देना शुरू कर दिया था. साल 1994 में प्रतीक के स्कूल फॉर्म में भी पिता का नाम एमएस यादव लिखा गया और पते में मुलायम के दफ्तर का पता था. हालांकि अभी भी प्रतीक सबकी नजरों में मुलायम के बेटे नहीं थे.
2003 में हुआ मुलायम की पहले पत्नी का निधन
बता दें कि मुलायम सिंह यादव की पहली शादी 1957 में मालती देवी से हुई थी. उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 18 वर्ष थी. 1973 में अखिलेश यादव का जन्म हुआ. बेटे के जन्म के बाद मालती देवी बीमार रहने लगीं. लंबी बीमारी के बाद 24 मई 2003 को उनका निधन हो गया.
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साधना गुप्ता को 20 साल बाद दिया पत्नी का दर्जा
मुलायम यादव की पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक तौर पर साधना को अपनी पत्नी का दर्जा दिया. हालांकि इससे अखिलेश यादव काफी नाराज हुए. वह नहीं चाहते थे कि साधना उनकी मां की जगह लें. साल 2007 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुलायम सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर इस बात को स्वीकार किया कि साधना उनकी पत्नी हैं और प्रतीक उनका बेटा है. उसके बाद उनके रिश्ते पर मुहर लग गई. 9 जुलाई 2022 को साधना गुप्ता का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया. उनके निधन के मात्र तीन महीने बाद 10 अक्टूबर 2022 को मुलायम सिंह यादव ने भी उसी अस्पताल में आखिरी सांस ली.
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