मध्य प्रदेश: भोपाल में भारत-फ्रांस निवेश सम्मेलन 12 मई से शुरू
भोपाल, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश और फ्रांस के बीच औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित भारत-फ्रांस निवेश सम्मेलन 12 मई को भोपाल में आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार प्रमुख क्षेत्रों में वैश्विक निवेश आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।
कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन की मेजबानी संयुक्त रूप से भारत-फ्रांस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और मध्य प्रदेश सरकार कर रही है।
मुख्य सत्र को मुख्यमंत्री मोहन यादव संबोधित करेंगे। इस सत्र में भारत में फ्रांस के राजदूत, फ्रांसीसी कंपनियों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ उद्योग अधिकारी और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल होंगे।
मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य की औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक अवसरों को प्रदर्शित करके इसे फ्रांसीसी कंपनियों के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
राज्य भर के औद्योगिक प्रतिनिधियों के भी इसमें भाग लेने की उम्मीद है।
इस आयोजन के दौरान कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और विमानन, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, वस्त्र और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
सरकार ने कहा कि यह सम्मेलन निवेश के अवसरों और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए फ्रांसीसी कंपनियों और राज्य प्रतिनिधियों के बीच व्यापार-से-व्यापार और व्यापार-से-सरकारी बैठकों को सुविधाजनक बनाएगा।
मध्य प्रदेश से लगभग 60-80 औद्योगिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।
सरकार ने सोमवार को कहा कि कई फ्रांसीसी कंपनियों ने राज्य में निवेश के अवसरों में रुचि दिखाई है। सनोफी अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान भोपाल के साथ उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए बातचीत कर रही है, जबकि डसॉल्ट सिस्टम्स शहरी नियोजन, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विचार कर रही है।
कंपनी ने बताया कि स्पोर्ट्स रिटेलर डेकाथलॉन ने सोर्सिंग और रिटेल विस्तार में रुचि दिखाई है, जबकि सिस्ट्रा मेट्रो रेल, सड़कों, रेलवे, जल प्रबंधन और शहरी नियोजन परियोजनाओं में अवसरों की तलाश कर रही है।
अन्य प्रतिभागी कंपनियों में ईडीएफ, एंजी, लैक्टालिस और जियोडिस इंडिया के शामिल होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन यात्रा से पहले जिनपिंग की तारीफ कर ट्रंप ने जताया भरोसा, ताइवान को लेकर आगे नहीं बढ़ेगा तनाव
वॉशिंगटन, 11 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी जल्द होने वाली चीन यात्रा में ताइवान और ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़े मुद्दे होंगे। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने रिश्ते की तारीफ की और कहा कि ताइवान को लेकर तनाव आगे नहीं बढ़ेगा।
व्हाइट हाउस में एक मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अब चीन के साथ बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्होंने पिछली अमेरिकी सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने चीन को अमेरिका का फायदा उठाने दिया।
ट्रंप ने कहा कि हम बहुत कारोबार कर रहे हैं, लेकिन यह समझदारी वाला कारोबार है। पहले के राष्ट्रपति के समय हमसे कई वर्षों तक फायदा उठाया गया, अब हम चीन के साथ अच्छा काम कर रहे हैं।
बातचीत के दौरान ट्रंप ने कई बार शी जिनपिंग की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेरे राष्ट्रपति शी के साथ अच्छे रिश्ते हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं और उम्मीद है कि वो भी मेरा सम्मान करते हैं। ट्रंप ने कहा कि शी हमारी पिछली सरकार का सम्मान नहीं करते थे और उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की भी आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि वो (बाइडेन) ठीक से बात भी नहीं कर पाते थे।
ट्रंप ने चीन से जुड़ी बातों को पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल की सुरक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि चीन अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा होर्मुज से आने वाले तेल पर निर्भर करता है, इसलिए वह भी क्षेत्र में स्थिरता चाहता है।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज से चीन को अपने तेल का करीब 40 प्रतिशत मिलता है। वो भी चाहता है कि वहां सब ठीक रहे, वो तनाव नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और ईरान आने वाली शिखर वार्ता के मुख्य मुद्दे होंगे।
ताइवान के मुद्दे पर ट्रंप ने माना कि यह बातचीत में जरूर उठ सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है वह (शी जिनपिंग) ताइवान का मुद्दा मुझसे ज्यादा उठाएंगे। लेकिन मुझे लगता है सब ठीक रहेगा। ट्रंप ने कहा कि मजबूत अमेरिकी नेतृत्व से ताइवान पर संकट नहीं आएगा।
उन्होंने कहा कि अगर आपके पास सही राष्ट्रपति हो, तो मुझे नहीं लगता ऐसा कुछ होगा। उन्होंने कहा कि ताइवान को जापान और क्षेत्र के कई देशों से समर्थन मिलता है।
ट्रंप ने कहा कि जापान और उस इलाके के कई देशों से ताइवान को काफी समर्थन है। इसके अलावा ट्रंप ने शी जिनपिंग की नेतृत्व शैली की भी तारीफ की और उन्हें बहुत अच्छे इंसान और कमाल के व्यक्ति कहा। वो अपने देश से बहुत प्यार करते हैं, ये मैं बता सकता हूं। मैं उनसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं।
ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी नीति का बचाव भी किया और कहा कि हाल की सैन्य कार्रवाई और दबाव से वैश्विक बाजारों में स्थिरता आई है। उन्होंने कहा कि अब शेयर बाजार उस समय से भी ज्यादा ऊपर है जब यह संघर्ष शुरू हुआ था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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