रूस यूक्रेन युद्ध के मोर्चे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही। दरअसल यह एक ऐसी खबर है जिसने वाशिंगटन से लेकर दिल्ली और बीजिंग तक खलबली मचा दी और सवाल खड़े कर दिए कि क्या पुतिन ने युद्ध रोकने का मन बना लिया? क्या यूक्रेन की जिद में आगे रूस ने शांति का रास्ता चुन लिया? लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुतिन ने अचानक भारत और चीन का नाम इतनी प्रमुखता से क्यों लिया? दरअसल राष्ट्रपति पुतिन का एक बयान जिसमें उन्होंने कहा कि हमने अपने दोस्तों भारत और चीन के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया है।
यह महज शब्द नहीं बल्कि बदलती हुई दुनिया का नया नक्शा है। रूस में विक्ट्री डे मनाया जा रहा है। यह वो दिन है जब रूस सोवियत संघ की नाजी जर्मनी पर जीत का जश्न मनाता है। लेकिन इस बार की जीत का जश्न शोरशराबे और टैंकों की गड़गड़ाहट से ज्यादा कूटनीति की मेज पर लड़ा जा रहा है। मॉस्को में परेड के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने मीडिया के सामने आकर जो खुलासा किया उसने दुनिया को हैरान कर दिया। पुतिन ने ऐलान किया कि रूस यूक्रेन के साथ तीन दिनों के युद्ध विराम के लिए तैयार हो गया है। लेकिन यह युद्ध विराम रूस ने अकेले तय नहीं किया है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति पर भारत, चीन और अमेरिका के साथ व्यापक चर्चा की। पुतिन का इशारा साफ था कि दुनिया की बड़ी ताकतें अब इस युद्ध को खत्म करने के लिए एक मेज पर आ रही हैं। पुतिन ने अपने संबोधन में बार-बार भारत और चीन का जिक्र किया। पुतिन के शब्द थे कि हमने अपने प्रमुख साझेदारों और दोस्तों के साथ काम करना शुरू कर दिया है। विशेष रूप से पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना और भारत के दोस्तों के साथ। बयान भारत की वैश्विक स्थिति को एक नई ऊंचाई देता है। जब पूरी दुनिया दो धड़ों में बंटी हुई है तब रूस खुलकर यह कह रहा है कि वह शांति के लिए भारत की सलाह मान रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है और ऐसा लगता है कि पुतिन ने अब इस बात को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। चीन और भारत दो ऐसी महाशक्तियां हैं जो रूस के साथ सीधे संवाद में है और पुतिन ने इन्हें अपना मुकम्मल दोष बताकर पश्चिम को कड़ा संदेश भी दे दिया है। अब इस कहानी में एक और बड़ा ट्विस्ट आता है डोनाल्ड ट्रंप के नाम का। पुतिन ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दिनों के युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा था। पुतिन ने ना केवल इस प्रस्ताव को स्वीकार किया बल्कि ट्रंप की तारीफ भी की। ट्रंप ने युद्ध विराम के साथ-साथ एक बड़ा कैदी विनियम प्रोग्राम भी प्रस्तावित किया है। जिसमें दोनों तरफ से एक 1000 कैदियों को रिहा किया जाएगा।
छतरपुर के चंद्रनगर के रहने वाले छैल बिहारी प्रजापति लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि वह बचपन से मिट्टी से तरह-तरह के आयटम बनाते आए हैं. घरों की सजावटी सामान से लेकर बच्चों के खिलोने भी बनाते हैं.छैल बिहारी बताते हैं कि वह अपने गांव की काली मिट्टी से ही ये प्रोडक्ट बनाते हैं. मिट्टी को पहले छानते हैं फिर उसे चिकना बनाते हैं ताकि बारीक से बारीक कंकड़ भी बाहर निकल जाए.
आईपीएल 2026 में लगातार चोटों से जूझ रही चेन्नई सुपर किंग्स ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर जेमी ओवर्टन के रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है। फ्रेंचाइजी ने दक्षिण अफ्रीका के युवा ऑलराउंडर डियान फॉरेस्टर को टीम में शामिल किया है। आईपीएल की ओर से गुरुवार को जारी बयान में बताया गया कि फॉरेस्टर 75 लाख रुपये में CSK का हिस्सा बने हैं।
दरअसल, जेमी ओवर्टन दाएं जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। बुधवार को ही CSK ने जानकारी दी थी कि ओवर्टन चोट की गंभीरता का पता लगाने के लिए इंग्लैंड लौट रहे हैं। यह चोट चेन्नई के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि ओवरटन इस सीजन टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे।
32 वर्षीय ओवर्टन ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 मैचों में 14 विकेट लेने के साथ 136 रन भी बनाए। गेंद और बल्ले दोनों से उनका योगदान टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। ऐसे में प्लेऑफ की रेस में संघर्ष कर रही चेन्नई सुपर किंग्स को अब उनकी कमी जरूर खलेगी।
ओवर्टन की जगह शामिल किए गए डियान फॉरेस्टर अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में नए हैं, लेकिन उन्होंने कम समय में अपनी पहचान बनाई है। फॉरेस्टर ने इसी साल मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब तक वह पांच अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 83 रन बनाए हैं। उन्हें एक आक्रामक बल्लेबाज और उपयोगी तेज गेंदबाज माना जाता है।
CSK इस सीजन चोटों से सबसे ज्यादा प्रभावित टीमों में रही है। टीम पहले ही कई अहम खिलाड़ियों को गंवा चुकी है। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी पूरी तरह फिट नहीं हैं, जबकि युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे और तेज गेंदबाज खलील अहमद भी बीच सीजन में चोटिल हो गए।
इसके अलावा चेन्नई ने महाराष्ट्र के ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष की जगह कर्नाटक के मैकनील नोरोन्हा को भी टीम में शामिल किया था। लगातार हो रहे बदलावों के बीच CSK अब अपने बचे हुए मुकाबलों में नई संयोजन के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।
फॉरेस्टर पर अब बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वह ओवरटन की कमी को भरते हुए टीम को संतुलन दें और चेन्नई की उम्मीदों को जिंदा रखें।