भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। जहां घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए कई सारे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बीते दिनों ही त्रिपुरा के सिपाही जाला जिले में जब आधी रात को तस्करी की कोशिश की गई तो बीएसएफ ने एक्शन लिया जिसके बाद बीएसएफ और संदिग्ध घुसपैठियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें दो बांग्लादेशी तस्कर मारे गए और अब इस घटना के बाद बांग्लादेश की ओर से इस पर बड़ा बयान सामने आया है। बांग्लादेशी सरकार के वरिष्ठ सलाहकार रूहल कबीर रिज़वी ने कहा है कि बांग्लादेश भारत से दोस्ती चाहता है। लेकिन अगर बॉर्डर पर बार-बार खून बहेगा तो अच्छे रिश्ते बनाए रखना मुश्किल होगा। दरअसल ये पूरा मामला त्रिपुरा के कमाल सागर बॉर्डर आउटपोस्ट का है। जहां 8 मई की देर रात बीएसएफ की गश्ती टीम सीमा पर निगरानी कर रही थी। तभी बीएसएफ के जवानों को 10 से 15 लोगों का एक संदिग्ध समूह दिखाई देता है और ये लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में घुसपैठ और तस्करी की कोशिश कर रहे थे। तभी बीएसएफ के जवान एक्शन में आए। पहले उन्होंने चेतावनी दी। लेकिन चेतावनी के बाद इन घुसपैठियों ने जमाने के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद स्थिति को बिगड़ता देख बीएसएफ ने फायरिंग शुरू कर दी और इस गोलीबारी में अफरातफरी मच गई और जब बाद में तलाशी ली गई तो वहां पर दो लोग गंभीर रूप से घायल मिले। जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और उनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक नवीन हुसैन और मोहम्मद मूरसालीन के रूप में हुई है।
बांग्लादेशी नागरिक है और यही तस्करी की कोशिश कर रहे थे। घटना के बाद बांग्लादेश में हलचल तेज हो गई। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के वरिष्ठ सलाहकार रूहुल कबीर रिवी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। रिवी ने रविवार को डिप्लोमा इंजीनियरों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ब्राह्मण बरिया सीमा पर दो लोगों को गोली मार दी गई है। जिसके साथ उन्होंने आगे यह कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है और दोस्ताना रिश्ते चाहता है। लेकिन सीमा पर लगातार हो रही मौत दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनता भी सीमा पर शांति चाहती है और हिंसा नहीं देखना चाहती। रिवी ने उम्मीद जताई है कि दोनों देश मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे ताकि सीमा पर शांति बने और द्विपक्ष रिश्ते और भी ज्यादा मजबूत हो। दरअसल भारत बांग्लादेश सीमा करीब 4000 किमी लंबी है और इस सीमा के कई इलाके ऐसे हैं जहां जंगल, पहाड़ और नदियां बहती हैं।
जिसकी वजह से निगरानी करना बेहद मुश्किल हो जाता है और इसी का फायदा उठाकर अक्सर तस्करी, अवैध घुसपैठ और ड्रग नेटवर्क सक्रिय हो जाते हैं। भारतीय सुरक्षा बल बीएसएफ लगातार इन गतिविधियों पर नजर बनाए रखती है और कई बार ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम देती है जिनमें उन घुसपैठियों को मारना पड़ता है। इस हालिया घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा और भी ज्यादा बढ़ा दी गई है। बीएसएफ और बीजीबी यानी बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच फ्लैग मीटिंग हुई जिसमें मारे गए इन दोनों बांग्लादेशी तस्करों के शव को बांग्लादेश को सौंप दिया गया। वहीं भारतीय एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सीमा के अंदर कोई लोकल नेटवर्क है जो इन घुसपैठियों की मदद कर रहा है ताकि उन पर भी कार्रवाई तेज की जा सके।
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बेन स्टोक्स ने चोट से उबरते हुए शानदार वापसी की है, क्योंकि वह इंग्लैंड क्रिकेट टीम के साथ व्यस्त घरेलू टेस्ट सीजन की तैयारी कर रहे हैं, जो इस साल के अंत में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान की मेजबानी करते हुए तीन-तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेलेगी। आईसीसी की वेबसाइट के अनुसार, इंग्लैंड के कप्तान ने काउंटी चैम्पियनशिप डिवीजन टू में डरहम काउंटी क्रिकेट क्लब की ओर से वॉर्सेस्टरशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के खिलाफ खेला और नई गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों पारियों में दो-दो विकेट लिए। डरहम की नौ विकेट की जीत में स्टोक्स ने अहम भूमिका निभाई।
पहली पारी में स्टोक्स ने 20 ओवर में 54 रन देकर 2 विकेट लिए और तीसरी पारी में 8.5 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इस साल की शुरुआत में एशेज 2025-26 के बाद यह स्टोक्स का पहला प्रतिस्पर्धी मैच था। इंग्लैंड के कप्तान फरवरी में प्रशिक्षण के दौरान लगी टूटी हुई गाल की हड्डी से उबर रहे हैं। हालांकि डरहम के लिए नंबर पांच पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने मात्र 14 रन बनाए, लेकिन 34 वर्षीय स्टोक्स ने दोनों पारियों में नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए अपनी तेज गति से प्रभावित किया। यह भूमिका भविष्य में इंग्लैंड की उनके लिए योजनाओं का संकेत दे सकती है।
आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत इंग्लैंड जून में न्यूजीलैंड और अगस्त-सितंबर में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगा। तेज गेंदबाजी विकल्पों की कमी को देखते हुए घरेलू ग्रीष्मकालीन सत्र के दौरान स्टोक्स नई गेंद से गेंदबाजी कर सकते हैं। जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और क्रिस वोक्स के संन्यास के बाद टीम अभी भी एक आदर्श नई गेंद के आक्रमण की तलाश में है। ब्रायडन कार्स और मार्क वुड की चोटों के साथ-साथ जोफ्रा आर्चर की फिटनेस को लेकर चिंताओं ने चयनकर्ताओं के सामने 4 जून को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट से पहले बड़े फैसले लेने की चुनौती खड़ी कर दी है।
तेज गेंदबाजी के संभावित विकल्पों में ओली रॉबिन्सन, मैथ्यू पॉट्स, सैम कुक और सन्नी बेकर शामिल हैं, हालांकि काउंटी क्रिकेट में स्टोक्स की हालिया नई गेंद की गेंदबाजी से उन्हें इस भूमिका में वापसी का मौका मिल सकता है। स्टोक्स ने 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट की दूसरी पारी के बाद से टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी की शुरुआत नहीं की है, लेकिन वॉर्सेस्टरशायर के खिलाफ उनके प्रदर्शन से इस जिम्मेदारी में उनकी संभावित वापसी का संकेत मिलता है।
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