लड़के नहीं आए पसंद अपनी ही दोस्त से इन महिला क्रिकेटर्स ने कर ली शादी
क्रिकेट के मैदान पर शुरू हुई लव स्टोरी असल जिंदगी में परवान चढ़ते हम सबने देखा है. पुरुष और महिला क्रिकेटर के बीच प्यार की कहानी से तो हम सभी वाकिफ हैं. आज जानेंगे ऐसी महिला क्रिकेटरों के बारे में जिन्होंने अपनी जीवनसाथी के रूप में महिलाओं को चुना.
Jewellry stocks: पीएम मोदी बोले- गोल्ड मत खरीदो, इन कंपनियों के शेयर10% तक टूटे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान का असर सोमवार को शेयर बाजार में साफ देखने को मिला। सोने की खरीद टालने और विदेशी यात्रा कम करने की सलाह के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आ गई। टाइटन, सेंको गोल्ड, कल्याण ज्वेलर्स और पीसी ज्वेलर्स जैसे शेयरों में 5 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
हैदराबाद के परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना खरीदने और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को टालने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और उर्वरकों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे देश पर विदेशी मुद्रा का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में विदेशी मुद्रा बचाना जरूरी है।
पीएम मोदी के बयान के बाद गिरे ज्वेलरी स्टॉक्स
प्रधानमंत्री के बयान के अगले ही दिन शेयर बाजार में इसका असर दिखा। सुबह करीब 9:50 बजे टाइटन का शेयर 7 प्रतिशत तक टूट गया और यह निफ्टी का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। खास बात यह है कि शुक्रवार को ही कंपनी का शेयर अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था। मार्च तिमाही के शानदार नतीजों के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
ज्वेलरी सेक्टर्स के शेयरों में भारी बिकवाली
ज्वेलरी सेक्टर के बाकी शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंको गोल्ड, कल्याण ज्वेलर्स और पीसी ज्वेलर के शेयर 5 से 10 फीसदी तक फिसल गए। वहीं पूरे बाजार में भी दबाव रहा। सेंसेक्स करीब 1045 अंक टूटकर 76,282 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 298 अंक गिरकर 23877 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
त्योहारी सीजन में मांग पर पड़ेगा असर
बोनांजा की रिसर्च एनालिस्ट खुशी मिस्त्री का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील से शादी और त्योहारों के सीजन से पहले ज्वेलरी सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता। हालांकि भारत में सोने की खरीद सिर्फ निवेश नहीं बल्कि संस्कृति और परंपरा से भी जुड़ी हुई है, इसलिए लंबे समय तक असर सीमित रह सकता है।
सरकार का यह कदम बढ़ते चालू खाते के घाटे और महंगे कच्चे तेल की स्थिति को संभालने के लिए है। इसका असर पेट्रोलियम, उर्वरक, ज्वेलरी, एयर ट्रैवल और होटल सेक्टर पर पड़ सकता है। इसके बावजूद ब्रोकरेज हाउस अब भी टाइटन और अन्य ज्वेलरी कंपनियों को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। उनका मानना है कि ऊंचे सोने के दाम और स्थिर मार्जिन आगे इन कंपनियों की कमाई को मजबूत बनाए रख सकते हैं।
(प्रियंका कुमारी)
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