Responsive Scrollable Menu

साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में दर्दनाक हादसा: कंप्रेसर फटने से दो मजदूरों की मौत, एक गंभीर

गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी में नियमित परीक्षण के दौरान कंप्रेसर फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि सात मई शाम करीब छह बजे लिंक रोड थाना क्षेत्र स्थित एक फैक्टरी में विस्फोट होने की सूचना मिली, जिसमें कुछ कर्मचारी घायल हो गए।

इसे भी पढ़ें: अभिषेक से टकराव, 2020 का वॉट्सऐप मैसेज और इस्तीफा, Suvendu Adhikari ने कैसे लिखी ममता सरकार के अंत की स्क्रिप्ट?

घायलों की पहचान इमरान (34), त्रिभुवन (38) और बांके (25) के रूप में हुई। उन्होंने कहा, ‘‘त्रिभुवन को मैक्स अस्पताल और इमरान व बांके को सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान इमरानकी सफदरजंग अस्पताल और त्रिभुवन की मैक्स अस्पताल में मौत हो गई। बांके का उपचार जारी है।’’ पुलिस ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाए गए हैं और अभी तक इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

इसे भी पढ़ें: Sridevi और Hema malini की Designer, Bengal Cabinet की अकेली महिला मंत्री, जानें कौन हैं Agnimitra Paul?

 

आग बुझाने के लिए 8 फायर टेंडर इस्तेमाल किए गए

दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए तुरंत बड़े पैमाने पर एक ऑपरेशन शुरू किया। दमकलकर्मियों ने आग को और फैलने से रोकने के लिए कई पानी की लाइनें इस्तेमाल कीं। जैसे-जैसे आग की तीव्रता बढ़ी, वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर फायर स्टेशनों से अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। इस ऑपरेशन में लगभग आठ फायर इंजन शामिल थे।

कई घंटों की कोशिशों के बाद, अधिकारी आखिरकार आग पर काबू पाने में कामयाब रहे।

आग बुझने के बाद तलाशी अभियान के दौरान, दमकलकर्मियों को इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक बुज़ुर्ग व्यक्ति का शव मिला। बाद में उनकी पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई। आग से इमारत और आस-पास खड़े वाहनों को भी भारी नुकसान पहुँचा। इस घटना में दो कारें और लगभग दस मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गईं।

अधिकारियों ने बताया कि AC सर्विस सेंटर कथित तौर पर ओमकार तोमर का है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें फिलहाल आग लगने के सही कारण की जाँच कर रही हैं। 

Continue reading on the app

Sridevi और Hema malini की Designer, Bengal Cabinet की अकेली महिला मंत्री, जानें कौन हैं Agnimitra Paul?

पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार में वर्तमान में मंत्रिमंडल में केवल एक महिला हैं - और वह महिला 51 वर्षीय भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल हैं, जो पूर्व फैशन डिजाइनर से राजनीतिज्ञ बनी हैं और जिन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ मंत्री पद की शपथ ली। अग्निमित्रा पॉल ने वरिष्ठ भाजपा नेताओं दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसीथ प्रमाणिक के साथ शपथ ली और बंगाल के नए मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला चेहरा बन गईं।
 

इसे भी पढ़ें: अभिषेक से टकराव, 2020 का वॉट्सऐप मैसेज और इस्तीफा, Suvendu Adhikari ने कैसे लिखी ममता सरकार के अंत की स्क्रिप्ट?


उनका यह पदोन्नति भाजपा के लिए एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर हुई है, जिसने बार-बार खुद को महिला प्रतिनिधित्व के समर्थक के रूप में प्रस्तुत किया है और विपक्षी दलों पर विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के कार्यान्वयन में देरी का आरोप लगाया है। पॉल को मंत्रिमंडल में शामिल करना पार्टी के लिए प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों ही दृष्टियों से देखा जा रहा है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में लंबे समय से महिला-केंद्रित राजनीतिक विचारधारा हावी रही है।

आसनसोल दक्षिण से दो बार की विधायक और भाजपा की बंगाल उपाध्यक्ष पॉल 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान पार्टी की सबसे प्रमुख महिला नेताओं में से एक बनकर उभरीं। उन्होंने टीएमसी के तापस बनर्जी को 40,000 से अधिक वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी और राज्य इकाई में अपनी स्थिति मजबूत की। 2019 में राजनीति में आने से पहले, पॉल कोलकाता के फैशन जगत में एक जानी-मानी हस्ती थीं। वह अपना फैशन लेबल "इंग्गा" चलाती थीं और श्रीदेवी और हेमा मालिनी जैसी बॉलीवुड हस्तियों के लिए परिधान डिजाइन करती थीं। उनके काम में अक्सर बंगाल की पारंपरिक शिल्पकला, जैसे कंथा कढ़ाई, झलकती थी और उन्होंने लैक्मे फैशन वीक जैसे आयोजनों में अपने कलेक्शन प्रदर्शित किए।
 

इसे भी पढ़ें: शुभेंदु की शपथ में जिस बुजुर्ग के पीएम मोदी ने पैर छुए, वो कौन हैं?


आसनसोल में एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी पॉल ने वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई की, जिसके बाद उन्होंने फैशन टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट की पढ़ाई की। वर्षों से उन्होंने फैशन में एक सफल करियर बनाया और फिर महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर लामबंदी पर ध्यान केंद्रित करते हुए राजनीति में कदम रखा। भाजपा के भीतर उनका उदय बहुत तेज़ी से हुआ है। महिला मोर्चा में शामिल होने से लेकर बंगाल में पार्टी की प्रमुख प्रचारकों में से एक बनने तक, पॉल ने खुद को भूमिपुत्री नेता के रूप में स्थापित किया है, जिनकी महिला मतदाताओं के बीच ज़बरदस्त लोकप्रियता है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ के दौरान भी उनका नाम सुझाया था, इससे पहले कि भाजपा ने अंततः मुख्यमंत्री पद के लिए अधिकारी को चुना।

Continue reading on the app

  Sports

विनेश फोगाट पर WFI सख्त: डोपिंग नियम उल्लंघन का आरोप, घरेलू मुकाबलों से 26 जून तक बाहर

भारतीय कुश्ती महासंघ ने स्टार पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया है। डोप टेस्ट में अनुपस्थिति और वापसी प्रक्रिया में नियम उल्लंघन को लेकर जारी इस कार्रवाई ने भारतीय कुश्ती में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

संन्यास से वापसी और नियमों की अनदेखी का आरोप 
WFI की ओर से जारी नोटिस के अनुसार विनेश फोगाट ने अपने संन्यास के फैसले को पलटने और खेल में वापस लौटने की प्रक्रिया में नियमों की गंभीर अनदेखी की है। महासंघ का कहना है कि अगस्त 2024 में पेरिस ओलिंपिक से अयोग्य घोषित होने के बाद विनेश ने सार्वजनिक रूप से संन्यास की घोषणा की थी।

नियमों के मुताबिक संन्यास से वापसी के लिए किसी भी खिलाड़ी को कम से कम छह महीने पहले महासंघ को सूचित करना अनिवार्य होता है। WFI ने स्पष्ट किया कि विनेश ने इस प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, जो कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। महासंघ के अनुसार, इस व्यवहार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कुश्ती की गरिमा को ठेस पहुंची है। 

डोप टेस्ट में अनुपस्थिति और अनुशासन पर सवाल
विनेश के खिलाफ महासंघ ने केवल वापसी की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि डोपिंग नियमों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया गया है कि 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में होने वाले एक अनिवार्य डोप टेस्ट में विनेश शामिल नहीं हुई थीं। इस चूक को लेकर अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने भी 4 मई को उन्हें नोटिस थमाया था।

WFI ने विनेश से चार प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है और पूछा है कि उनकी इस निरंतर 'अनुशासनहीनता' के लिए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। महासंघ ने अपने बयान में कहा कि किसी भी खिलाड़ी का कद खेल और नियमों से बड़ा नहीं हो सकता।

बृजभूषण पर तीखा हमला
इस प्रतिबंध से ठीक एक सप्ताह पहले विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर फिर से गंभीर आरोप लगाए थे। विनेश ने खुलासा किया कि उत्तर प्रदेश के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में उनका शामिल होना मानसिक रूप से कठिन है।

उन्होंने भावुक होकर कहा कि मैं उन छह पीड़ितों में से एक हूं जिन्होंने बृजभूषण के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है और मेरी गवाही अदालत में चल रही है। ऐसे में आरोपी के घर (गोंडा) में जाकर कुश्ती लड़ना मेरे लिए लगभग असंभव है। वहां मेरी टीम मुकाबला करेगी, लेकिन यदि किसी खिलाड़ी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। 

गोंडा टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर उठाए सवाल 
विनेश ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गोंडा में होने वाला टूर्नामेंट बृजभूषण के निजी प्रभाव वाले क्षेत्र में आयोजित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कौन सा रेफरी किस खिलाड़ी को अंक देगा और किसे विजेता घोषित किया जाएगा, यह सब पूर्व अध्यक्ष के करीबी लोगों की ओर से नियंत्रित होगा।

विनेश के अनुसार, खेल मंत्रालय और सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर मूक दर्शक बनी हुई है, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वहां निष्पक्ष वजन जांच और पारदर्शी परिणाम की उम्मीद करना बेमानी है।

तीन साल पुराना संघर्ष और राजनीतिक मोड़ 
उल्लेखनीय है कि विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने लगभग तीन साल पहले जंतर-मंतर पर ऐतिहासिक धरना दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह महिला खिलाड़ियों का शोषण करते हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़पें भी हुई थीं।

वर्तमान में विनेश फोगाट हरियाणा के जुलाना क्षेत्र से कांग्रेस की विधायक हैं, जबकि बृजभूषण शरण सिंह भाजपा के पूर्व सांसद हैं। उनके परिवार का राजनीतिक रसूख अब भी बरकरार है, क्योंकि उनके पुत्र वर्तमान में सांसद और विधायक के रूप में सक्रिय हैं। दूसरी ओर, बृजभूषण ने हमेशा इन आरोपों को निराधार बताया है और इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया है।

मैट पर वापसी का संकल्प नहीं छोड़ा  
इतने विवादों और प्रतिबंधों के बीच भी विनेश फोगाट ने मैट पर वापसी का संकल्प नहीं छोड़ा है। उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा कि वह पिछले डेढ़ साल से कुश्ती से दूर थीं, लेकिन अब पूरी ईमानदारी से प्रशिक्षण ले रही हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ईश्वरीय आशीर्वाद और जनता के सहयोग से वह फिर से देश के लिए पदक जीतेंगी और तिरंगे का मान बढ़ाएंगी। फिलहाल 26 जून तक का यह प्रतिबंध विनेश के करियर के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो सकता है और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि वह महासंघ के नोटिस का क्या जवाब देती हैं। 

Sat, 09 May 2026 17:59:07 +0530

  Videos
See all

Karnal में School Van Driver बना दरिंदा! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-09T13:47:01+00:00

Bhaiyaji Kahin : अखिलेश यादव ने EVM पर क्या कह दिया है? | Bengal CM Suvendu Adhikari|Prateek Trivedi #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-09T13:45:06+00:00

Basti में Gas Cylinder को लेकर बवाल | #upnews #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-09T13:45:18+00:00

APKA RAJYA: Meerut में युवती को शादी का झांसा देकर 10 साल तक शोषण, फिर जान से मारने की धमकी | UP #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-09T13:45:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers