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Bihar: Prashant Kishor की 'रोजगार क्रांति', Bankipur के 10,000 युवाओं को दिलाएंगे नौकरी, मांगा CV

जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने बिहार के बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र में अगले एक-दो साल में कम से कम 10,000 युवाओं को नौकरी दिलाने में मदद करने का वादा किया है। उन्होंने परिवारों से अपील की है कि वे अपने पढ़े-लिखे लेकिन बेरोजगार बच्चों के CV और बायोडाटा उनके ऑफिस भेजें। किशोर ने यह घोषणा मंगलवार को उपचुनाव जीतने के बाद बांकीपुर के अपने पहले दौरे के दौरान की। आभार व्यक्त करने के लिए किए गए इस दौरे के तहत, उन्होंने मतदाताओं से मुलाकात की और उनके समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
 

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उन्होंने कहा कि वे देश भर की कंपनियों और लोगों के साथ अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करके योग्य युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने में मदद करेंगे। हालांकि, किशोर ने साफ़ किया कि वे सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं दे सकते और कहा कि कुछ युवाओं को काम के लिए शुरुआत में बिहार से बाहर जाना पड़ सकता है। चुनाव जीतने के बाद पांच-छह दिनों तक अपने चुनाव क्षेत्र से दूर रहने की आलोचना का जवाब देते हुए किशोर ने कहा कि मैं कहीं घूम नहीं रहा हूं। मैं आपके लिए काम कर रहा हूं।

उन्होंने उन परिवारों से अपील की जिनके बच्चे पढ़े-लिखे तो हैं लेकिन बेरोजगार हैं, कि वे अपने CV तैयार करें और उनके ऑफिस में जमा करें। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले एक-दो साल में बांकीपुर के कम से कम 10,000 परिवारों की मदद करना है ताकि उनके बच्चों को नौकरी मिल सके। किशोर ने कहा कि अगर बिहार में जन सुराज पार्टी सत्ता में आती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पार्टी राज्य के भीतर ही रोजगार के इतने मौके पैदा करने पर ध्यान देगी कि युवाओं को नौकरी की तलाश में बिहार छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।
 

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उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र के लिए चार मुख्य प्राथमिकताएं भी तय कीं: रोज़गार, शिक्षा, 1,100 रुपये की मासिक पेंशन और अनाज। यह घोषणा बांकीपुर उपचुनाव में किशोर की जीत के कुछ दिनों बाद की गई है और चुनाव के बाद इस क्षेत्र में रोज़गार पर केंद्रित उनकी पहली बड़ी पहलों में से एक है।
 
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Sujan Singh Park Land Dispute: दिल्ली हाई कोर्ट ने जून के फैसले पर लगाई रोक, Status Quo बनाए रखने का निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने 9 जून, 2026 के उस फ़ैसले और आदेश पर रोक लगा दी है, जिसने सुजान सिंह पार्क (जहाँ एम्बेसडर होटल स्थित है) की प्रॉपर्टी को लेकर भारत सरकार के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद में 'सर शोभा सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड' के पक्ष में आए 2009 के ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को पलट दिया था। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 10 अगस्त को सुनाए गए एक आदेश में दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे दूसरी अपील का निपटारा होने तक विवादित प्रॉपर्टी के मामले में यथास्थिति (status quo) बनाए रखें। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 9 जून के फ़ैसले और आदेश पर कोई भी कार्रवाई करने से भी रोक दिया।

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यह विवाद सुजान सिंह पार्क में लगभग 7.58 एकड़ ज़मीन के लिए 8 अक्टूबर, 1945 को किए गए लीज़ एग्रीमेंट से जुड़ा है। कंपनी ने 1960 में सिविल कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था और प्रॉपर्टी पर सरकार के दोबारा कब्ज़ा करने के फ़ैसले को चुनौती दी थी। साथ ही, अन्य राहतों के अलावा, लीज़ एग्रीमेंट को पूरी तरह लागू करने (specific performance) की मांग भी की थी। यह कानूनी मामला छह दशकों से ज़्यादा समय से चल रहा है। आदेश में कहा गया है कि 1960 से ही प्रॉपर्टी पर कंपनी का कब्ज़ा सुरक्षित रहा है और 1943 से ही उसका लगातार कब्ज़ा रहा है।
यह विवाद मुख्य रूप से उस बिल्डिंग के निर्माण और इस्तेमाल से जुड़ा है जिसे कार्यवाही में "होटल ब्लॉक" कहा गया है। इसके अलावा, विवाद सर्वेंट्स क्वार्टर्स के कुछ हिस्सों और सर्वेंट्स ब्लॉक में मौजूद 31 गैराज के कथित गलत इस्तेमाल से भी जुड़ा है।
कंपनी का कहना है कि होटल ब्लॉक का निर्माण सरकारी अधिकारियों की जानकारी और मंज़ूरी से किया गया था। हाई कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत से पहली नज़र में यह पता चलता है कि निर्माण कार्य सक्षम सरकारी अधिकारियों की जानकारी और मंज़ूरी से किया गया था। कोर्ट ने 1951 में होटल के लिए दी गई बाद की मंज़ूरी (ex-post-facto sanction) पर भी ध्यान दिया।

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केंद्र सरकार ने ग्रांट की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया था और 1959 में कंपनी को इन उल्लंघनों को ठीक करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सरकार ने कंपनी को सूचित किया कि उसने 29 जुलाई 1960 से प्रॉपर्टी का कब्ज़ा वापस ले लिया है।
कंपनी ने इस कार्रवाई को सिविल कोर्ट में चुनौती दी। 2009 में, ट्रायल कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने अन्य बातों के अलावा यह माना कि बिल्डिंग का निर्माण सरकार के निर्देशों और आदेशों के अनुसार किया गया था और कथित गलत इस्तेमाल साबित नहीं हुआ था।

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DPL 2026: सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन का दिल्ली प्रीमियर लीग में तांडव, चार मैच में 4 फिफ्टी ठोककर गेंदबाजों के छुड़ाए पसीने

सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 में धूम मचा रहे हैं. सार्थक लीग में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर के लिए खेल रहे हैं और वह टीम के कप्तान भी हैं. अबतक सार्थक ने अपनी टीम के लिए लगातार चार मैचों में अर्धशतक लगा चुके हैं. इसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 95 रन का रहा है. Wed, 12 Aug 2026 09:29:46 +0530

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