Thomas Cup: 'भारत स्पोर्टिंग नेशन नहीं, किसी को फर्क नहीं पड़ता...' पूर्व विश्व नंबर-1 शटलर क्यों हुआ नाराज?
भारत के बैडमिंटन सितारों ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया, लेकिन इस बार चर्चा उनकी जीत से ज्यादा उनके दर्द की हो रही है। थॉमस कप में भारतीय पुरुष टीम ने कांस्य पदक जीता, लेकिन देश लौटने पर जिस तरह की प्रतिक्रिया मिली, उसने खिलाड़ियों को निराश कर दिया।
डबल्स स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें टीम के साथ उनकी तस्वीर थी, लेकिन आसपास कोई खास उत्साह या स्वागत नजर नहीं आया। यह पोस्ट वायरल हो गई और भारतीय खेल संस्कृति पर सवाल खड़े करने लगी।
रंकीरेड्डी ने साफ कहा कि वह आमतौर पर ऐसी बातें सार्वजनिक नहीं करते, लेकिन इस बार उन्हें बोलना जरूरी लगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बड़े पुरस्कार या पैसे की जरूरत नहीं है, बल्कि छोटी-सी तारीफ भी काफी होती है। अगर कोई बच्चा आकर कह दे कि आपने अच्छा खेला, तो वही हमारे लिए बड़ी बात है।
उनकी सबसे बड़ी शिकायत तब सामने आई जब टीम भारत लौटी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर किसी ने उन्हें पहचाना तक नहीं। हम थॉमस कप की जर्सी पहने हुए थे, लेकिन किसी ने यह तक नहीं पूछा कि हम कौन हैं। लोग आईपीएल और राजनीति में ज्यादा व्यस्त थे। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को खुद कैब बुक करनी पड़ी, जो उनके लिए काफी निराशाजनक अनुभव था।
उनके साथी चिराग शेट्टी ने भी इसी तरह की भावना जाहिर की। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन को फॉलो करने वाले लोग जरूर सराहना करते हैं, लेकिन आम जनता को उनकी उपलब्धि की अहमियत समझ में नहीं आती। यह दुख की बात है कि हम अभी भी एक स्पोर्टिंग नेशन नहीं बन पाए हैं।
चिराग ने यह भी बताया कि देश के लिए खेलना गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ भारी दबाव भी आता है, जबकि बदले में उतनी पहचान नहीं मिलती। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह अपने बच्चे को बैडमिंटन खेलने के लिए प्रेरित नहीं करेंगे, क्योंकि यह सफर मानसिक रूप से काफी कठिन है।
भारत ने थॉमस कप में पहले भी 1952, 1955 और 1979 में पदक जीते थे और 2022 में ऐतिहासिक खिताब भी अपने नाम किया था। इसके बावजूद खिलाड़ियों का कहना है कि अगर आप गोल्ड नहीं जीतते, तो आपकी उपलब्धि को उतनी अहमियत नहीं दी जाती। यह पूरा मामला एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है कि क्या भारत सिर्फ क्रिकेट तक सीमित रह गया है? खिलाड़ियों की यह नाराजगी बताती है कि देश में अन्य खेलों को भी बराबर सम्मान और पहचान देने की जरूरत है।
May Travel Places: मई में घूमने का प्लान है? इन 7 जगहों की करें प्लानिंग, यादगार रहेगा अनुभव
May Travel Places: मई का महीना आते ही देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी अपने चरम पर होती है। ऐसे में हर किसी का मन करता है कि कुछ दिन की छुट्टी लेकर ठंडी और सुकूनभरी जगह पर घूमने निकल जाए। अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कई खूबसूरत डेस्टिनेशन हैं, जहां आप न सिर्फ गर्मी से राहत पा सकते हैं बल्कि प्रकृति के बीच शानदार समय भी बिता सकते हैं।
चाहे आप पहाड़ों की ठंडी वादियों में सुकून ढूंढ रहे हों या एडवेंचर से भरपूर ट्रिप प्लान करना चाहते हों, मई में घूमने के लिए कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। आइए जानते हैं देश की 7 लोकप्रिय जगहों के बारे में, जहां आपका ट्रिप यादगार बन सकता है।
मई में इन 7 जगहों की कर सकते हैं विजिट
मनाली
हिमाचल प्रदेश का यह खूबसूरत हिल स्टेशन मई में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। यहां की ठंडी हवा, बर्फ से ढके पहाड़ और एडवेंचर एक्टिविटीज जैसे पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग आपको रोमांचित कर देंगे।
शिमला
शिमला अपनी हरी-भरी वादियों और औपनिवेशिक वास्तुकला के लिए मशहूर है। यहां का मॉल रोड, रिज और कुफरी जैसी जगहें घूमने के लिए बेहतरीन हैं।
दार्जिलिंग
दार्जिलिंग को 'क्वीन ऑफ हिल्स' भी कहा जाता है। यहां की चाय बागान, टॉय ट्रेन और कंचनजंगा का नजारा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है।
ऊटी
दक्षिण भारत का यह लोकप्रिय हिल स्टेशन मई में ठंडा और सुहावना रहता है। यहां की झीलें, बॉटनिकल गार्डन और चाय के बागान देखने लायक हैं।
माउंट आबू
राजस्थान की गर्मी से राहत पाने के लिए माउंट आबू एक बेहतरीन विकल्प है। यहां का नक्की लेक और दिलवाड़ा मंदिर पर्यटकों को खासा आकर्षित करते हैं।
लेह-लद्दाख
अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं, तो लेह-लद्दाख जरूर जाएं। यहां की ऊंची पहाड़ियां, नीली झीलें और खूबसूरत मठ आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।
मुन्नार
केरल का यह हिल स्टेशन अपने हरे-भरे चाय बागानों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मई में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है।
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