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भारत-पाकिस्तान विभाजन में मां को लगी थी गोली, अर्चना पूरन सिंह के पति परमीत सेठी ने सुनाया दर्दनाक किस्सा
Parmeet Sethi on His Mother: अर्चना पूरन सिंह और उनके पति परमीत सेठी इन दिनों अपने फैमिली व्लॉग्स की वजह से सोशल मीडिया और यूट्यूब पर काफी चर्चा में रहते हैं. भले ही अर्चना ने फिलहाल अपने यूट्यूब चैनल से थोड़ा ब्रेक लिया हुआ है, लेकिन वो अक्सर अपने बेटे आर्यमन सेठी के व्लॉग्स में नजर आती रहती हैं. इसी बीच हाल ही में आर्यमन के एक नए व्लॉग में परमीत सेठी ने अपनी मां से जुड़ा ऐसा दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर खुद अर्चना और उनके दोनों बेटे भी हैरान रह गए. तो चलिए आपको बताते हैं उन्होंने ऐसा क्या बताया.
भारत-पाकिस्तान विभाजन में मां को लगी थी गोली
व्लॉग में परमीत ने बताया कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान हुए दंगों में उनकी मां सुशील सेठी को गोली लग गई थी. सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि वो गोली उनके शरीर में करीब एक से दो साल तक फंसी रही और लंबे समय तक किसी को ये तक पता नहीं चल पाया कि गोली शरीर के किस हिस्से में है.
विभाजन की दर्दनाक यादें आज भी ताजा
व्लॉग में परमीत सेठी अपने बेटे आर्यमन के साथ अपनी मां की पसंदीदा रेसिपी बनाते हुए पुरानी यादें साझा कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने अपनी मां के जीवन से जुड़ी ये भयावह घटना सुनाई. परमीत ने बताया कि उनकी मां उस समय बहुत छोटी थीं और उस इलाके में रहती थीं जो आज पाकिस्तान का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि विभाजन के समय हालात बेहद खराब थे. चारों तरफ दंगे और डर का माहौल था. उसी दौरान उनकी मां के साथ ये हादसा हुआ. परमीत के मुताबिक उस समय उनकी मां की उम्र करीब 10 से 12 साल के बीच थी.
घर में घुसा था दर्जी, बंदूक चुराने आया था
घटना का जिक्र करते हुए परमीत सेठी ने बताया, “एक दर्जी हमारे घर कपड़े सिलने आया करता था. उस समय मेरे दादाजी के घर में बंदूक हुआ करती थी. दंगों के दौरान वह बंदूक चुराने के इरादे से रात में चुपके से घर में घुस आया था.” परमीत ने आगे बताया कि घर के अंदर कुछ आवाज सुनकर उनकी मां जाग गईं. जैसे ही उन्होंने शोर मचाने की कोशिश की, उस व्यक्ति ने डर के मारे उन पर गोली चला दी. उन्होंने कहा, “उस दौर में मेडिकल सुविधाएं बहुत सीमित थीं. डॉक्टर तुरंत ये पता नहीं लगा पाए कि गोली कहां फंसी है. गोली शरीर के अंदर ही थी, लेकिन उसकी सही जगह किसी को मालूम नहीं थी.”
दो साल तक दर्द झेलती रहीं परमीत की मां
परमीत के मुताबिक, गोली लगने के बाद उनकी मां लंबे समय तक गंभीर हालत में रहीं. वह करीब दो साल तक ठीक से स्कूल भी नहीं जा सकीं. इस दौरान परिवार विभाजन के बाद पाकिस्तान छोड़कर पहले अहमदाबाद और फिर मुंबई आकर बस गया. परमीत ने बताया कि उस समय परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा था. उनकी मां लगातार दर्द में रहती थीं, लेकिन तकनीक की कमी की वजह से डॉक्टर भी ज्यादा मदद नहीं कर पा रहे थे.
ऐसे पता चला शरीर में कहां फंसी है गोली
परमीत सेठी ने आगे बताया कि एक दिन अचानक उनकी मां के शरीर में फंसी गोली का पता चला. उन्होंने कहा, “एक दिन एक नर्स उनकी मालिश कर रही थी. तभी पीठ पर कुछ उभरा हुआ नजर आया. ध्यान से देखने पर पता चला कि वह गोली थी.” इसके बाद तुरंत डॉक्टरों को बुलाया गया और ऑपरेशन करके गोली बाहर निकाली गई. यह पूरी घटना गोली लगने के करीब एक-दो साल बाद हुई थी. ये कहानी सुनते वक्त अर्चना पूरन सिंह और उनके बेटे भी काफी भावुक और हैरान नजर आए.
“मेरी मां पूरी फिल्मी थीं”
व्लॉग में परमीत ने अपनी मां को पूरी फिल्मी बताते हुए कहा कि उनका जीवन किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं था. विभाजन की त्रासदी, संघर्ष और फिर नई जिंदगी शुरू करने का सफर बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने हर मुश्किल का सामना मजबूती से किया.
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