रेमंड लिमिटेड को चौथी तिमाही में लगा बड़ा झटका, मुनाफा 99 प्रतिशत गिरा
मुंबई, 5 मई (आईएएनएस)। रेमंड लिमिटेड ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की, जिस पर एकमुश्त (वन-टाइम) असाधारण नुकसान का असर पड़ा।
एक्सचेंज फाइलिंग में रेमंड ने बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 99.2 प्रतिशत गिरकर मात्र 1.1 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 133 करोड़ रुपए था। इस गिरावट की मुख्य वजह तिमाही के दौरान करीब 20 करोड़ रुपए का असाधारण खर्च रहा।
मुनाफे में भारी गिरावट के बावजूद, रेमंड का राजस्व 8.1 प्रतिशत बढ़कर 603 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 558 करोड़ रुपए था।
इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत बना रहा, जहां ईबीआईटीडीए 37.8 प्रतिशत बढ़कर 75.5 करोड़ रुपए हो गया, जबकि मार्जिन भी 9.8 प्रतिशत से बढ़कर 12.5 प्रतिशत हो गया।
हालांकि, अन्य आय में गिरावट और खर्चों में बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाला। अन्य आय घटकर 9.6 करोड़ रुपए रह गई, जो एक साल पहले 43.9 करोड़ रुपए थी, जबकि कुल खर्च बढ़कर 587.14 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल 556.85 करोड़ रुपए था।
कंपनी ने इस तिमाही में 7.8 करोड़ रुपए का टैक्स क्रेडिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 8.8 करोड़ रुपए का टैक्स खर्च हुआ था।
एयरोस्पेस, रक्षा, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में कारोबार करने वाली रेमंड ने बताया कि 20.03 करोड़ रुपए का असाधारण नुकसान तिमाही के मुनाफे को काफी प्रभावित कर गया।
पूरे वित्त वर्ष के आधार पर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 53.54 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 52.02 करोड़ रुपए से थोड़ा अधिक है।
वहीं, कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,212.1 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष में 1,946.84 करोड़ रुपए थी।
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के मुख्य एयरोस्पेस, रक्षा और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली, जो अंतिम तिमाही में भी मजबूत बने रहे।
सिंघानिया ने कहा, हमारी सहायक कंपनियां मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दे रही हैं और अब हमारी प्राथमिकता वैश्विक मांग के अनुरूप तेजी से विस्तार करना है। हम उच्च मार्जिन वाले अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो लंबे समय में शेयरधारकों के लिए बेहतर मूल्य सृजन करेंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी
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केरल में कांग्रेस की वापसी, क्या शशि थरूर होंगे सीएम, जानें क्यों हो रही चर्चा
केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एक दशक बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सत्ता में वापसी की ओर बढ़ता दिख रहा है. रुझानों में UDF को स्पष्ट बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि वाम मोर्चा काफी पीछे छूट गया है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा.
हाईकमान के फैसले पर टिकी निगाहें
केरल में मुख्यमंत्री का चयन परंपरागत रूप से पार्टी हाईकमान तय करता है। तिरुवनंतपुरम से लेकर नई दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज है. कांग्रेस अध्यक्ष के प्रतिनिधि विधायकों से चर्चा करेंगे और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यही प्रक्रिया पहले भी अपनाई जाती रही है.
सीएम पद की रेस में ये बड़े नाम
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं. इनमें प्रमुख हैं...
- केसी वेणुगोपाल
- शशि थरूर
- वीडी सतीशन
- रमेश चेन्नीथला
इन सभी नेताओं का संगठन और राज्य की राजनीति में मजबूत प्रभाव रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा शशि थरूर को लेकर हो रही है.
क्यों चर्चा में हैं शशि थरूर?
शशि थरूर कांग्रेस के सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरों में गिने जाते हैं. तिरुवनंतपुरम से लगातार चार बार सांसद रहे थरूर की छवि एक शिक्षित, साफ-सुथरे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेता की है. उन्होंने केरल में पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है और युवा व शहरी मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.
क्या बन सकती हैं अड़चनें?
हालांकि थरूर की लोकप्रियता उनके पक्ष में जाती है, लेकिन कुछ राजनीतिक पहलू उनके लिए चुनौती बन सकते हैं. पिछले वर्षों में उन्होंने कई मौकों पर नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की तारीफ की, जिससे पार्टी के भीतर असहजता देखी गई. ऐसे बयानों को लेकर कांग्रेस के भीतर एक वर्ग उन्हें लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखता. लेकिन कांग्रेस सीएम बनाकर शशि थरूर जैसे नेता को फिर साध लेगी.
जनता की पसंद क्या कहती है?
एग्जिट पोल के आंकड़े इस चर्चा को और दिलचस्प बना देते हैं. एक सर्वे के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए सिर्फ 1% मतदाताओं ने थरूर को अपनी पहली पसंद बताया. वहीं वीडी सतीशन को करीब 21% लोगों ने पसंद किया, जिससे वे इस रेस में मजबूत दावेदार बनकर उभरते हैं.
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