कनाडा के विदेशी हस्तक्षेप वाले दावे बेबुनियाद: भारत का आधिकारिक बयान
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। कनाडाई खुफिया एजेंसी कनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (सीएसआईएस) ने भारत पर उसके देश में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। भारत ने आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है और किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप उसकी नीति नहीं है।
नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस वार्ता में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि ऐसी किसी भी समस्या पर राजनीतिक या सार्वजनिक चर्चा से बचना चाहिए और इसे तय प्रक्रिया के तहत सुलझाया जाना चाहिए।
जायसवाल ने कहा, इस खास मुद्दे पर भारत की स्थिति स्पष्ट और एक जैसी रही है, और हमने पहले भी कई मौकों पर इस बारे में बात की है। हम ऐसे बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है। दूसरे देशों के मामलों में दखल देना हमारी नीति नहीं है। हमारा मानना है कि ऐसे मसलों की राजनीतिक या सार्वजनिक मंचों पर चर्चा के बजाए तय प्रक्रिया के तहत सुलझाया जाना चाहिए।
अपनी नवीनतम पब्लिक रिपोर्ट 2025 में, सीएसआईएस ने कहा कि कनाडा की राजनीति में विदेशी दखलंदाजी बहुत ज्यादा और आक्रामक है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य अपराधी—चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान—संस्थाओं को कमजोर करने, लोगों की मनस्थिति को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा खत्म करने के लिए अलग-अलग पैंतरे का इस्तेमाल करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि कनाडा-बेस्ड खालिस्तानी एक्सट्रीमिस्ट्स (सीबीकेई) की हिंसक चरमपंथी गतिविधियों में लगातार शामिल होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को भारत के पुराने रुख को फिर स्पष्ट किया। कहा कि भारत ने चरमपंथियों और अलगाववादियों द्वारा कनाडाई इलाके को पनाहगाह के तौर पर इस्तेमाल करने की जानकारी समय-समय पर दी है।
जायसवाल ने कहा, सीएसआईएस का आकलन खुद ही कनाडा में खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन के समर्थकों की मौजूदगी को स्वीकारता है, बल्कि मानता भी है कि कनाडा-स्थित खालिस्तानी चरमपंथी गुट न केवल भारत के लिए बल्कि कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। इस रिपोर्ट में यह भी है कि ऐसे तत्व लोकतांत्रिक आजादी और संस्थाओं का गलत इस्तेमाल करके उग्रवाद को बढ़ावा देते हैं और ऐसे फंड इकट्ठा करते हैं जिनका इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों के लिए किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा, भारत ने बार-बार कनाडाई अधिकारियों से अपनी जमीन से काम कर रहे भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ असरदार कार्रवाई करने की अपील की है। इसमें हिंसा का महिमामंडन, राजनयिकों और नेताओं को धमकियां देना, पूजा स्थलों में तोड़-फोड़ करना और तथाकथित जनमत संग्रहों के जरिए अलगाववाद को बढ़ावा देने की कोशिशें जैसे मुद्दे शामिल हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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गुजरात में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान तेज, पांच लाख से अधिक किशोरियों को लगी वैक्सीन
गांधीनगर, 7 मई (आईएएनएस)। गुजरात में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे राज्यव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक पांच लाख से अधिक किशोरियों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है।
राज्य सरकार के अनुसार, 6 मई तक 5,62,324 पात्र किशोरियों में से कुल 5,14,566 को वैक्सीन दी जा चुकी है, जिसमें पहले से टीकाकरण करा चुकी लड़कियां भी शामिल हैं। इस तरह अभियान की कुल कवरेज 91.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है। केवल बुधवार को ही राज्यभर में 7,913 किशोरियों का टीकाकरण किया गया।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे गुजरात में संचालित किया जा रहा है और अब तक किसी भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
यह अभियान 14 वर्ष की किशोरियों को लक्षित करते हुए चलाया जा रहा है। राज्यभर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों, जिला और उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) में यह वैक्सीन मुफ्त में लगाई जा रही है।
जिलावार आंकड़ों में कई क्षेत्रों ने 100 प्रतिशत से अधिक कवरेज दर्ज किया है। राजकोट कॉरपोरेशन में 10,622 पात्र किशोरियों के मुकाबले कुल 11,565 टीकाकरण किए गए, जो 109 प्रतिशत कवरेज है। भावनगर कॉरपोरेशन में 4,859 पात्र किशोरियों के मुकाबले 5,014 टीकाकरण हुए, जो 103 प्रतिशत कवरेज दर्शाता है।
नर्मदा जिले में 5,962 पात्र किशोरियों के मुकाबले 6,139, जूनागढ़ कॉरपोरेशन में 2,293 के मुकाबले 2,330, जामनगर कॉरपोरेशन में 4,753 के मुकाबले 4,847 तथा गांधीनगर कॉरपोरेशन में 3,162 के मुकाबले 3,207 किशोरियों का टीकाकरण किया गया। इन सभी क्षेत्रों में कवरेज 101 से 103 प्रतिशत के बीच रहा।
गिर सोमनाथ और अरावली जिलों में भी 101 प्रतिशत कवरेज दर्ज की गई। महिसागर और सुरेंद्रनगर जिलों ने 100 प्रतिशत कवरेज हासिल की, जबकि गांधीनगर जिले में 100.1 प्रतिशत टीकाकरण दर्ज किया गया।
उच्च प्रदर्शन वाले जिलों में जूनागढ़ और अहमदाबाद जिले ने 99 प्रतिशत कवरेज दर्ज की। बनासकांठा और वडोदरा कॉरपोरेशन में 93 प्रतिशत, सूरत कॉरपोरेशन में 92 प्रतिशत, वलसाड और पंचमहल में 94 प्रतिशत तथा दाहोद, आनंद और वडोदरा जिले में 95 प्रतिशत कवरेज दर्ज की गई।
भरूच, महेसाणा, तापी और सूरत जिले में 96 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। छोटा उदयपुर, खेड़ा, पोरबंदर और पाटन में 97 प्रतिशत, जबकि बोटाद और साबरकांठा में 98 प्रतिशत कवरेज दर्ज की गई।
वहीं कुछ जिलों में कवरेज अपेक्षाकृत कम रही। मोरबी और अमरेली में 91 प्रतिशत, देवभूमि द्वारका और कच्छ में 90 प्रतिशत तथा राजकोट जिले में 88 प्रतिशत कवरेज दर्ज की गई। डांग जिले में यह आंकड़ा 81 प्रतिशत रहा।
सबसे कम कवरेज अहमदाबाद कॉरपोरेशन में दर्ज की गई, जहां 48,443 पात्र किशोरियों में से केवल 22,813 का टीकाकरण हुआ, जो 47 प्रतिशत है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यह अभियान मई के अंत तक जारी रहेगा और पात्र परिवारों से अपील की गई है कि जिन 14 वर्षीय लड़कियों का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, वे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने अभिभावकों से अपील की कि वे बिना देरी के बच्चियों का टीकाकरण पूरा कराएं और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचें। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और लोगों को अभियान में भाग लेने से नहीं रोकना चाहिए।
--आईएएनएस
डीएससी
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