West Bengal Election Result 2026: Amit Shah बने सुपरवाइजर, बंगाल में सरकार गठन की तैयारी | Breaking
West Bengal Election Result 2026: Amit Shah बने सुपरवाइजर, बंगाल में सरकार गठन की तैयारी | Breaking #westbengalelection2026 #electionresults #amitshah #oathceremony पश्चिम बंगाल में सरकार गठन की तैयारी तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल के पर्यवेक्षक बनाए गए. वहीं, जेपी नड्डा को असम का पर्यवेक्षक बनाया गया है. news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest newIs | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है|
ट्रम्प बोले- 8-9 साल और राष्ट्रपति रहूंगा:सुनकर लोग हंसने लगे तो कहा- मैं मजाक नहीं कर रहा, अभी बहुत काम करना बाकी है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से राष्ट्रपति बनने की इच्छा जताई है। व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कहा कि वे 8-9 साल बाद पद छोड़ेंगे। यह सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे तो ट्रम्प ने कहा कि वह मजाक नहीं कर रहे। उन्हें काम करना पसंद है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अभी उनके कार्यकाल की शुरुआत ही है और बहुत काम बाकी है। ट्रम्प अगले महीने 80 साल के हो जाएंगे। उन्होंने अपनी उम्र को लेकर भी मजाक किया। उन्होंने कहा, “मैं बुजुर्ग नहीं हूं; मैं बुजुर्ग से कहीं ज्यादा जवान हूं। मुझे आज भी वैसा ही महसूस होता है जैसा 50 साल पहले होता था।” इससे पहले भी ट्रम्प कई बार तीसरे टर्म का संकेत दे चुके हैं। ट्रम्प को तीसरी बार राष्ट्रपति बनाने का बिल पेश, फिर आगे नहीं बढ़ पाया इससे पहले एंडी ओगल्स ने 23 जनवरी 2025 को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में एक बिल पेश किया था। इस बिल का मकसद अमेरिकी संविधान में बदलाव करके डोनाल्ड ट्रम्प के लिए तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता खोलना था। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि जो व्यक्ति लगातार दो बार राष्ट्रपति नहीं रहा है, वह तीसरी बार चुनाव लड़ सके। चूंकि ट्रम्प 2020 में चुनाव हार गए थे, इसलिए इस बदलाव के बाद वे फिर से राष्ट्रपति बनने के लिए योग्य हो सकते थे। हालांकि यह बिल आगे नहीं बढ़ पाया और हाउस में वोटिंग तक भी नहीं पहुंच सका। दरअसल, अमेरिका में संविधान बदलना बहुत मुश्किल होता है। इसके लिए हाउस और सीनेट दोनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए होता है। मौजूदा हालात में रिपब्लिकन पार्टी के पास इतना बहुमत नहीं है। इसके अलावा, ऐसे बदलाव को लागू करने के लिए 50 में से कम से कम 38 राज्यों की मंजूरी भी जरूरी होती है। अभी कई राज्यों में विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी की सरकार है, इसलिए इस तरह का प्रस्ताव पास होना बहुत मुश्किल माना जाता है। 73 साल पहले 2 बार राष्ट्रपति बनने का नियम बना अमेरिका में पहले किसी व्यक्ति के सिर्फ 2 ही बार राष्ट्रपति बनने को लेकर कोई प्रावधान नहीं था। 1951 में संविधान में 22 संशोधन किया गया। इसके तहत ये नियम बनाया गया कि अमेरिका में कोई शख्स सिर्फ 2 बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। दरअसल, अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने दो टर्म के बाद रिटायरमेंट ले लिया था। उसके बाद से राष्ट्रपति के दो टर्म से ज्यादा सेवाएं न देने का अनौपचारिक नियम ही बन गया। इसके बाद अमेरिका में यह प्रथा बन गई। 31 अमेरिकी राष्ट्रपतियों में से किसी भी राष्ट्रपति ने इस प्रथा को नहीं तोड़ा, लेकिन फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के दौर में यह नियम टूट गया। वे 1933 से 1945 चार बार राष्ट्रपति चुनकर आए। क्या ट्रम्प संविधान बदल सकते हैं? ट्रम्प को तीसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव के लिए उतरना है तो उन्हें अमेरिकी संविधान में बदलाव करना होगा, जो इतना आसान नहीं है। ट्रम्प को इसके लिए अमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव दोनों में दो-तिहाई बहुमत से एक बिल पास कराना होगा। ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास दोनों सदनों में इतने सदस्य नहीं हैं। सीनेट में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास 100 में से 52 सीनेटर है। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में 435 में से 220 सदस्य हैं। ये संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो तिहाई यानी 67% बहुमत से काफी कम है। अगर ट्रम्प ये बहुमत हासिल कर लेते हैं तब भी उनके लिए संविधान में संशोधन करना इतना आसान नहीं होगा। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद इस संशोधन के लिए राज्यों से मंजूरी लेनी होती है। इसके लिए तीन चौथाई राज्यों का बहुमत मिलन के बाद ही संविधान में संशोधन हो सकता है। यानी 50 अमेरिकी राज्यों में से अगर 38 संविधान में बदलाव के लिए राजी हो जाए तो ही नियम बदल सकते हैं। पुतिन की स्ट्रैटजी अपना सकते हैं ट्रम्प ट्रम्प खुद भी कई बार कह चुके हैं कि वो दो कार्यकाल के बाद भी सत्ता में बने रहना चाहते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ट्रम्प को तीसरा कार्यकाल नहीं मिलता तो वे सत्ता में बने रहने के लिए दूसरे तरीके अपना सकते हैं। हैमिल्टन कॉलेज के प्रोफेसर फिलिप क्लिंकनर ने मुताबिक ट्रम्प 2028 में उपराष्ट्रपति बन सकते हैं और जेडी वेंस या किसी और को नाममात्र का राष्ट्रपति बना सकते हैं। ऐसा ही कुछ पुतिन ने रूस में किया था। इसके अलावा वो अपने परिवार के किसी सदस्य को राष्ट्रपति बना सकते हैं, ताकि पर्दे के पीछे से सरकार पर उनका कंट्रोल बना रहे। पुतिन 2000 से 2008 तक लगातार 2 बार रूस के राष्ट्रपति रह चुके थे। रूस के संविधान के मुताबिक वे लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकते थे। ऐसे में उन्होंने अपने खास दिमित्री मेदवेदेव को राष्ट्रपति बना दिया था। इस दौरान पुतिन उपराष्ट्रपति के पद पर रहे थे। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के बाद कौन संभालेगा अमेरिका: पहले उपराष्ट्रपति वेंस आगे थे, वेनेजुएला पर हमले के बाद विदेश मंत्री रूबियो का रुतबा बढ़ा अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के अगले अमेरिकी राष्ट्रपति बनने की संभावनाएं अचानक काफी बढ़ गई हैं। ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह वेनेजुएला पर की गई अमेरिकी कार्रवाई है। अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अगवा कर अमेरिका लेकर आ गए। यह मिलिट्री एक्शन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मंजूरी से हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
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