सितारों से सजी Met Gala 2026 की शाम, करण जौहर से लेकर ईशा अंबानी तक, इस अंदाज में नजर आए सितारे
हर साल मई के पहले सोमवार को दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट मेट गाला का आयोजन किया जाता है। इस बार यह आयोजन 4 मई को रखा गया, जहां दुनियाभर के सितारों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। यहां सभी अपनी कॉस्ट्यूम्स से लोगों को इंप्रेस करते नजर आए।
मेट गाला के रेड कार्पेट पर दुनियाभर के फिल्म, फैशन और स्पोर्ट्स से जुड़े सितारे न्यूयॉर्क सिटी के मेट्रोपॉलियन म्यूजियम ऑफ़ आर्ट पहुंचे। यहां पहुंचे सितारों को हर साल रखी जाने वाली थीम फॉलो करते हुए देखा गया। इस इवेंट को भारत के लोग हर साल अगले दिन देख पाते हैं। चलिए जान लेते हैं कौन से सितारे यहां पहुंचे और आप उन्हें कब और कहां देख सकते हैं।
क्या है Met Gala 2026 की थीम
हर साल मेट गाला की थीम रखी जाती है, जिसे फॉलो करते हुए अलग-अलग लुक में नजर आते हैं। इस साल की थीम कॉस्ट्यूम आर्ट रखी गई है। कुलमिलाकर ड्रेस कोड फैशन इज आर्ट है। इस थीम को ध्यान में रखते हुए म्यूजियम में कला और कपड़ों के रिश्ते को दिखाया जाएगा। चलिए जान लेते हैं कौन से सितारे यहां अपनी मौजूदगी दर्ज करवाते दिखाई दिए।
कारण जौहर का मेट गाला डेब्यू
बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म मेकर करण जौहर ने 2026 में मेट गाला में अपना डेब्यू किया। वह यहां पर भारतीय कला और शिल्प पर आधारित शानदार लुक में नजर आए। उन्हें मनीष मल्होत्रा द्वारा डिज़ाइन किया गया खास कॉस्ट्यूम पहना था। इस कॉस्ट्यूम पर राजा रवि वर्मा की कृतियों को सजाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रेम्ड इन ईटरनिटी नाम के इस आउटफिट में करण जौहर को पावर शोल्डर वाली स्ट्रक्चर्ड विंटेज जैकेट पहने देखा गया। इसके साथ 6 फीट लंबा एक केप था जिसमें बहुत बारीक कारीगरी की गई है। 80 कारीगरों के टीम में इसे 50 दिनों में तैयार किया है और यह पूरी तरह से हाथ से पेंट किया हुआ है। इस कॉस्ट्यूम में रवि वर्मा के कुछ मशहूर कलाकृतियां के विजुअल रेफरेंस देखने को मिले।
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सोने की साड़ी में ईशा अंबानी
भारतीय संस्कृति को जब भी वैश्विक मंच पर पेश करने की बात आती है तो अंबानी परिवार सबसे आगे रहता है। मेट गाला के इवेंट में ईशा अंबानी एक बार ऐसा ही करती नजर आईं। सुनहरी साड़ी में सजी हुई ईशा अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। उनकी इस साड़ी में पारंपरिक भारतीय कढ़ाई और सोने के धागों का इस्तेमाल किया गया है। गौरव गुप्ता द्वारा डिजाइन की साड़ी में समृद्ध भारत की झलक देखने को मिल रही थी। इस लुक में सबसे ज्यादा ध्यान दो चीजों ने खींचा। एक ईशा के बालों में सजा हुआ गजरा जो उनकी साड़ी के पल्लू जितना लंबा था और दूसरा उन्होंने अपने हाथ में आम पकड़ा हुआ था। इस रॉयल लुक को कंप्लीट करने के लिए ईशा ने जो ब्लाउज पहना था वह काफी स्टाइलिश था। इस पर ज्वेलरी की डिटेलिंग की गई थी जो उनकी मां नीता अंबानी के पर्सनल ज्वेलरी कलेक्शन से ली गई है।
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कहां देख सकते है इवेंट
मेट गाला का आयोजन न्यूयॉर्क में 4 मई की शाम 6 बजे शुरू हुआ। जिसे भारत में 5 मई की सुबह 3:30 के बाद से देखा जा सकता है। इंडियन ऑडियंस के लिए इस इवेंट को वोग मैग्जीन के ऑफिशल यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया गया। वहीं यूजर्स इसे Hulu live tv, peacock जैसे प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं।
UP Transfer Policy: नई तबादला नीति को मंजूरी, 31 मई तक होंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले, जानें डिटेल्स
उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है। 4 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई स्थानांतरण नीति (Transfer Policy) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 5 से 31 मई तक प्रदेश में तबादले हो सकेंगे।
नई तबादला नीति के तहत विभागाध्यक्ष और संबंधित मंत्री मिलकर कर्मचारियों के तबादले का निर्णय ले सकेंगे। आकांक्षी जिलों में कोई भी पद रिक्त न रखने की व्यवस्था जारी रहेगी। इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों (पति-पत्नी ) और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष प्रविधान किए जाएंगे।
नई तबादला नीति के प्रमुख बिन्दु
- जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरे कर चुके अधिकारी और कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे।
- समूह ‘क’ (Group A) और समूह ‘ख’ (Group B) के अधिकारियों के तबादले उनके संवर्ग (Cadre) में कार्यरत कुल संख्या के अधिकतम 20% तक किए जा सकेंगे।
- समूह ‘ग’ (Group C) और समूह ‘घ’ (Group D) के कर्मचारियों के लिए यह सीमा अधिकतम 10% रखी गई है।
- यदि किसी विभाग में इन सीमाओं से अधिक तबादले करने की आवश्यकता होती है, तो समूह ‘क’ और ‘ख’ के लिए मुख्यमंत्री और समूह ‘ग’ व ‘घ’ के लिए संबंधित विभागीय मंत्री की अनुमति अनिवार्य होगी।
- समूह क व ख के ऐसे अधिकारी जो अपने सेवाकाल में किसी जिले में 3 वर्ष पूरे कर चुके हैं, उनका तबादला किया जाएगा।
- मंडल में तैनाती की यह अवधि 7 वर्ष की होगी। विभागाध्यक्ष और मंडलीय कार्यालयों में की गई तैनाती की अवधि को इस समयसीमा में नहीं गिना जाएगा।
- समूह ख व ग के कार्मिकों के स्थानांतरण यथासंभव मेरिट आधारित ट्रांसफर सिस्टम के आधार पर किए जाने की व्यवस्था की गई है।
- मंडलीय कार्यालयों में तैनाती की अधिकतम सीमा 3 वर्ष होगी और इसके लिए सर्वाधिक समय से कार्यरत अधिकारियों के स्थानांतरण प्राथमिकता के आधार पर किए जाने की व्यवस्था की गई है।
- गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर या हृदय रोग) से जूझ रहे कर्मचारियों या उनके आश्रितों के मामले में भी प्राथमिकता के आधार पर राहत दी जाएगी।
- यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं, तो उन्हें यथासंभव एक ही जिले, नगर या स्थान पर तैनात किया जाएगा। यह नियम तब भी लागू होगा जब उनमें से एक केंद्र सरकार या किसी अन्य सरकारी उपक्रम में कार्यरत हो।
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