वैभव सूर्यवंशी से इस मामले में आगे निकले निकोलस पूरन, IPL में ऐसा करने वाले बने दूसरे बल्लेबाज
IPL 2026 का 47वां मुकाबला मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला जा रहा है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर मुंबई इंडियंस ने LSG को पहले बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया. जहां, लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से निकोलस पूरन ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया. पूरन ने महज 16 गेंद में अपनी ये फिफ्टी पूरी की और एक एलीट लिस्ट में शामिल हो गए, जिसमें उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है.
निकोलस पूरन ने 16 गेंदों में बनाई फिफ्टी
मुंबई इंडियंस के साथ खेले जा रहे मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के स्टार बल्लेबाज निकोलस पूरन ने कमाल की बल्लेबाजी की. उन्होंने मुंबई के गेंदबाजों पर धावा बोला और महज 16 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. हालांकि, पूरन अपनी इस पारी को ज्यादा बड़ा नहीं बना सके और 21 गेंदों में 63 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे. अपनी पारी में पूरन ने 8 छक्के लगाए और 1 चौका लगाया. वहीं, उनका स्ट्राइक रेट 300 का रहा.
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वैभव सूर्यवंशी को पूरन ने छोड़ा पीछे
IPL 2026 में निकोलस पूरन के बल्ले से पहली फिफ्टी मुंबई इंडियंस के खिलाफ आई है. मुंबई के खिलाफ पूरन ने 16 गेंदों में फिफ्टी लगाई. इसी के साथ वह आईपीएल में 20 गेंदों से कम गेंदों में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं.
निकोलस वैभव सूर्यवंशी से आगे निकल गए हैं. जी हां, निकोलस की ये आईपीएल में 5वीं फिफ्टी थी, जो उन्होंने 20 गेंदों से कम में पूरी की. जबकि वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में 4 बार 20 गेंदों से कम गेंदों में अर्धशतक लगाया है. वहीं, आईपीएल में 20 गेंदों से कम गेंदों में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम पर दर्ज है. उन्होंने 6 बार ये कारनामा किया है.
6- अभिषेक शर्मा
5 - निकोलस पूरन*
4- वैभव सूर्यवंशी
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LSG के लिए सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज:-
15 - निकोलस पूरन बनाम आरसीबी, बेंगलुरु, 2023
16 - निकोलस पूरन बनाम एमआई, वानखेड़े, 2026*
18 - निकोलस पूरन बनाम एसआरएच, हैदराबाद, 2025
19 - निकोलस पूरन बनाम एमआई, वानखेड़े, 2024
20 - काइल मेयर्स बनाम पीबीकेएस, मोहाली, 2023
20 - निकोलस पूरन बनाम डीसी, दिल्ली, 2024
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जापान के सुरक्षा बदलावों की कोशिशों को उत्तर कोरिया ने बताया शांति के लिए खतरा
प्योंगयांग, 4 मई (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने सोमवार को जापान की सुरक्षा से जुड़े बड़े कानूनों में बदलाव की कोशिश की आलोचना की और इसे दुनिया की शांति और इंसानियत के लिए खुली चुनौती बताया।
जापान इस साल अपने तीन अहम सुरक्षा दस्तावेज नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी, नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी और डिफेंस बिल्डअप प्रोग्राम को अपडेट करने की कोशिश कर रहा है।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम चीन की बढ़ती सैन्य ताकत और इलाके में बढ़ते सुरक्षा खतरों के जवाब में उठाया जा रहा है।
उत्तर कोरिया के सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन में छपे एक लेख में कहा गया कि यह जापान की चालाक साजिश है, जिससे वह दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच फिर से हमला करने की अपनी पुरानी मंशा को पूरा करना चाहता है।
लेख में कहा गया कि इन बदलावों में रक्षा बजट बढ़ाना, हथियारों के निर्यात पर लगी रोक हटाना और सेना की ताकत बढ़ाना शामिल है। उनका कहना है कि ये कदम जापान के हथियार उद्योग को फिर से खड़ा करने और उसकी युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए हैं।
पिछले महीने जापान सरकार ने रक्षा उपकरण और तकनीक के ट्रांसफर से जुड़े नियमों में बदलाव किया, जिससे अब वह घातक हथियारों समेत कई तरह के हथियार विदेशों में बेच सकेगा। इस फैसले के खिलाफ वहां बड़े पैमाने पर विरोध भी हुआ।
पहले जापान सिर्फ पांच तरह के गैर-लड़ाकू उपकरण जैसे बचाव, ट्रांसपोर्ट, चेतावनी, निगरानी और माइन हटाने वाले सामान ही निर्यात कर सकता था।
अब नए नियमों में उपकरणों को दो हिस्सों में बांटा गया है हथियार और गैर-हथियार, इस आधार पर कि उनमें नुकसान पहुंचाने की क्षमता है या नहीं।
गैर-हथियार जैसे रडार सिस्टम का निर्यात पहले की तरह जारी रहेगा, लेकिन अब जापान उन देशों को हथियार भी बेच सकेगा जिनके साथ उसका रक्षा जानकारी की सुरक्षा को लेकर समझौता है। इसमें मिसाइल और युद्धपोत जैसे हथियार भी शामिल हैं, जिनकी पहले इजाजत नहीं थी।
अक्टूबर 2025 में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा था कि वह देश की सैन्य ताकत को और तेजी से बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने मार्च 2026 तक रक्षा बजट को जीडीपी का दो प्रतिशत तक ले जाने और 2026 के अंत तक सुरक्षा से जुड़े तीनों बड़े दस्तावेजों को अपडेट करने का वादा किया था।
--आईएएनएस
एवाई/
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