Gold ETFs: गोल्ड ईटीएफ में गिरावट जारी, क्यों सोने की कीमतें गिर रहीं? निवेशकों को क्या करना चाहिए
Gold ETFs: सोने से जुड़े निवेश विकल्पों में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली। गोल्ड ईटीएफ दोपहर के कारोबार में लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। बाजार में यह गिरावट वैश्विक संकेतों की कमजोरी, मजबूत डॉलर और ऊंचे कच्चे तेल के दामों के कारण आई है। सेंसेक्स और निफ्टी-50 जैसे प्रमुख सूचकांकों में भले ही हल्की मजबूती रही, लेकिन सोने से जुड़े निवेश पर दबाव साफ दिखाई दिया।
एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ करीब 1.79% गिरा जबकि इनवेस्को इंडिया गोल्ड ईटीएफ में 1.42% की कमजोरी दर्ज की गई। इसी तरह एक्सिस गोल्ड ईटीएफ करीब 1.24% और निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ गोल्ड बीईईएस 0.83% नीचे रहा। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ भी करीब 1.06% गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा।
सोने में करीब 1 फीसदी की गिरावट
इस गिरावट का सीधा असर एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में भी दिखा। सोना करीब 1.09% यानी 1652 रुपये गिरकर 150889 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।
कच्चे तेल और डॉलर के कारण गोल्ड दबाव में
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बाजार पर कई वैश्विक कारक दबाव बना रहे हैं। मजबूत डॉलर और ऊंचे क्रूड ऑयल की कीमतें सोने के लिए नकारात्मक संकेत दे रही हैं। जब कच्चा तेल महंगा होता है तो डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव आता है। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। ऐसे में निवेशक सोने की बजाय अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। ईरान से जुड़े हालात और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। हालांकि कुछ राहत के संकेत भी हैं, जैसे अमेरिका द्वारा न्यूट्रल जहाजों की सुरक्षा का संकेत, लेकिन बाजार अभी भी असमंजस में है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह गिरावट घबराने की नहीं बल्कि रणनीति बनाने की स्थिति है। पिछले कुछ सालों में सोने में तेजी के बाद अब बाजार कंसोलिडेशन के दौर में है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव के पीछे न भागें और गिरावट में धीरे-धीरे निवेश करें। 2 से 3 साल के नजरिए से सोने में निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
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