योगी कैबिनेट बैठक आज, इन प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी! नई तबादला नीति और कर्मचारियों के डीए पर भी फैसला संभव
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज, 4 मई 2026 को दोपहर 3:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर अहम कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक में सबसे अहम वर्ष 2026-27 के लिए नई वार्षिक स्थानांतरण नीति ( New Transfer Policy) को मंजूरी दी जा सकती है।
प्रस्ताव के अनुसार, 31 मई 2026 तक राज्य कर्मचारियों के तबादले पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरे करने वाले कर्मचारी तबादले के दायरे में आएंगे। नई नीति के अनुसार समूह ‘क’ और ‘ख’ के वे अधिकारी जो किसी एक जिले में 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, उनका तबादला अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके तहत अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे। हालांकि इन अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी।
प्रस्ताव के अनुसार, समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के लिए सीमा 10 प्रतिशत तय की गई है, जिसे विशेष परिस्थितियों में 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इन वर्गों में तबादले विभागाध्यक्ष और विभागीय मंत्री की अनुमति से होंगे। आकांक्षी जिलों में कोई भी पद रिक्त न रखने की व्यवस्था जारी रहेगी। इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों (पति-पत्नी ) और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष प्रविधान किए जाएंगे।
इसके अलावा बैठक में राज्य कर्मचारियों के लिए 2% महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी पर मुहर लग सकती है। यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है। इसका लाभ 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। बैठक में निर्माण कार्यों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। तारकोल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर विचार-विमर्श किया जा सकता है। पुराने टेंडरों में बढ़े रेट की भरपाई के लिए राहत देने पर फैसला हो सकता है। विभिन्न विभागों के प्रशासनिक और विकास संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जा सकती है।
कब शुरू हो रहा है मलमास? शादी, मुंडन और गृहप्रवेश जैसे कामों पर लगेगी रोक, जानें नियम
जब सूर्य का किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश नहीं होता उसे समय मलमास या अधिक मास माना जाता है। इसका मतलब यह है कि सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन न करना धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना गया है। साल 2026 में जल्दी मलमास प्रारंभ होने जा रहा है। इस समय में शुभ काम नहीं किए जाते हैं।
मलमास के दौरान मुंडन, विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कामों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है। चलिए आपको बता देते हैं कि मई के महीने में मलमास कब से प्रारंभ हो रहा है और इससे जुड़े हुए प्रमुख नियम क्या हैं।
कब से लग रहा है मलमास
वैदिक पंचांग के मुताबिक मलमास की शुरुआत 17 मई से होने वाली है। यह 15 जून यानी पूरा महीना चलने वाला है। ऐसा कहते हैं कि इस दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है जो मांगलिक कामों के लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसलिए इन पर रोक होती है।
क्या नहीं करते?
- मलमास के दौरान शादी विवाह नहीं किए जाते। ऐसा कहते हैं कि जो इस समय शादी करता है उसके जीवन में हमेशा क्लेश बना रहता है।
- नए घर में प्रवेश या फिर नींव पूजन के लिए यह समय शुभ नहीं माना गया है।
- अगर जनेऊ संस्कार करना है तो वह भी इस अवधि में नहीं किए जाते।
- किसी भी दुकान, शोरूम या नए कारोबार की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। आर्थिक नुकसान हो सकता है।
मलमास में क्या करें?
- यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है इसलिए यह पुरुषोत्तम मास के नाम से भी प्रसिद्ध है। इस समय श्री हरि विष्णु की पूजा लाभकारी मानी गई है।
- इस महीने में जल, अनाज और तिल का दान करना बहुत फलदायक माना गया है।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय यह एक ऐसा मंत्र है। जिसका जाप आपको मानसिक शांति देने का काम करेगा।
- इस दौरान व्यक्ति को तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए और पूरी तरह से सात्विक भोजन करना चाहिए।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।
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