सीएम धामी ने की विकास घोषणाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, कहा- सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ करें काम
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों के लिए की गई मुख्यमंत्री विकास घोषणाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सीएम ने घोषणाओं को निश्चित समय सीमा में पूरा करने और उनकी प्रभावी निगरानी पर जोर दिया। सीएम धामी ने बिजली, पेयजल, वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष तथा सड़क से संबंधित समस्याओं के जल्द ही समाधान के लिए विभागों को अहम निर्देश भी दिए हैं।
सीएम धामी ने बैठक के दौरान अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकों द्वारा अपने क्षेत्रों से संबंधित जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरत से लेते हुए जल्द ही उनका समाधान करें।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घोषणाओं के अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 15 जून 2026 तक जारी किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान करें। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि घोषणाओं के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं जाएगी।
आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य
सीएम धामी ने घोषणाओं की समीक्षा बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता तक योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में जिला अधिकारी भी शामिल हुए, जहां विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी हो या किसी भी प्रकार का अपराध, सरकार ऐसे मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा सुचारु रूप से चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे एक सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि इस वर्ष यात्रा में बेहतर रिकॉर्ड बन रहा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय में विधानसभा यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन एवं कोटद्वार क्षेत्र की सीएम घोषणाओं की समीक्षा कर रहे हैं।#cmuttarakhand#governance#uttarakhand pic.twitter.com/qiJpmOxntf
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) May 2, 2026
एक लाइसेंस पर दो मेडिकल स्टोर, मरीज के इलाज की भी सुविधा, ग्रामीणों के जीवन के साथ खिलवाड़
उमरिया जिले में इन दिनों अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स का मामला गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक एक ही लाइसेंस पर एक ही नाम से दो अलग अलग जगह मेडिकल स्टोर संचालित किये जा रहे हैं, यहाँ बिना डॉक्टर के पर्चे मरीजों को दवाई दी जाती है उन्हें इंजेक्शन भी लगा दिए जाते हैं जो एक गंभीर बात है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस सबस एबेखाब्र बना हुआ है।
करकेली ब्लॉक के बिलासपुर बस स्टैंड क्षेत्र में शिव मेडिकल स्टोर के नाम से एक ऐसा मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा है, जो शासकीय भूमि का उपयोग कर नियमों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामवासियों का आरोप है कि इस मेडिकल स्टोर में न तो कोई पंजीकृत फार्मासिस्ट नियमित रूप से मौजूद रहता है और न ही दवाइयों के वितरण में किसी प्रकार के नियमों का पालन किया जाता है।
किराए के फार्मासिस्ट लाइसेंस पर फर्जीवाड़ा
ग्रामवासियों के अनुसार, यह मेडिकल स्टोर किराए के फार्मासिस्ट लाइसेंस पर संचालित किया जा रहा है, जो कि स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। इतना ही नहीं, यहां बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं। मेडिकल स्टोर के नाम पर इंजेक्शन, ड्रिप और बोतल चढ़ाकर ग्रामीणों का उपचार किया जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
मेडिकल स्टोर में मरीजों का इलाज
इसी तरह निगहरी क्षेत्र में “शिव” नाम से संचालित एक अन्य मेडिकल स्टोर भी किराए के लाइसेंस पर चलने की शिकायत सामने आई है। यहां भी नियमों की अनदेखी करते हुए मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जबकि यह कार्य केवल योग्य डॉक्टरों द्वारा ही किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों के कारण उनकी जान जोखिम में पड़ रही है। बिना योग्य चिकित्सकीय सलाह के दवाइयों का सेवन और उपचार गंभीर दुष्परिणाम दे सकता है। इसके बावजूद संबंधित मेडिकल स्टोर्स खुलेआम नियमों की अनदेखी कर अपना कारोबार चला रहे हैं।
CMHO ने दिया कार्रवाई का भरोसा
इस मामले में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ वी एस चंदेल से बात की गई, तो उनका कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और जल्द ही जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव ग्रामीणों में नाराजगी का कारण बना हुआ है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी मेडिकल स्टोर्स नियमों के अनुसार ही संचालित हों और वहां योग्य फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य हो।
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