आईडीएफ का बड़ा हमला, हिजबुल्लाह के 120 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
यरूशलम, 2 मई (आईएएनएस)। इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने शनिवार को बताया कि उसने हिजबुल्लाह के लगभग 120 ठिकानों पर हमला किया है।
आईडीएफ के अनुसार, उसकी सेना ने हवाई हमलों के जरिए कई ठिकानों को निशाना बनाया और दक्षिणी लेबनान में आईडीएफ की सेना के पास सक्रिय आतंकियों को भी मार गिराया।
उसने कहा कि इन हमलों में करीब 70 सैन्य इस्तेमाल वाली इमारतें और लगभग 50 हिजबुल्लाह के ढांचे नष्ट कर दिए गए, जो अलग-अलग इलाकों में थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में हिजबुल्लाह के लड़ाकों की ओर से इस्तेमाल किया जाने वाला मुख्यालय, हथियारों का गोदाम और अन्य ढांचे भी निशाना बनाए गए।
आईडीएफ ने एक्स पोस्ट करते हुए बताया कि उसके वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान में एक भरा हुआ और लॉन्च के लिए तैयार रॉकेट लॉन्चर भी नष्ट किया, जिसे इजरायल की ओर निशाना बनाया गया था।
यह भी कहा कि हिजबुल्लाह “सीजफायर समझौतों का बार-बार उल्लंघन कर रहा है।”
आईडीएफ के अनुसार, उसकी वायुसेना ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली सेना की ओर दागे गए एक रॉकेट को भी रोक दिया। साथ ही बताया गया कि कई बार हिजबुल्लाह ने रॉकेट और विस्फोटक ड्रोन दागे हैं, जो उस इलाके के पास गिरे जहां इजरायली सेना काम कर रही थी।
इसके अलावा, आईडीएफ ने यह भी बताया कि उसकी वायुसेना ने दो हवाई लक्ष्यों को इजरायल की सीमा में घुसने से पहले ही रोक दिया।
आईडीएफ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पिछले हफ्ते उसकी सेना, जूडिया और सामरिया बॉर्डर पुलिस और शिया जिला पुलिस ने मिलकर 80 से ज्यादा वांछित लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ऐसा आतंकी भी शामिल था जिसने इजरायली सेना पर गोली चलाई थी, साथ ही हमास समर्थक, हथियार रखने वाले, बम बनाने वाले, पत्थरबाज और मोलोटोव कॉकटेल फेंकने वाले लोग भी शामिल थे।
उसने यह भी बताया कि इन अभियानों के दौरान लगभग 20 हथियार बरामद और जब्त किए गए, जिनमें देसी कार्लो टाइप हथियार, शॉटगन, एम-16, पिस्तौल, शिकार राइफल, एम-4 शामिल हैं। साथ ही गोलियां, सैन्य सामान और भड़काऊ सामग्री भी मिली।
इसके अलावा, तीन ऐसी मशीनें भी जब्त की गईं जो हथियार और गोला-बारूद बनाने के लिए इस्तेमाल होती थीं, साथ ही सात ड्रोन और तैयार विस्फोटक भी बरामद किए गए।
आईडीएफ ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को आगे की जांच के लिए सुरक्षा बलों को सौंप दिया गया है और हथियारों को जांच के लिए शाआर डिस्ट्रिक्ट पुलिस को भेजा गया है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
दक्षिण गुजरात आर्थिक छलांग के लिए तैयार: जेपी नड्डा
सूरत, 2 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि दक्षिण गुजरात का विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरना राज्य की व्यापक आर्थिक शक्ति और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता को दर्शाता है।
वे सूरत के ऑरो विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन ने आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी आर्थिक छलांग लगाने की नींव रखी है।
क्षेत्रीय शक्तियों पर प्रकाश डालते हुए नड्डा ने कहा कि सूरत के हीरा और वस्त्र उद्योग, साथ ही भरूच, दहेज और अंकलेश्वर के रसायन और उर्वरक क्लस्टर वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग अब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे और यह क्षेत्र और राज्य दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
गुजरात के आर्थिक प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए नड्डा ने कहा कि राज्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 8 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में 17 प्रतिशत, माल निर्यात में 27 प्रतिशत और कुल माल ढुलाई में 40 प्रतिशत का योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, गुजरात एक वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ और प्रतिस्पर्धी आर्थिक इंजन के रूप में विकसित हुआ है।
नीतिगत बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2003 से पहले उद्योगपतियों और सरकार के बीच एक खाई थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई वाइब्रेंट गुजरात पहल ने संवाद और सहयोग की संस्कृति को जन्म दिया।
उन्होंने कहा कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन गया है, और ऐसे प्रयासों ने भारत को वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्यों में से एक के रूप में उभरने में मदद की है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए नड्डा ने कहा कि गुजरात ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, गिफ्ट सिटी और हाई-स्पीड रेल जैसी परियोजनाओं के माध्यम से यह दिखाया है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों को अवसर में बदला जा सकता है।
--आईएएनएस
एमएस/
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