हैट्रिक से लेकर वर्ल्ड कप तक... कौन है भारतीय क्रिकेट की नई 'स्पीड गन', जिसकी डब्ल्यूपीएल ने बदल दी किस्मत
who is Nandani Sharma t20 world cup squad: चंडीगढ़ की 24 वर्षीय तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने डब्ल्यूपीएल में अपनी घातक गेंदबाजी और ऐतिहासिक हैट्रिक से सभी को प्रभावित किया. परिवार के समर्थन, खुद की कड़ी मेहनत और वेंकटेश प्रसाद जैसे कोचों के मार्गदर्शन से निखरी नंदिनी अब भारतीय टीम की नई 'स्पीड गन' बन चुकी हैं.उनके शानदार फॉर्म और निरंतरता के कारण उन्हें 14 जून से इंग्लैंड में शुरू होने वाले टी20 महिला विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम में जगह मिली है.
FDI In Insurance: इंश्योरेंस में 100% और LIC में 20% विदेशी निवेश, सरकार ने बदल दिए नियम, इससे क्या होगा?
बीमा क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया। केंद्र सरकार ने बीमा कंपनियों में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दे दी। यह निवेश ऑटोमैटिक रूट के तहत होगा, यानी विदेशी कंपनियों को अलग से सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एलआईसी के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है, जहां विदेशी निवेश की सीमा 20 फीसदी ही रहेगी।
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश इंश्योरेंस एक्ट 1938 के प्रावधानों के तहत होगा। साथ ही, जिन कंपनियों में विदेशी निवेश आएगा, उन्हें बीमा और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए ईरडा से जरूरी लाइसेंस या मंजूरी लेनी होगी।
एलआईसी के मामले में भी साफ किया गया है कि इसमें निवेश लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन एक्ट 1956 और संबंधित कानूनों के तहत ही होगा। एलआईसी में विदेशी निवेश पर 20 फीसदी की सीमा पहले की तरह लागू रहेगी।
यह फैसला उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की प्रेस नोट 1 (2026 सीरीज) के जरिए लागू किया गया। इसके तहत घरेलू बीमा कंपनियों में विदेशी निवेश, जिसमें पोर्टफोलियो निवेश भी शामिल है, अब ऑटोमैटिक रूट के जरिए संभव होगा, बशर्ते नियामकीय मंजूरी और जांच पूरी हो।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में संसद ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी। 'सबका बीमा, सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025' को दोनों सदनों से पारित किया गया था। विपक्ष की ओर से इसे संसदीय समिति के पास भेजने जैसे कई संशोधन प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि इससे बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बीमा की पहुंच बढ़ाने की अभी भी काफी गुंजाइश है और यह कदम उस दिशा में मदद करेगा।
सरकार का मानना है कि 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति मिलने से ज्यादा विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार में आएंगी। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बीमा प्रीमियम कम हो सकते हैं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कुल मिलाकर, यह फैसला बीमा क्षेत्र को और अधिक खुला और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका फायदा उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों को मिल सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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