गर्मियों में पिएं पतंजलि के ये 5 पारंपरिक इंडियन शरबत, बनाना भी आसान
Patanjali Best Summer Drinks: इन दिनों देश में तेद गर्मी पड़ रही है. गले को राहत देने के लिए लोग शुगर युक्त कोल्ड-ड्रिंक का सेवन ज्यादा करने लगे हैं, जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होती है. इस गर्मी में ठंडा शरबत पीने से कई फायदे मिलते हैं. मगर शरबत पारंपरिक और भारतीय जड़ी-बूटियों से बना हो तो. पतंजलि ने घर पर शरबत बनाने के लिए कुछ बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध करवाएं हैं. पतंजलि आपको शरबत की कई किस्में पेश करता है, जिसे आप अपने मेहमानों को परोस सकते हैं. गर्मियों में रोजाना खुद भी पी सकते हैं.
जड़ी-बूटियों से तैयार 5 प्रकार के शरबत
स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा स्थापित पतंजलि कंपनी ने इन शरबतों को प्राकृतिक और भारतीय आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बनाया है. ये शरबत आप विभिन्न स्वादों में खरीद सकते हैं जैसे कि खास शरबत, गुलाब शरबत, बेल शरबत, ब्राह्मी शरबत और आम का पन्ना. इनमें स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक तत्व भी है, जो गर्मियों में शरीर को लू से बचाएगा.
क्यों चुने पतंजलि के शरबत?
गर्मियों में ये एनर्जी ड्रिंक्स पोषण देने के साथ-साथ शरीर की ऊर्जा भी बढ़ाती हैं. इस पारंपरिक शरबत में कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हैं. यह सिरप से कहीं अधिक है, इसमें फल और फूल भी शामिल हैं. इन शरबतों को खरीदने के लिए आप पतंजलि की ऑफिशियल वेबसाइट और स्टोर्स पर जा सकते हैं.
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ऐसे बनाएं शरबत
1.आम पन्ना- इसे मैंगो पन्ना भी कहा जाता है. इसमें आम का असली स्वाद है, जो भारतीयों को बेहद पसंद आएगा. इसे जड़ी-बूटियों के साथ तैयार किया गया है. गर्मियों में लोग डिहाइड्रेशन से परेशान हो जाते हैं, ऐसे में आप आम पन्ना पीना सबसे बेस्ट है. इसे बनाना काफी आसान है. दो चम्मच आम पन्ना सिरप को ठंडे पानी में मिलाएं और हल्का सेंधा नमक डालकर पिएं. आप इसमें बर्फ के टुकड़े भी डाल सकते हैं.
2. ब्राह्मी शरबत- पतंजलि ब्राह्मी शरबत प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पौधों से बनाया जाता है, जो शरीर को स्वस्थ और त्वचा को सुंदर बनाता है. यह एक गाढ़ा सिरप है जिसमें सूजनरोधी गुण होते हैं. इसलिए, आप इसे आयुर्वेदिक औषधि के रूप में ले सकते हैं. गर्मियों में ब्राह्मी शरबत आपके शरीर को ऊर्जा भी देता है. इसे बनाने के लिए पानी में 2 चम्मच शरबत सिरप मिलाएं और बर्फ डालकर पिएं. आप चाहे तो मिठास के लिए थोड़ी चीनी मिला सकते हैं.
3.गुलाब शरबत- गुलाब शरबत भारत का काफी पुराना और मशहूर शरबत का प्रकार है. पतंजलि गुलाब शरबत में गुलाब की पंखुड़ियां होती हैं, जो अपनी खास सुगंध के लिए जानी जाती हैं. यह हर्बल उत्पाद स्किन को स्वस्थ बनाने के साथ-साथ सहनशक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है. यह खून को शुद्ध करता है और UTI से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है. गुलाब शरबत सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक सेहतमंद उत्पाद है. गर्मियों में गुलाब शरबत शरीर को ठंडा करता है. इसे बनाने के कई तरीके हैं. आप सादे या ठंडे पानी में इसे डालकर पी सकते हैं. नींबू पानी में डालकर पी सकते हैं. ठंडे दूध या लस्सी में भी इसे मिलाकर पी सकते हैं.
4.बेल शरबत- गर्मियों में बेल का शरबत भारत के कई राज्यों में पिया जाता है. पतंजलि का बेल शरबत काफी किफायती और बिना मेहनत बनाकर पिया जा सकता है. इसे मौसमी ग्रीष्म फल के रूप में भी जाना जाता है, इसलिए यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है. लू लगने या अन्य बीमारियों से राहत पाने के लिए आप इसे अपने रोज पी सकते हैं. बेल शरबत पीने से पाचन क्रिया सही रहती है और शरीर के अंग हाइड्रेट रहते हैं. बेल शरबत मिनरल्स और विटामिन से भरपूर है, इसलिए गर्मियों में इसे पीना चाहिए. बेल शरबत को बनाने की विधि है. एक गिलास पानी में 2 बड़े चम्मच बेल शरबत सिरप मिलाएं. बर्फ के टुकड़े डालें और सर्व करें. इसे चने के सत्तू के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं.
5.खस शरबत- यह शरबत प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है, इसलिए इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है. इसे बनाने के लिए खस की जड़ से रस निकाले जाते हैं. खस शरबत में जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो गर्मियों में ब्लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और स्किन के लिए भी कई लाभ प्रदान करते हैं. खस एक पारंपरिक हर्बल उत्पाद है, जिसका उपयोग स्किन प्रॉब्लम्स को दूर कर सकता है. खस शरबत को बनाने के लिए 1 गिलास पानी में सिरप डालें और मिलाकर पिएं.
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मध्य पूर्व में तनाव के बाद भी निर्यातकों में उत्साह बरकरार, हॉर्मुज के बंद होने से अलग-अलग मार्गों से हो रहा निर्यात: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के बाद भी निर्यातकों का उत्साह बना हुआ है और हॉर्मुज के बंद होने के बाद भी अलग-अलग मार्गों से निर्यात किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने मार्गों का जिक्र नहीं किया।
एक कार्यक्रम के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए गोयल ने कहा,मध्य पूर्व में युद्ध के बावजूद निर्यातकों में जबरदस्त उत्साह है। अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में हमारा निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। जैसे-जैसे नए ट्रेड एग्रीमेंट अमल में आ रहे हैं। निर्यातकों के लिए संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) होने से भारतीय निर्यातकों के लिए विश्व के दो-तिहाई बाजार खुल चुके हैं। इससे ऑटो, ऑटो पार्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सीफूड और सर्विस सेक्टर में अवसर बढ़ रहे हैं।
अमेरिका-भारत एफटीए पर गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। पिछले हफ्ते हमारी टीम बातचीत के बाद वहां से लौटी है और चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
फरवरी 2026 में अमेरिका और भारत में एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता हुआ था और दोनों देशों ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए सहमति जताई थी।
इससे पहले गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई नए क्षेत्रों में अपार संभावनाएं खुलेंगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर अब शून्य (जीरो) शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस समझौते के जरिए न्यूजीलैंड का बाजार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खुल गया है। इसके अलावा शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा और पारंपरिक चिकित्सा, विशेष रूप से आयुष से जुड़े क्षेत्रों में भी सहयोग को लेकर अहम करार किए गए हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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