Iran US War Updates | Donald Trump की नई चाल: होर्मुज़ जलडमरूमध्य की लंबी घेराबंदी कर ईरान को आर्थिक रूप से तोड़ने की रणनीति
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक नए और बेहद संवेदनशील स्तर पर पहुँच गया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को घुटनों पर लाने के लिए एक नई और आक्रामक समुद्री रणनीति पर विचार कर रहे हैं। इस रणनीति का मुख्य केंद्र दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है। खबर है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ लंबे समय तक समुद्री दबाव बनाने की मुहिम की तैयारी कर रहा है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में लंबी घेराबंदी की संभावना भी शामिल है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से ईरान के समुद्री व्यापार मार्गों को निशाना बनाने वाली एक लंबी अवधि की रणनीति के लिए तैयार रहने को कहा है।
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इस योजना को, कम समय के उपायों से हटकर, एक ज़्यादा टिकाऊ और लगातार चलने वाले तरीके की ओर एक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। उम्मीद है कि इससे तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा, क्योंकि उसके लिए ज़रूरी समुद्री मार्गों तक पहुंच सीमित हो जाएगी और ईरान के मुख्य बंदरगाहों से जुड़ा व्यापार भी बाधित होगा।
खास बात यह है कि कहा जा रहा है कि ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला दिया गया है, इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया था कि पहले समुद्री गतिविधियों पर लगी पाबंदियों में ढील दी जाए और सामान्य समुद्री जहाज़ों का आवागमन फिर से शुरू किया जाए; इसके बाद ही परमाणु हथियारों से जुड़ी बातचीत समेत अन्य बड़े मुद्दों पर चर्चा की जाए। हालांकि, वॉशिंगटन इस समय इस सुझाव को मानने के लिए तैयार नहीं है।
किंग चार्ल्स III से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे विवाद का ज़िक्र किया
ट्रंप ने किंग चार्ल्स III से अपनी मुलाकात के दौरान ईरान के साथ चल रहे विवाद का भी ज़िक्र किया। किंग चार्ल्स III ने व्हाइट हाउस में ट्रंप और उनकी पत्नी, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप द्वारा आयोजित राजकीय भोज में हिस्सा लिया था। भोज के दौरान दिए जा रहे अपने भाषण को बीच में रोकते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को "सैन्य रूप से हरा दिया है।" उन्होंने आगे कहा कि किंग चार्ल्स III भी इस बात से "मुझसे भी ज़्यादा सहमत हैं" कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
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ट्रंप का दावा: ईरान ने कहा है कि वह "पूरी तरह से ढहने की कगार पर है"
ट्रंप ने कहा है कि हाल ही में ईरान ने अमेरिका को बताया है कि वह "पूरी तरह से ढहने की कगार पर है।" उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए यह बात कही। अपने बयान में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को "जितनी जल्दी हो सके" खोलने की गुज़ारिश की है। उन्होंने कहा कि यह गुज़ारिश ऐसे समय में आई है, जब ईरान अपने नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता को संभालने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप ने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि ईरान, अमेरिका के साथ संभावित बातचीत को लेकर अपने अंदरूनी मतभेदों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान के नेतृत्व के बीच मौजूद ये मतभेद आखिरकार सुलझ जाएंगे।
मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, डिफेंस और ऑटो में तेजी
मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक हुई। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 306 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,193 और निफ्टी 88 अंक या 0.33 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,085 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी का नेतृत्व ऑटो और डिफेंस शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑटो टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी फार्मा भी हरे निशान में थे। वहीं, निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी पीएसई लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ स्मॉलकैप और मिडकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149 अंक या 0.83 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,125 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 208 अंक या 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,628 पर था।
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, आईटीसी, टेक महिंद्रा, इटरनल, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, टीसीएस, ट्रेंट और एसबीआई गेनर्स थे। टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि यूएई के ओपेक से बाहर होने से कच्चे तेल की कीमत पर हल्का दबाव देखने को मिला है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव के चलते यह अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। अब बाजार की निगाहें फेड की बैठक पर रहेंगी, जिसके फैसला आज रात को आएगा।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। शंघाई, हांगकांग, सोल , जकार्ता और बैंकॉक हरे निशान में थे, जबकि जापानी बाजार राष्ट्रीय छुट्टी के कारण बंद हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
--आईएएनएस
एबीएस/
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