भिंडी की खेती में 'पीला मोजेक' बना काल, 5 दिन न तोड़ें भिंडी, जानें बताए बचाव के तरीके
Okra Cultivation Tips: गर्मियों में भिंडी की खेती किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया है, लेकिन पीला मोजेक रोग फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. पादप सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. नूतन वर्मा के अनुसार यह रोग सफेद मक्खी से फैलता है, जिससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और पौधे की बढ़वार रुक जाती है. इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होते है. रोग की शुरुआत पत्तियों की नसों के पीले होने से होती है. समय रहते संक्रमित पौधों को खेत से हटाना जरूरी है. सफेद मक्खी नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 2 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. 15 दिन बाद दोबारा थायमैथाएट का प्रयोग किया जा सकता है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दवा छिड़काव के बाद कम से कम 5 दिन तक भिंडी की तुड़ाई न करें. सही प्रबंधन अपनाकर किसान फसल बचाने के साथ अच्छा मुनाफा कमा सकते है.
बागेश्वर के इस बगीचे में लगे हैं 280 पहाड़ी औषधि, फ्री में प्रकृति के साथ ले एडवेंचर का मजा, जाने
देवकी लघु वाटिका में करीब 280 प्रकार के पहाड़ी औषधीय पौधे लगाए गए हैं. यहां आने वाले लोगों को जड़ी-बूटियों के उपयोग, उनके औषधीय गुण और संरक्षण के बारे में जानकारी दी जाती है. पहाड़ों में मिलने वाले कई ऐसे पौधे भी यहां मौजूद हैं, जो अब कम दिखाई देते हैं. इसलिए यह स्थान शोध करने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है. यहां सिर्फ पौधे ही नहीं, बल्कि मूंगा रेशम की खेती भी की जाती है.
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