नीदरलैंड और फिनलैंड की यात्राओं के दौरान कृषि व उद्योग जगत से जुड़े अहम समझौते किए: भगवंत मान
चंडीगढ़, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को नीदरलैंड और फिनलैंड की अपनी यात्राओं का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में ठोस वैश्विक साझेदारियां हासिल की हैं, जिनसे किसानों, युवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा।
भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार का प्राथमिक लक्ष्य पंजाब को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना और राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करके नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस यात्रा के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के तहत, पंजाब में एक नई सेमीकंडक्टर अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिससे मोहाली एक प्रमुख आईटी हब के रूप में विकसित होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, हमारे शिक्षक विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड जा रहे हैं, ताकि पंजाब के बच्चों को आधुनिक तकनीकों से लैस शिक्षा प्रदान की जा सके।
साथ ही, नीदरलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी सलाहकार के रूप में हमारे युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे। कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने के लिए, बागवानी और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके लिए पीएयू के सहयोग से आधुनिक कृषि मॉडल अपनाए जाएंगे।
पुष्पकृषि और नई तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। पंजाब सरकार राज्य के हर क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नंबर वन बनाने और जनता की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जेआईसीए समर्थित 1,300 करोड़ रुपये के अनुदान, वैश्विक कंपनियों की प्रबल रुचि और क्यूकेनहोफ से फिनलैंड तक उन्नत कृषि-तकनीक सहयोग के चलते ये रणनीतिक गठबंधन फसल विविधीकरण को गति देंगे, निवेश आकर्षित करेंगे और पंजाब को नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उच्च मूल्य वाली कृषि के वैश्विक केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री मान ने कहा, प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी केंद्र क्यूकेनहोफ का दौरा किया, जहां प्रतिदिन 40,000 पर्यटक आते हैं और वहां के प्रतिनिधियों से बातचीत की।”
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में साझेदारी के अवसरों का पता लगाना था और उन्होंने बागवानी के विकास के लिए सहयोग पर चर्चा की तथा पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं का भी पता लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेआईसीए द्वारा किए जा रहे 1,300 करोड़ रुपये के निवेश के अलावा यह साझेदारी फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य औद्योगिक निवेश और साझेदारी को बढ़ावा देना, शिक्षा और अनुसंधान आदान-प्रदान में सहयोग को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान देना और पंजाब के समग्र विकास की योजना बनाना भी था।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि यात्रा के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों और सतत खेती में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाया गया और उच्च मूल्य वाली फसलों और निर्यात-गुणवत्ता वाले उत्पादन के लिए सहयोग करने पर सहमति बनी। इस यात्रा ने नए औद्योगिक निवेश और साझेदारियों के साथ-साथ कौशल विकास और शैक्षिक आदान-प्रदान के अवसरों के द्वार खोले हैं.
उन्होंने कहा कि रणनीतिक साझेदारी बनाने पर जोर देते हुए प्रौद्योगिकी और नवाचार आदान-प्रदान पर भी एक समझौता हुआ।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र का दौरा किया और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने पंजाबी समुदाय के साथ भी बातचीत की और प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इनडोर खेती में एक वर्ग मीटर से 100 किलोग्राम टमाटर का उत्पादन किया जा सकता है, जबकि बाहरी भूमि पर केवल छह किलोग्राम ही प्राप्त होता है।
--आईएएनएस
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केजरीवाल और मनीष सिसोदिया गांधी समाधि पर जाकर हुए नतमस्तक, सत्याग्रह के मार्ग पर डटे रहने की मांगी शक्ति
Delhi News: दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया मंगलवार को राजघाट पहुंचे. वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर नतमस्तक होकर देश की वर्तमान परिस्थितियों में सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. इस मौके पर उनके साथ पार्टी के तमाम विधायक और बड़ी संख्या में उत्साहित कार्यकर्ता भी मौजूद थे. राजघाट का माहौल पूरी तरह से भक्ति और संकल्प से भरा नजर आया, जहां नेताओं ने बापू को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की बात कही.
सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का संकल्प
अरविंद केजरीवाल ने राजघाट पर मत्था टेकने के बाद कहा कि महात्मा गांधी ने दुनिया को सत्याग्रह की ताकत दिखाई थी. आज जब देश में चुनौतियां बड़ी हैं, तो उन्हें फिर से उसी मार्ग की याद आई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पूरी टीम बापू के आशीर्वाद से इस कठिन पथ पर पूरी निष्ठा के साथ अडिग रहेगी. केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी भावनाओं को साझा करते हुए लिखा कि बापू की प्रार्थना उन्हें हमेशा शक्ति प्रदान करती है. उन्होंने यह विश्वास जताया कि सत्य के रास्ते पर चलते हुए कितनी भी मुश्किलें आएं, वे पीछे नहीं हटेंगे.
न्यायपालिका के प्रति सम्मान
मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया. उन्होंने कहा कि वे देश की न्याय प्रणाली और अदालतों का दिल से सम्मान करते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि इसी न्याय व्यवस्था की वजह से आज वे और उनके साथी आजाद हैं और उन्हें जमानत मिली है. हालांकि, उन्होंने यह भी इशारा किया कि कुछ ऐसी असाधारण परिस्थितियां बन गई हैं, जिनके कारण उन्हें सत्याग्रह जैसा बड़ा कदम उठाना पड़ रहा है. केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने अपनी बात और चिंताओं को एक पत्र के माध्यम से जज साहिबा तक भी पहुंचा दिया है, जिसमें विस्तार से सारी बातों का जिक्र किया गया है.
मनीष सिसोदिया ने दिखाई अटूट निष्ठा
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इस अवसर पर बापू को याद किया. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा सिखाया कि सत्य के लिए आत्मबल की जरूरत होती है. सिसोदिया ने बताया कि राजघाट आकर उनका संकल्प और भी मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि आज के समय में सत्य की राह पर चलना आसान नहीं है, लेकिन बापू की प्रेरणा उन्हें हर बाधा से लड़ने की हिम्मत देती है. उनके अनुसार, यह सत्याग्रह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की एक बड़ी कोशिश है.
कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह
राजघाट पर मौजूद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखने को मिला. कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपने नेताओं का समर्थन किया. पार्टी के नेताओं का मानना है कि गांधी जी के दिखाए रास्ते पर चलकर ही वे मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों का मुकाबला कर सकते हैं. पूरी पार्टी ने एक सुर में यह संदेश देने की कोशिश की कि वे किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं. इस यात्रा के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने जनता को यह बताने का प्रयास किया है कि उनकी राजनीति गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित है और वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
केजरीवाल और सिसोदिया की इस राजघाट यात्रा को आगामी चुनावों और मौजूदा कानूनी विवादों के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आप नेतृत्व एक बार फिर से 'सत्याग्रह' के जरिए जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहा है. बापू की समाधि पर जाकर संकल्प लेना यह दर्शाता है कि पार्टी अब अपनी लड़ाई को जमीन पर और भी आक्रामक तरीके से लड़ने की योजना बना रही है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्याग्रह का यह मार्ग दिल्ली की राजनीति में क्या नया मोड़ लेकर आता है.
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